पाठ लगभग अपरिवर्तित है
BNSS धारा 182 अब CrPC धारा 163 है
कोई प्रलोभन नहीं दिया जाएगा।
पुराना कानून
BNSS §182
कोई प्रलोभन नहीं दिया जाएगा।
(1) कोई पुलिस अधिकारी या अन्य प्राधिकार प्राप्त व्यक्ति भारतीय साक्षी अधिनियम, 2023 की धारा 22 में उल्लिखित किसी भी प्रकार का प्रलोभन, धमकी या वादा न तो देगा और न ही करवाएगा।
(2) परन्तु कोई पुलिस अधिकारी या अन्य व्यक्ति किसी भी चेतावनी या अन्य किसी भी प्रकार से किसी व्यक्ति को इस अध्याय के अंतर्गत किसी भी जांच के दौरान कोई ऐसा बयान देने से नहीं रोकेगा जो वह अपनी स्वेच्छा से देना चाहे।
बशर्ते कि इस उपधारा में कोई बात धारा 183 की उपधारा (4) के प्रावधानों को प्रभावित नहीं करेगी।
पूरा पढ़ें: BNSS §182(2) परन्तु कोई पुलिस अधिकारी या अन्य व्यक्ति किसी भी चेतावनी या अन्य किसी भी प्रकार से किसी व्यक्ति को इस अध्याय के अंतर्गत किसी भी जांच के दौरान कोई ऐसा बयान देने से नहीं रोकेगा जो वह अपनी स्वेच्छा से देना चाहे।
बशर्ते कि इस उपधारा में कोई बात धारा 183 की उपधारा (4) के प्रावधानों को प्रभावित नहीं करेगी।
नया कानून
CrPC §163
धारा 163. कोई प्रलोभन न दिया जाना
163. कोई प्रलोभन न दिया जाना
(1) कोई भी पुलिस अधिकारी या प्राधिकार वाला अन्य व्यक्ति ऐसा कोई प्रलोभन, धमकी या वचन, जैसा भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 (1872 का 1) की धारा 24 में उल्लिखित है, न तो देगा या करेगा और न दिलाएगा या कराएगा।
(2) किंतु कोई भी पुलिस अधिकारी या अन्य व्यक्ति, किसी सावधानी द्वारा या अन्यथा, किसी व्यक्ति को इस अध्याय के अधीन किसी अन्वेषण के दौरान ऐसा कोई कथन करने से नहीं रोकेगा, जो वह अपनी स्वतंत्र इच्छा से करने के लिए प्रवृत्त हो:
परन्तु इस उपधारा की कोई बात धारा 164 की उपधारा (4) के उपबंधों पर प्रभाव नहीं डालेगी।
पूरा पढ़ें: CrPC §163(1) कोई भी पुलिस अधिकारी या प्राधिकार वाला अन्य व्यक्ति ऐसा कोई प्रलोभन, धमकी या वचन, जैसा भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 (1872 का 1) की धारा 24 में उल्लिखित है, न तो देगा या करेगा और न दिलाएगा या कराएगा।
(2) किंतु कोई भी पुलिस अधिकारी या अन्य व्यक्ति, किसी सावधानी द्वारा या अन्यथा, किसी व्यक्ति को इस अध्याय के अधीन किसी अन्वेषण के दौरान ऐसा कोई कथन करने से नहीं रोकेगा, जो वह अपनी स्वतंत्र इच्छा से करने के लिए प्रवृत्त हो:
परन्तु इस उपधारा की कोई बात धारा 164 की उपधारा (4) के उपबंधों पर प्रभाव नहीं डालेगी।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
