MCOS Act 83अध्याय XIV · Jurisdiction
धारा 83 · देय राशियों की वसूली
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(1)
इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के अधीन वसूल की जाने वाली सभी देय राशियाँ, धारा 64 की उपधारा (3) के अधीन न्यायाधिकरण को निर्णय हेतु संदर्भित राशियों को छोड़कर, रजिस्ट्रार या रजिस्ट्रार द्वारा इस संबंध में अधिकार प्राप्त राजपत्रित अधिकारियों के हस्ताक्षरों से युक्त अनुसूची क में दिए गए सहकारी मांग प्रमाण पत्र के रूप में दर्ज की जाएंगी और भू-राजस्व के बकाया के रूप में वसूल की जाएंगी तथा प्रमाण पत्र धारक या उसके अधिकृत नामित व्यक्ति को भुगतान की जाएंगी। ऐसा प्रमाण पत्र दावेदार के नाम पर होगा और उसे सौंप दिया जाएगा।(2)
उपधारा (1) में किसी बात के होते हुए भी, उक्त सभी देय राशियाँ लोक मांग वसूली अधिनियम (बंगाल अधिनियम तृतीय, 1913, जैसा कि मेघालय द्वारा अनुकूलित किया गया है) में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार लोक मांग के रूप में भी वसूल की जा सकेंगी, बशर्ते कि रजिस्ट्रार या ऐसे राजपत्रित अधिकारी, जिन्हें रजिस्ट्रार द्वारा इस संबंध में शक्तियाँ प्रत्यायोजित की गई हों, के हस्ताक्षर सहित निर्धारित प्रपत्र में प्रमाण पत्र अधिकारी को लिखित अनुरोध भेजा जाए। स्पष्टीकरण - प्रमाण पत्र अधिकारी से तात्पर्य उक्त में परिभाषित अधिकारी से है और निर्धारित प्रपत्र से तात्पर्य लोक मांग वसूली अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित प्रपत्र से है।(3)
न्यायाधिकरण को संदर्भित वसूली योग्य ऋण बकाया के मामले में, इसकी वसूली न्यायाधिकरण द्वारा पारित आदेश के आधार पर और धारा 64 में निर्धारित तरीके और प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी।इस धारा पर आपका निजी नोट
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