The Actuaries Act, 2006केंद्रीय कानून2006
The Actuaries Act, 2006
An Act to provide for regulating and developing the profession of Actuaries and for matters connected therewith or incidental thereto.
2006 का अधिनियम संख्या 35 · Ministry of Finance
- धाराएँ
- 59
- अध्याय
- 9
- वर्गीकृत अपराध
- 3
विषय-सूची
IPreliminary§ 1–22 धाराएँ
IIInstitute of Actuaries of India§ 3–2220 धाराएँ
- 3संस्थान का निगमन।
- 4एक्चुरियल सोसायटी की संपत्तियों, देनदारियों आदि का हस्तांतरण।
- 5संस्थान के उद्देश्य।
- 6रजिस्टर में नामों की प्रविष्टि।
- 7सहयोगी और फेलो।
- 8मानद, संबद्ध और छात्र सदस्य।
- 9अभ्यास का प्रमाण पत्र।
- 10सदस्यों को बीमांकक के रूप में जाना जाएगा।
- 11अयोग्यताएँ।
- 12संस्थान की परिषद की संरचना।
- 13वार्षिक आम बैठकें।
- 14परिषद के लिए पुनः चुनाव।
- 15चुनाव संबंधी विवाद का निपटारा।
- 16न्यायाधिकरण की स्थापना।
- 17अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और मानद सचिव।
- 18सदस्यता से इस्तीफा देना और अस्थायी रिक्तियों को भरना।
- 19परिषद के कार्य।
- 20कर्मचारी, वेतन और भत्ते।
- 21परिषद की समितियाँ।
- 22परिषद का वित्त।
IIIRegister of Members§ 23–253 धाराएँ
IVMisconduct§ 26–316 धाराएँ
VIPenalties§ 37–426 धाराएँ
VIIQuality Review Board§ 43–475 धाराएँ
VIIIDissolution of the Actuarial Society of India Registered Under the Societies Registration Act§ 48–492 धाराएँ
IXMiscellaneous§ 50–5910 धाराएँ
- 50बीमांकिक द्वारा एक से अधिक कार्यालयों का रखरखाव।
- 51पारस्परिकता।
- 52निर्देश जारी करने की केंद्रीय सरकार की शक्ति।
- 53सद्भावनापूर्वक की गई कार्रवाई का संरक्षण।
- 54सदस्य आदि लोक सेवक होंगे।
- 55नियम बनाने की केंद्रीय सरकार की शक्ति।
- 56नियम बनाने की शक्ति।
- 57नियम बनाने या उनमें संशोधन करने के लिए निर्देश जारी करने की केंद्र सरकार की शक्ति।
- 58नियमों और विनियमों का निर्धारण।
- 59कठिनाइयों को दूर करने की शक्ति।
