किस उपबंध के अधीन: सूचना का अधिकार अधिनियम धारा 19(1)

आरटीआई प्रथम अपील — सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 19(1)

यह प्रारूप अंग्रेज़ी में (English)

खाने भरिए

आप यहाँ जो कुछ भी लिखते हैं वह आपके अपने ब्राउज़र में ही रहता है। न कहीं भेजा जाता है, न सहेजा जाता है, न हमें दिखता है। पन्ना बंद करते ही वह मिट जाता है — इसलिए प्रिंट करने से पहले बंद मत कीजिए।

जो खाना खाली छोड़ेंगे, उसकी जगह प्रिंट में एक लकीर छपेगी — उसे हाथ से भरा जा सकता है। खाली फ़ॉर्म प्रिंट करके साथ ले जाना भी ठीक है।

वैसा ही जैसा आधार या पहचान-पत्र पर है।

जिस दिन आपने थाने / बैंक को लिखित शिकायत दी थी।

जिस तिथि से अपील या आवेदन की अवधि गिनी जाती है।

चेक क्यों दिया गया था, क्या बकाया था या नहीं, क्या भुगतान हो चुका है — तिथियों सहित। केवल वही लिखिए जो आप सिद्ध कर सकें।

एक-एक बिंदु अलग लिखिए, और अवधि बताइए। 'सब कुछ' माँगने पर आवेदन अस्वीकार हो जाता है।

हर आधार अलग पंक्ति में, क्रमांक सहित। तथ्य लिखिए, विशेषण नहीं।

दस्तावेज़

साथ क्या लगाना है

  • मूल आरटीआई आवेदन की प्रति और शुल्क का प्रमाण।
  • जन सूचना अधिकारी का उत्तर, यदि मिला। न मिला हो तो 30 दिन बीतने की तिथि लिखिए।
  • प्रथम अपील पर कोई शुल्क नहीं (केंद्र); राज्य के नियम देखिए।
  • निर्णय न हो या असंतोषजनक हो: 90 दिन में सूचना आयोग में द्वितीय अपील (धारा 19(3))।