पाठ लगभग अपरिवर्तित है
BNS धारा 66 अब IPC धारा 376A है
पीड़ित की मृत्यु का कारण बनने या उसे स्थायी रूप से कोमा जैसी स्थिति में पहुंचाने के लिए दी जाने वाली सजा।
पुराना कानून
BNS §66
पीड़ित की मृत्यु का कारण बनने या उसे स्थायी रूप से कोमा जैसी स्थिति में पहुंचाने के लिए दी जाने वाली सजा।
जो कोई भी धारा 64 की उपधारा (1) या उपधारा (2) के तहत दंडनीय अपराध करता है और ऐसे अपराध के दौरान ऐसी चोट पहुंचाता है जिससे महिला की मृत्यु हो जाती है या महिला स्थायी रूप से कोमा जैसी स्थिति में चली जाती है, उसे कम से कम बीस वर्ष के कठोर कारावास से दंडित किया जाएगा, जिसे आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है, जिसका अर्थ उस व्यक्ति के प्राकृतिक जीवन के शेष समय के लिए कारावास होगा, या मृत्युदंड दिया जाएगा।
पूरा पढ़ें: BNS §66नया कानून
IPC §376A
धारा 376A - पॄथक् कर दिए जाने के दौरान किसी पुरुष द्वारा अपनी पत्नी के साथ संभोग्र
पॄथक् कर दिए जाने के दौरान किसी पुरुष द्वारा अपनी पत्नी के साथ संभोग्र
जो कोई अपनी पत्नी के साथ, जो पॄथक्करण की किसी डिक्री के अधीन या किसी प्रथा अथवा रूढ़ि के अधीन, उससे पॄथक् रह रही है, उसकी सम्मति के बिना उसके साथ मैथुन करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा ।
पूरा पढ़ें: IPC §376Aजो कोई अपनी पत्नी के साथ, जो पॄथक्करण की किसी डिक्री के अधीन या किसी प्रथा अथवा रूढ़ि के अधीन, उससे पॄथक् रह रही है, उसकी सम्मति के बिना उसके साथ मैथुन करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा ।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
