AR Act 3अध्याय I · Preliminary
धारा 3 · इस अधिनियम के अधीन आने वाले व्यक्ति।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) निम्नलिखित व्यक्ति (चाहे प्रतिनियुक्ति पर हों या किसी अन्य रूप से नियोजित हों) इस अधिनियम के अधीन होंगे, चाहे वे कहीं भी हों, अर्थात्:—
(क) अधिकारी और अधीनस्थ अधिकारी; और
(ख) इस अधिनियम के अंतर्गत नामांकित अवर अधिकारी एवं अन्य व्यक्ति।
(2) इस अधिनियम के प्रारंभ होने के समय बल में विद्यमान सदस्यों को इस अधिनियम के अंतर्गत नियुक्त या, जैसा भी मामला हो, नामांकित माना जाएगा।
(3) उपधारा (1) में किसी बात के होते हुए भी, कोई भी व्यक्ति जो सेना अधिनियम, 1950 (46 ऑफ 1950) की धारा 3 के खंड (xxi) के तहत परिभाषित नियमित सेना से प्रतिनियुक्ति पर सेना में कार्यरत है, इस अधिनियम के अधीन नहीं होगा और ऐसी प्रतिनियुक्ति की अवधि के दौरान सेना अधिनियम, 1950 के अधीन माना जाएगा।
बशर्ते कि ऐसे व्यक्ति को अपने कर्तव्यों और अनुशासन के संबंध में बल के उस सदस्य के अधीन माना जाएगा जिसके अधीन वह व्यक्ति उस समय तैनात है:
इसके अलावा, यदि ऐसे व्यक्ति के मामले में, उसके कर्तव्यों और अनुशासन के प्रयोजनों के लिए, धारा 2 की उपधारा (1) के खंड (क) में परिभाषित "सक्रिय कर्तव्य" अभिव्यक्ति को सेना अधिनियम, 1950 (46 ऑफ 1950) की धारा 3 के खंड (i) में परिभाषित "सक्रिय सेवा" माना जाएगा, तो उक्त सेना अधिनियम के प्रावधानों के तहत उसके विरुद्ध कोई कार्रवाई की जाएगी।
(4) कोई भी व्यक्ति जो इस अधिनियम के अधीन नहीं है, यदि उसे बल के सदस्यों के साथ किसी सेवा के लिए तैनात किया जाता है या बल के सदस्यों के साथ जाने या उन्हें किसी भी प्रकार से कोई सेवा प्रदान करने के लिए नियुक्त किया जाता है—
(i) शिविर;
(ii) मार्च की रेखा;
(iii) सीमा चौकी;
(iv) सक्रिय ड्यूटी; या
(v) आतंकवाद विरोधी अभियान,
केंद्र सरकार द्वारा इस संबंध में अधिसूचना द्वारा निर्दिष्ट किए जाने तक, उसे बल का सदस्य माना जाएगा, जब तक कि उसे इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचना द्वारा निर्धारित किए जाने वाले समकक्ष रैंक में तैनात या नियुक्त नहीं किया जाता है।
(5) इस अधिनियम के अधीन प्रत्येक व्यक्ति इस अधिनियम और नियमों के प्रावधानों के अनुसार बल से सेवानिवृत्त, मुक्त, रिहा, हटाया या बर्खास्त किए जाने तक इस अधिनियम के अधीन रहेगा।
(क) अधिकारी और अधीनस्थ अधिकारी; और
(ख) इस अधिनियम के अंतर्गत नामांकित अवर अधिकारी एवं अन्य व्यक्ति।
(2) इस अधिनियम के प्रारंभ होने के समय बल में विद्यमान सदस्यों को इस अधिनियम के अंतर्गत नियुक्त या, जैसा भी मामला हो, नामांकित माना जाएगा।
(3) उपधारा (1) में किसी बात के होते हुए भी, कोई भी व्यक्ति जो सेना अधिनियम, 1950 (46 ऑफ 1950) की धारा 3 के खंड (xxi) के तहत परिभाषित नियमित सेना से प्रतिनियुक्ति पर सेना में कार्यरत है, इस अधिनियम के अधीन नहीं होगा और ऐसी प्रतिनियुक्ति की अवधि के दौरान सेना अधिनियम, 1950 के अधीन माना जाएगा।
बशर्ते कि ऐसे व्यक्ति को अपने कर्तव्यों और अनुशासन के संबंध में बल के उस सदस्य के अधीन माना जाएगा जिसके अधीन वह व्यक्ति उस समय तैनात है:
इसके अलावा, यदि ऐसे व्यक्ति के मामले में, उसके कर्तव्यों और अनुशासन के प्रयोजनों के लिए, धारा 2 की उपधारा (1) के खंड (क) में परिभाषित "सक्रिय कर्तव्य" अभिव्यक्ति को सेना अधिनियम, 1950 (46 ऑफ 1950) की धारा 3 के खंड (i) में परिभाषित "सक्रिय सेवा" माना जाएगा, तो उक्त सेना अधिनियम के प्रावधानों के तहत उसके विरुद्ध कोई कार्रवाई की जाएगी।
(4) कोई भी व्यक्ति जो इस अधिनियम के अधीन नहीं है, यदि उसे बल के सदस्यों के साथ किसी सेवा के लिए तैनात किया जाता है या बल के सदस्यों के साथ जाने या उन्हें किसी भी प्रकार से कोई सेवा प्रदान करने के लिए नियुक्त किया जाता है—
(i) शिविर;
(ii) मार्च की रेखा;
(iii) सीमा चौकी;
(iv) सक्रिय ड्यूटी; या
(v) आतंकवाद विरोधी अभियान,
केंद्र सरकार द्वारा इस संबंध में अधिसूचना द्वारा निर्दिष्ट किए जाने तक, उसे बल का सदस्य माना जाएगा, जब तक कि उसे इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचना द्वारा निर्धारित किए जाने वाले समकक्ष रैंक में तैनात या नियुक्त नहीं किया जाता है।
(5) इस अधिनियम के अधीन प्रत्येक व्यक्ति इस अधिनियम और नियमों के प्रावधानों के अनुसार बल से सेवानिवृत्त, मुक्त, रिहा, हटाया या बर्खास्त किए जाने तक इस अधिनियम के अधीन रहेगा।
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