MPDC Order 33B
धारा 33B · मध्य प्रदेश राज्य के लिए दंत चिकित्सकों के रजिस्टर के संबंध में प्रावधान। - (1) अंतर-राज्य निगम अधिनियम, 1957 (38 ऑफ 1957) की धारा 4 के तहत जारी मध्य प्रदेश दंत परिषद (पुनर्गठन) आदेश, 1962 के लागू होने की तिथि के बाद यथाशीघ्र, मध्य प्रदेश राज्य दंत परिषद, धारा 31, 32 और 33 में निहित किसी भी बात के बावजूद, दंत चिकित्सकों का एक रजिस्टर तैयार करेगी और उसका रखरखाव करेगी, जिसमें धारा 31 के तहत तैयार और रखरखाव किए गए मध्य प्रदेश राज्य के पूर्व दंत चिकित्सकों के रजिस्टर में शामिल सभी दंत चिकित्सकों के नाम शामिल होंगे, लेकिन उन दंत चिकित्सकों के नाम शामिल नहीं होंगे जिनका आवासीय पता, जैसा कि उक्त आदेश के प्रारंभ होने की तिथि को उस रजिस्टर में दर्ज है, यह दर्शाता है कि वे आदेश के अनुच्छेद 3(एफ) में परिभाषित विदर्भ क्षेत्र में आते हैं।
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मध्य प्रदेश राज्य के लिए दंत चिकित्सकों के रजिस्टर के संबंध में प्रावधान। - (1) अंतर-राज्य निगम अधिनियम, 1957 (38 ऑफ 1957) की धारा 4 के तहत जारी मध्य प्रदेश दंत परिषद (पुनर्गठन) आदेश, 1962 के लागू होने की तिथि के बाद यथाशीघ्र, मध्य प्रदेश राज्य दंत परिषद, धारा 31, 32 और 33 में निहित किसी भी बात के बावजूद, दंत चिकित्सकों का एक रजिस्टर तैयार करेगी और उसका रखरखाव करेगी, जिसमें धारा 31 के तहत तैयार और रखरखाव किए गए मध्य प्रदेश राज्य के लिए दंत चिकित्सकों के रजिस्टर में शामिल सभी दंत चिकित्सकों के नाम शामिल होंगे, लेकिन उन दंत चिकित्सकों के नाम शामिल नहीं होंगे जिनका आवासीय पता, जैसा कि उक्त आदेश के प्रारंभ होने की तिथि को उस रजिस्टर में दर्ज है, यह दर्शाता है कि वे आदेश के अनुच्छेद 3(एफ) में परिभाषित विदर्भ क्षेत्र में आते हैं।
(2)
जब तक उप-धारा (1) के अधीन दंत चिकित्सकों का नया रजिस्टर तैयार नहीं हो जाता, तब तक धारा 31 के अधीन तैयार और अनुरक्षित तथा उप-धारा (1) में निर्दिष्ट तिथि से ठीक पहले लागू रजिस्टर, उस तिथि से विदर्भ क्षेत्र में सामान्यतः निवासी पंजीकृत दंत चिकित्सकों के नामों को छोड़कर, उपरोक्त आदेश के अनुच्छेद 2(घ) में परिभाषित महाकोशल क्षेत्र के दंत चिकित्सकों का रजिस्टर माना जाएगा, और तदनुसार ऐसे रजिस्टर में पंजीकृत दंत चिकित्सकों के नाम बिना किसी अतिरिक्त शुल्क या प्रभार के उस अवधि के लिए उस पर बने रहेंगे जिसके लिए ऐसा पंजीकरण किया गया था, जब तक कि अधिनियम के अधीन विधिवत रूप से संशोधित या परिवर्तित न हो जाए।(3)
उपर्युक्त आदेश के अनुच्छेद 2(एफ) में परिभाषित विदर्भ क्षेत्र में सामान्यतः निवासी किसी भी पंजीकृत दंत चिकित्सक का नाम, यदि वह चाहे तो, बिना किसी अतिरिक्त शुल्क या प्रभार के, महाराष्ट्र राज्य दंत चिकित्सा परिषद के रजिस्टर में उस अवधि के लिए शामिल किया जाएगा जिसके लिए वर्तमान परिषद द्वारा ऐसा पंजीकरण किया गया था, जब तक कि महाराष्ट्र राज्य दंत चिकित्सा परिषद द्वारा अधिनियम के तहत विधिवत रूप से संशोधित या परिवर्तित न किया जाए।इस धारा पर आपका निजी नोट
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