पाठ लगभग अपरिवर्तित है
CrPC धारा 76 अब BNSS धारा 78 है
धारा 76. गिरफ्तार व्यक्ति का न्यायालय के समक्ष विलम्ब के बिना लाया जाना
पुराना कानून
CrPC §76
धारा 76. गिरफ्तार व्यक्ति का न्यायालय के समक्ष विलम्ब के बिना लाया जाना
76. गिरफ्तार व्यक्ति का न्यायालय के समक्ष विलम्ब के बिना लाया जाना
गिरफ्तारी के वारंट का निष्पादन करने वाला पुलिस अधिकारी या अन्य व्यक्ति (प्रतिभूति के बारे में धारा 71 के उपबन्धों के अधीन रहते हुए) गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को अनावश्यक विलम्ब के बिना उस न्यायालय के समक्ष लाएगा जिसके समक्ष ऐसे व्यक्ति को पेश करने के लिए वह विधि द्वारा अपेक्षित है:
परन्तु ऐसा विलम्ब किसी भी दशा में, गिरफ्तारी के स्थान से मजिस्ट्रेट के न्यायालय तक की यात्रा के लिए आवश्यक समय को छोड़कर, चौबीस घंटे से अधिक नहीं होगा।
पूरा पढ़ें: CrPC §76गिरफ्तारी के वारंट का निष्पादन करने वाला पुलिस अधिकारी या अन्य व्यक्ति (प्रतिभूति के बारे में धारा 71 के उपबन्धों के अधीन रहते हुए) गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को अनावश्यक विलम्ब के बिना उस न्यायालय के समक्ष लाएगा जिसके समक्ष ऐसे व्यक्ति को पेश करने के लिए वह विधि द्वारा अपेक्षित है:
परन्तु ऐसा विलम्ब किसी भी दशा में, गिरफ्तारी के स्थान से मजिस्ट्रेट के न्यायालय तक की यात्रा के लिए आवश्यक समय को छोड़कर, चौबीस घंटे से अधिक नहीं होगा।
नया कानून
BNSS §78
गिरफ्तार व्यक्ति को बिना विलंब किए न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।
गिरफ्तारी वारंट को निष्पादित करने वाला पुलिस अधिकारी या अन्य व्यक्ति (सुरक्षा संबंधी धारा 73 के प्रावधानों के अधीन रहते हुए) बिना किसी अनावश्यक देरी के गिरफ्तार व्यक्ति को उस न्यायालय के समक्ष पेश करेगा जिसके समक्ष कानून द्वारा उसे ऐसे व्यक्ति को पेश करने का आदेश दिया गया है।
बशर्ते कि ऐसी देरी किसी भी स्थिति में गिरफ्तारी के स्थान से मजिस्ट्रेट की अदालत तक की यात्रा के लिए आवश्यक समय को छोड़कर चौबीस घंटे से अधिक नहीं होगी।
पूरा पढ़ें: BNSS §78बशर्ते कि ऐसी देरी किसी भी स्थिति में गिरफ्तारी के स्थान से मजिस्ट्रेट की अदालत तक की यात्रा के लिए आवश्यक समय को छोड़कर चौबीस घंटे से अधिक नहीं होगी।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
