The Actuaries Act, 2006 17अध्याय II · Institute of Actuaries of India
धारा 17 · अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और मानद सचिव।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) परिषद अपनी पहली बैठक में धारा 12 की उपधारा (2) के खंड (क) में निर्दिष्ट व्यक्तियों में से तीन सदस्यों का चुनाव करेगी, जो क्रमशः अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और मानद सचिव होंगे, और जब भी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और मानद सचिव का पद रिक्त हो जाए, परिषद उसी प्रकार से एक सदस्य का चुनाव करेगी:
बशर्ते कि इस अधिनियम के लागू होने के बाद भी, जब तक इस उपधारा के प्रावधानों के तहत किसी अध्यक्ष का चुनाव नहीं हो जाता, तब तक एक्चुअरियल सोसायटी की परिषद के अध्यक्ष अध्यक्ष के रूप में अपना पद धारण करते रहेंगे।
(2) अध्यक्ष परिषद का मुख्य कार्यकारी अधिकारी होगा।
(3) अध्यक्ष, उपाध्यक्ष या मानद सचिव अपने चुने जाने की तिथि से दो वर्ष की अवधि के लिए पद धारण करेंगे, बशर्ते कि वे परिषद के सदस्य बने रहें।
(4) राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति, अपने कार्यकाल की समाप्ति के बावजूद, अपने उत्तराधिकारी के पदभार ग्रहण करने तक पद पर बने रहेंगे।
(5) राष्ट्रपति के पद में किसी रिक्ति की स्थिति में, उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति के रूप में कार्य करेगा जब तक कि इस धारा के प्रावधानों के अनुसार रिक्ति को भरने के लिए एक नया राष्ट्रपति निर्वाचित नहीं हो जाता और वह अपना पदभार ग्रहण नहीं कर लेता।
(6) जब राष्ट्रपति अनुपस्थिति, बीमारी या किसी अन्य कारण से अपने कार्यों का निर्वहन करने में असमर्थ हों, तो उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति के कार्यभार पुनः ग्रहण करने तक उनके कार्यों का निर्वहन करेंगे।
बशर्ते कि इस अधिनियम के लागू होने के बाद भी, जब तक इस उपधारा के प्रावधानों के तहत किसी अध्यक्ष का चुनाव नहीं हो जाता, तब तक एक्चुअरियल सोसायटी की परिषद के अध्यक्ष अध्यक्ष के रूप में अपना पद धारण करते रहेंगे।
(2) अध्यक्ष परिषद का मुख्य कार्यकारी अधिकारी होगा।
(3) अध्यक्ष, उपाध्यक्ष या मानद सचिव अपने चुने जाने की तिथि से दो वर्ष की अवधि के लिए पद धारण करेंगे, बशर्ते कि वे परिषद के सदस्य बने रहें।
(4) राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति, अपने कार्यकाल की समाप्ति के बावजूद, अपने उत्तराधिकारी के पदभार ग्रहण करने तक पद पर बने रहेंगे।
(5) राष्ट्रपति के पद में किसी रिक्ति की स्थिति में, उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति के रूप में कार्य करेगा जब तक कि इस धारा के प्रावधानों के अनुसार रिक्ति को भरने के लिए एक नया राष्ट्रपति निर्वाचित नहीं हो जाता और वह अपना पदभार ग्रहण नहीं कर लेता।
(6) जब राष्ट्रपति अनुपस्थिति, बीमारी या किसी अन्य कारण से अपने कार्यों का निर्वहन करने में असमर्थ हों, तो उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति के कार्यभार पुनः ग्रहण करने तक उनके कार्यों का निर्वहन करेंगे।
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