पाठ लगभग अपरिवर्तित है
CrPC धारा 68 अब BNSS धारा 70 है
धारा 68. ऐसे मामलों में तामील का सबूत और जब तामील करने वाला अधिकारी उपस्थित न हो तब
पुराना कानून
CrPC §68
धारा 68. ऐसे मामलों में तामील का सबूत और जब तामील करने वाला अधिकारी उपस्थित न हो तब
68. ऐसे मामलों में तामील का सबूत और जब तामील करने वाला अधिकारी उपस्थित न हो तब
(1) जब किसी न्यायालय द्वारा जारी किए गए समन की तामील उसकी स्थानीय अधिकारिता के बाहर की जाती है और किसी ऐसे मामले में जिसमें वह अधिकारी, जिसने समन की तामील की है, मामले की सुनवाई के समय उपस्थित नहीं है, तब ऐसा शपथपत्र, जिसका यह तात्पर्य है कि वह मजिस्ट्रेट के समक्ष किया गया है और जिसमें यह कथित है कि ऐसे समन की तामील हो गई है, और समन की वह दूसरी प्रति, जिसका यह तात्पर्य है कि वह उस व्यक्ति द्वारा (धारा 62 या धारा 64 द्वारा उपबन्धित रीति से) पृष्ठांकित है जिसे वह परिदत्त या निविदत्त की गई थी या जिसके पास वह छोड़ी गई थी, साक्ष्य में ग्राह्य होगी और उसमें किए गए कथन तब तक सही समझे जाएंगे जब तक तत्प्रतिकूल साबित न कर दिया जाए।
(2) इस धारा में वर्णित शपथपत्र समन की दूसरी प्रति से संलग्न किया जा सकेगा और न्यायालय को लौटाया जा सकेगा।
पूरा पढ़ें: CrPC §68(1) जब किसी न्यायालय द्वारा जारी किए गए समन की तामील उसकी स्थानीय अधिकारिता के बाहर की जाती है और किसी ऐसे मामले में जिसमें वह अधिकारी, जिसने समन की तामील की है, मामले की सुनवाई के समय उपस्थित नहीं है, तब ऐसा शपथपत्र, जिसका यह तात्पर्य है कि वह मजिस्ट्रेट के समक्ष किया गया है और जिसमें यह कथित है कि ऐसे समन की तामील हो गई है, और समन की वह दूसरी प्रति, जिसका यह तात्पर्य है कि वह उस व्यक्ति द्वारा (धारा 62 या धारा 64 द्वारा उपबन्धित रीति से) पृष्ठांकित है जिसे वह परिदत्त या निविदत्त की गई थी या जिसके पास वह छोड़ी गई थी, साक्ष्य में ग्राह्य होगी और उसमें किए गए कथन तब तक सही समझे जाएंगे जब तक तत्प्रतिकूल साबित न कर दिया जाए।
(2) इस धारा में वर्णित शपथपत्र समन की दूसरी प्रति से संलग्न किया जा सकेगा और न्यायालय को लौटाया जा सकेगा।
नया कानून
BNSS §70
ऐसे मामलों में और जब तामील करने वाला अधिकारी उपस्थित न हो, तो तामील का प्रमाण।
(1) जब किसी न्यायालय द्वारा जारी किया गया समन उसके स्थानीय क्षेत्राधिकार के बाहर तामील किया जाता है, और किसी भी मामले में जहां समन तामील करने वाला अधिकारी मामले की सुनवाई में उपस्थित नहीं होता है, तो मजिस्ट्रेट के समक्ष दिया गया ऐसा शपथपत्र जिसमें यह कहा गया हो कि समन तामील किया गया है, और समन की एक प्रतिलिपि जिस पर धारा 64 या धारा 66 में दिए गए तरीके से उस व्यक्ति द्वारा पृष्ठांकित किया गया हो जिसे वह दिया गया था या प्रस्तुत किया गया था या जिसके पास वह छोड़ा गया था, साक्ष्य में स्वीकार्य होगा, और उसमें दिए गए कथन तब तक सही माने जाएंगे जब तक कि इसके विपरीत सिद्ध न हो जाए।
(2) इस धारा में उल्लिखित शपथपत्र को समन की प्रतिलिपि के साथ संलग्न करके न्यायालय को लौटाया जा सकता है।
(3) धारा 64 से 71 (दोनों सहित) के तहत इलेक्ट्रॉनिक संचार के माध्यम से तामील किए गए सभी समन विधिवत तामील माने जाएंगे और ऐसे समन की एक प्रति सत्यापित की जाएगी और समन की तामील के प्रमाण के रूप में रखी जाएगी।
पूरा पढ़ें: BNSS §70(2) इस धारा में उल्लिखित शपथपत्र को समन की प्रतिलिपि के साथ संलग्न करके न्यायालय को लौटाया जा सकता है।
(3) धारा 64 से 71 (दोनों सहित) के तहत इलेक्ट्रॉनिक संचार के माध्यम से तामील किए गए सभी समन विधिवत तामील माने जाएंगे और ऐसे समन की एक प्रति सत्यापित की जाएगी और समन की तामील के प्रमाण के रूप में रखी जाएगी।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
