The Admiralty (Jurisdiction and Settlement of Maritime Claims) Act, 2017 9अध्याय II · Admiralty Jurisdiction and Maritime Claims
धारा 9 · समुद्री ग्रहणाधिकार पर परस्पर प्राथमिकता।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) प्रत्येक समुद्री ग्रहणाधिकार की परस्पर प्राथमिकता का क्रम निम्नलिखित होगा, अर्थात्
(क) जहाज पर रोजगार के संबंध में जहाज के कप्तान, अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों को देय वेतन और अन्य राशियों के दावे, जिनमें स्वदेश वापसी की लागत और उनकी ओर से देय सामाजिक बीमा अंशदान शामिल हैं;
(ख) पोत के संचालन के प्रत्यक्ष संबंध में, चाहे भूमि पर हो या जल पर, होने वाली जानमाल की हानि या व्यक्तिगत चोट के संबंध में दावे;
(ग) बचाव सेवाओं के लिए पुरस्कार के दावे, जिनमें उससे संबंधित विशेष मुआवजा भी शामिल है;
(घ) बंदरगाह, नहर और अन्य जलमार्ग शुल्क तथा पायलट शुल्क तथा पोत से संबंधित कोई अन्य वैधानिक शुल्क के दावे;
(ई) पोत के संचालन के कारण होने वाली हानि या क्षति से उत्पन्न अपकृत्य पर आधारित दावे, पोत पर ले जाए जाने वाले माल और कंटेनरों की हानि या क्षति को छोड़कर।
(2) उपधारा (1) में निर्दिष्ट समुद्री ग्रहणाधिकार, स्वामित्व, पंजीकरण या ध्वज में किसी भी परिवर्तन के बावजूद पोत पर विद्यमान रहेगा और एक वर्ष की अवधि की समाप्ति के बाद समाप्त हो जाएगा, जब तक कि ऐसी अवधि की समाप्ति से पहले पोत को जब्त या जब्त न कर लिया गया हो और ऐसी गिरफ्तारी या जब्ती के कारण उच्च न्यायालय द्वारा जबरन बिक्री न की गई हो।
बशर्ते कि उपधारा (1) के खंड (क) के तहत दावे के लिए अवधि उस तारीख से दो वर्ष होगी जिस पर मजदूरी, राशि, प्रत्यावर्तन की लागत या सामाजिक बीमा अंशदान देय हो जाता है या भुगतान योग्य हो जाता है।
(3) इस धारा में निर्दिष्ट समुद्री ग्रहणाधिकार प्रारंभ होगा—
(क) उपधारा (1) के खंड (क) के अधीन समुद्री ग्रहणाधिकार के संबंध में, दावेदार के पोत से उतरने पर;
(ख) उपधारा (1) के खंड (ख) से (ङ) के अधीन समुद्री ग्रहणाधिकारों के संबंध में, दावा कब उत्पन्न होता है,
और यह बिना किसी रुकावट या अवरोध के निरंतर चलता रहेगा:
बशर्ते कि जिस अवधि के दौरान पोत को गिरवी रखा गया था या जब्त किया गया था, उसे इसमें शामिल नहीं किया जाएगा।
(4) किसी दावे को सुरक्षित करने के लिए किसी पोत पर कोई समुद्री ग्रहणाधिकार नहीं लगाया जाएगा जो निम्नलिखित कारणों से उत्पन्न होता है या परिणाम स्वरूप प्राप्त होता है—
(क) समुद्र द्वारा तेल या अन्य खतरनाक या हानिकारक पदार्थों के परिवहन के संबंध में हुई क्षति जिसके लिए दावेदारों को उस समय लागू किसी कानून के अनुसार मुआवजा देय है;
(ख) परमाणु ईंधन या रेडियोधर्मी उत्पादों या अपशिष्ट के रेडियोधर्मी गुण या रेडियोधर्मी गुणों का विषैले, विस्फोटक या अन्य खतरनाक गुणों के साथ संयोजन।
(क) जहाज पर रोजगार के संबंध में जहाज के कप्तान, अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों को देय वेतन और अन्य राशियों के दावे, जिनमें स्वदेश वापसी की लागत और उनकी ओर से देय सामाजिक बीमा अंशदान शामिल हैं;
(ख) पोत के संचालन के प्रत्यक्ष संबंध में, चाहे भूमि पर हो या जल पर, होने वाली जानमाल की हानि या व्यक्तिगत चोट के संबंध में दावे;
(ग) बचाव सेवाओं के लिए पुरस्कार के दावे, जिनमें उससे संबंधित विशेष मुआवजा भी शामिल है;
(घ) बंदरगाह, नहर और अन्य जलमार्ग शुल्क तथा पायलट शुल्क तथा पोत से संबंधित कोई अन्य वैधानिक शुल्क के दावे;
(ई) पोत के संचालन के कारण होने वाली हानि या क्षति से उत्पन्न अपकृत्य पर आधारित दावे, पोत पर ले जाए जाने वाले माल और कंटेनरों की हानि या क्षति को छोड़कर।
(2) उपधारा (1) में निर्दिष्ट समुद्री ग्रहणाधिकार, स्वामित्व, पंजीकरण या ध्वज में किसी भी परिवर्तन के बावजूद पोत पर विद्यमान रहेगा और एक वर्ष की अवधि की समाप्ति के बाद समाप्त हो जाएगा, जब तक कि ऐसी अवधि की समाप्ति से पहले पोत को जब्त या जब्त न कर लिया गया हो और ऐसी गिरफ्तारी या जब्ती के कारण उच्च न्यायालय द्वारा जबरन बिक्री न की गई हो।
बशर्ते कि उपधारा (1) के खंड (क) के तहत दावे के लिए अवधि उस तारीख से दो वर्ष होगी जिस पर मजदूरी, राशि, प्रत्यावर्तन की लागत या सामाजिक बीमा अंशदान देय हो जाता है या भुगतान योग्य हो जाता है।
(3) इस धारा में निर्दिष्ट समुद्री ग्रहणाधिकार प्रारंभ होगा—
(क) उपधारा (1) के खंड (क) के अधीन समुद्री ग्रहणाधिकार के संबंध में, दावेदार के पोत से उतरने पर;
(ख) उपधारा (1) के खंड (ख) से (ङ) के अधीन समुद्री ग्रहणाधिकारों के संबंध में, दावा कब उत्पन्न होता है,
और यह बिना किसी रुकावट या अवरोध के निरंतर चलता रहेगा:
बशर्ते कि जिस अवधि के दौरान पोत को गिरवी रखा गया था या जब्त किया गया था, उसे इसमें शामिल नहीं किया जाएगा।
(4) किसी दावे को सुरक्षित करने के लिए किसी पोत पर कोई समुद्री ग्रहणाधिकार नहीं लगाया जाएगा जो निम्नलिखित कारणों से उत्पन्न होता है या परिणाम स्वरूप प्राप्त होता है—
(क) समुद्र द्वारा तेल या अन्य खतरनाक या हानिकारक पदार्थों के परिवहन के संबंध में हुई क्षति जिसके लिए दावेदारों को उस समय लागू किसी कानून के अनुसार मुआवजा देय है;
(ख) परमाणु ईंधन या रेडियोधर्मी उत्पादों या अपशिष्ट के रेडियोधर्मी गुण या रेडियोधर्मी गुणों का विषैले, विस्फोटक या अन्य खतरनाक गुणों के साथ संयोजन।
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