MR Act 65अध्याय XI · Offences and Penalties
धारा 65 · मेट्रो रेलवे अधिकारी द्वारा यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालना।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
यदि कोई मेट्रो रेलवे अधिकारी, ड्यूटी पर रहते हुए किसी यात्री की सुरक्षा को खतरे में डालता है, तो--
(क) किसी जल्दबाजी या लापरवाहीपूर्ण कार्य या चूक द्वारा; या
(ख) किसी ऐसे नियम, विनियम या आदेश का उल्लंघन करके जिसका पालन करना ऐसे अधिकारी के लिए उसके रोजगार की शर्तों के अनुसार अनिवार्य था और जिसकी उसे सूचना थी,
उसे पांच वर्ष तक के कारावास, या छह हजार रुपये तक के जुर्माने, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(क) किसी जल्दबाजी या लापरवाहीपूर्ण कार्य या चूक द्वारा; या
(ख) किसी ऐसे नियम, विनियम या आदेश का उल्लंघन करके जिसका पालन करना ऐसे अधिकारी के लिए उसके रोजगार की शर्तों के अनुसार अनिवार्य था और जिसकी उसे सूचना थी,
उसे पांच वर्ष तक के कारावास, या छह हजार रुपये तक के जुर्माने, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
अपराध एक नज़र में
- अधिकतम दंड
- 5 वर्ष
- जुर्माना
- ₹6,000
- संज्ञेय
- संज्ञेय
- जमानतीय
- अजमानतीय
- समझौता योग्य
- समझौता योग्य नहीं
- विचारण न्यायालय
- प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
- संज्ञेय — पुलिस बिना वारंट गिरफ़्तार कर सकती है
- अजमानतीय — जमानत न्यायालय के विवेक पर है
प्रथम अनुसूची भाग II के नियम से निकाला गया — धारावार सूचीबद्ध नहीं
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