पाठ लगभग अपरिवर्तित है
BNS धारा 52 अब IPC धारा 112 है
जब कोई व्यक्ति उकसाए गए कृत्य और स्वयं किए गए कृत्य दोनों के लिए संचयी दंड का पात्र हो।
पुराना कानून
BNS §52
जब कोई व्यक्ति उकसाए गए कृत्य और स्वयं किए गए कृत्य दोनों के लिए संचयी दंड का पात्र हो।
यदि वह कृत्य जिसके लिए उकसाने वाला धारा 51 के तहत उत्तरदायी है, उकसाए गए कृत्य के अतिरिक्त किया जाता है, और एक अलग अपराध का गठन करता है, तो उकसाने वाला प्रत्येक अपराध के लिए दंड का पात्र होगा।
चित्रण ।
A, B को उकसाता है कि वह लोक सेवक द्वारा की गई ज़ब्ती का बलपूर्वक विरोध करे। परिणामस्वरूप, B उस ज़ब्ती का विरोध करता है। विरोध करते समय, B स्वेच्छा से ज़ब्ती करने वाले अधिकारी को गंभीर चोट पहुँचाता है। चूँकि B ने ज़ब्ती का विरोध करने और स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुँचाने, दोनों अपराध किए हैं, इसलिए B इन दोनों अपराधों के लिए दंडनीय है; और यदि A को यह ज्ञात था कि B ज़ब्ती का विरोध करते समय स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुँचा सकता है, तो A भी प्रत्येक अपराध के लिए दंडनीय होगा।
पूरा पढ़ें: BNS §52चित्रण ।
A, B को उकसाता है कि वह लोक सेवक द्वारा की गई ज़ब्ती का बलपूर्वक विरोध करे। परिणामस्वरूप, B उस ज़ब्ती का विरोध करता है। विरोध करते समय, B स्वेच्छा से ज़ब्ती करने वाले अधिकारी को गंभीर चोट पहुँचाता है। चूँकि B ने ज़ब्ती का विरोध करने और स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुँचाने, दोनों अपराध किए हैं, इसलिए B इन दोनों अपराधों के लिए दंडनीय है; और यदि A को यह ज्ञात था कि B ज़ब्ती का विरोध करते समय स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुँचा सकता है, तो A भी प्रत्येक अपराध के लिए दंडनीय होगा।
नया कानून
IPC §112
धारा 112 - दुष्प्रेरक कब दुष्प्रेरित कार्य के लिए और किए गए कार्य के लिए आकलित दण्ड से दण्डनीय है
दुष्प्रेरक कब दुष्प्रेरित कार्य के लिए और किए गए कार्य के लिए आकलित दण्ड से दण्डनीय है
यदि वह कार्य, जिसके लिए दुष्प्रेरक अंतिम पूर्ववर्ती धारा के अधीन दायित्व के अधीन है, दुष्प्रेरित कार्य के अतिरिक्त किया जाता है और भिन्न अपराध गठित करता है, तो दुष्प्रेरक उन अपराधों में से हर एक के लिए दण्ड का भागी है ।
दृष्टांत :
लोक सेवक द्वारा की गई कुर्की का बल द्वारा प्रतिरोध करने के लिए क, ख को उकसाता है । ख उसके परिणामस्वरूप उस कुर्की का प्रतिरोध करता है । प्रतिरोध करने में ख उस आफिसर को, जो कुर्की का निष्पादन कर रहा है, स्वेच्छया घोर उपहति कारित कर देता है । ख ने कुर्की का प्रतिरोध करने का अपराध और स्वेच्छया घोर उपहति कारित करने का अपराध, दोनों किए हैं, इसलिए ख इन दोनों अपराधों के लिए दण्ड का भागी है ; और यदि क यह जानता था कि ख उस कुर्की का प्रतिरोध करने में स्वेच्छया घोर उपहति कारित करेगा यह सम्भाव्य है, तो क भी उन अपराधों में से हर एक के लिए दण्ड का भागी होगा ।
पूरा पढ़ें: IPC §112यदि वह कार्य, जिसके लिए दुष्प्रेरक अंतिम पूर्ववर्ती धारा के अधीन दायित्व के अधीन है, दुष्प्रेरित कार्य के अतिरिक्त किया जाता है और भिन्न अपराध गठित करता है, तो दुष्प्रेरक उन अपराधों में से हर एक के लिए दण्ड का भागी है ।
दृष्टांत :
लोक सेवक द्वारा की गई कुर्की का बल द्वारा प्रतिरोध करने के लिए क, ख को उकसाता है । ख उसके परिणामस्वरूप उस कुर्की का प्रतिरोध करता है । प्रतिरोध करने में ख उस आफिसर को, जो कुर्की का निष्पादन कर रहा है, स्वेच्छया घोर उपहति कारित कर देता है । ख ने कुर्की का प्रतिरोध करने का अपराध और स्वेच्छया घोर उपहति कारित करने का अपराध, दोनों किए हैं, इसलिए ख इन दोनों अपराधों के लिए दण्ड का भागी है ; और यदि क यह जानता था कि ख उस कुर्की का प्रतिरोध करने में स्वेच्छया घोर उपहति कारित करेगा यह सम्भाव्य है, तो क भी उन अपराधों में से हर एक के लिए दण्ड का भागी होगा ।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
