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3 प्रविष्टियाँ
परिभाषाएँ।
इस संहिता में, जब तक संदर्भ अन्यथा अपेक्षित न हो,--- (1) "कार्य" से तात्पर्य कार्यों की श्रृंखला के साथ-साथ एक एकल कार्य से भी है; (2) "पशु" से तात्पर्य मनुष्य के अलावा किसी भी जीवित प्राणी से है; (3) "बाल" से तात्पर्य अठारह वर्ष से कम आयु के किसी भी व्यक्ति से है; (4) "नकली".---वह व्यक्ति "नकली" कहलाता है जो किसी…
पूरा पढ़ेंधारा 52 - “सद्भावपूर्वक”
“सद्भावपूर्वक” कोई बात “सद्भावपूर्वक” की गई या विश्वास की गई नहीं कही जाती तो सम्यक् सतर्कता और ध्यान के बिना की गई या विश्वास की गई हो ।
पूरा पढ़ेंपरिभाषाएँ।
इस संहिता में, जब तक संदर्भ अन्यथा अपेक्षित न हो,--- (1) "कार्य" से तात्पर्य कार्यों की श्रृंखला के साथ-साथ एक एकल कार्य से भी है; (2) "पशु" से तात्पर्य मनुष्य के अलावा किसी भी जीवित प्राणी से है; (3) "बाल" से तात्पर्य अठारह वर्ष से कम आयु के किसी भी व्यक्ति से है; (4) "नकली".---वह व्यक्ति "नकली" कहलाता है जो किसी…
पूरा पढ़ेंधारा 52A - “संश्रय”
“संश्रय” धारा 157 में के सिवाय और धारा 130 में वहां के सिवाय जहां कि संश्रय संश्रित व्यक्ति की पत्नी या पति द्वारा दिया गया हो, “संश्रय” शब्द के अन्तर्गत किसी व्यक्ति को आश्रय, भोजन, पेय, धन, वस्त्र, आयुध, गोलाबारूद या प्रवहण के साधन देना, या किन्हीं साधनों से चाहे वे उसी प्रकार के हों या नहीं, जिस प्रकार के इस धारा…
पूरा पढ़ेंजब कोई व्यक्ति उकसाए गए कृत्य और स्वयं किए गए कृत्य दोनों के लिए संचयी दंड का पात्र हो।
यदि वह कृत्य जिसके लिए उकसाने वाला धारा 51 के तहत उत्तरदायी है, उकसाए गए कृत्य के अतिरिक्त किया जाता है, और एक अलग अपराध का गठन करता है, तो उकसाने वाला प्रत्येक अपराध के लिए दंड का पात्र होगा। चित्रण । A, B को उकसाता है कि वह लोक सेवक द्वारा की गई ज़ब्ती का बलपूर्वक विरोध करे। परिणामस्वरूप, B उस ज़ब्ती का विरोध करता…
पूरा पढ़ेंधारा 112 - दुष्प्रेरक कब दुष्प्रेरित कार्य के लिए और किए गए कार्य के लिए आकलित दण्ड से दण्डनीय है
दुष्प्रेरक कब दुष्प्रेरित कार्य के लिए और किए गए कार्य के लिए आकलित दण्ड से दण्डनीय है यदि वह कार्य, जिसके लिए दुष्प्रेरक अंतिम पूर्ववर्ती धारा के अधीन दायित्व के अधीन है, दुष्प्रेरित कार्य के अतिरिक्त किया जाता है और भिन्न अपराध गठित करता है, तो दुष्प्रेरक उन अपराधों में से हर एक के लिए दण्ड का भागी है । दृष्टांत :…
पूरा पढ़ें- BNS §2(11)IPC §52
परिभाषाएँ।
धारा 52 - “सद्भावपूर्वक”
- BNS §2(13)IPC §52A
परिभाषाएँ।
धारा 52A - “संश्रय”
- BNS §52IPC §112
जब कोई व्यक्ति उकसाए गए कृत्य और स्वयं किए गए कृत्य दोनों के लिए संचयी दंड का पात्र हो।
धारा 112 - दुष्प्रेरक कब दुष्प्रेरित कार्य के लिए और किए गए कार्य के लिए आकलित दण्ड से दण्डनीय है
