संविधान (88वाँ संशोधन) अधिनियम, 2003
अवलोकन
अनुच्छेदों में संशोधन किया गया
- 270
लेख सम्मिलित किए गए
- 268ए
कार्यक्रम प्रभावित हुए
- सातवीं अनुसूची
उद्देश्यों और कारणों का कथन
भारत के संविधान में आगे संशोधन करने के लिए एक अधिनियम।
भारत गणराज्य के चौवनवें वर्ष में संसद द्वारा यह अधिनियमित किया जाता है कि:-
संक्षिप्त नाम और प्रारंभ
(1) इस अधिनियम को संविधान (अस्सी-आठवाँ संशोधन) अधिनियम, 2003 कहा जा सकता है।
(2) यह उस तिथि से लागू होगा जो केंद्र सरकार आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा नियुक्त करे।
नए अनुच्छेद 268A का अंतःस्थापन
संविधान के अनुच्छेद 268 के स्थान पर निम्नलिखित अनुच्छेद जोड़ा जाएगा, अर्थात्:-
संघ द्वारा लगाया गया और संघ तथा राज्यों द्वारा एकत्रित एवं विनियोजित सेवा कर।
268ए. संघ द्वारा लगाया गया और संघ तथा राज्यों द्वारा एकत्रित एवं विनियोजित सेवा कर।
(1) सेवाओं पर कर भारत सरकार द्वारा लगाए जाएंगे तथा ऐसे कर का संग्रह एवं विनियोजन भारत सरकार और राज्यों द्वारा खंड (2) में दिए गए तरीके से किया जाएगा।
(2) खंड (1) के प्रावधानों के अनुसार लगाए गए किसी भी ऐसे कर की किसी भी वित्तीय वर्ष में प्राप्त आय निम्नलिखित होगी:
(क) भारत सरकार और राज्यों द्वारा एकत्रित;
(ख) भारत सरकार और राज्यों द्वारा संसद द्वारा विधि द्वारा निर्धारित संग्रहण एवं विनियोजन के सिद्धांतों के अनुसार विनियोजित किया जाएगा।
अनुच्छेद 270 का संशोधन
संविधान के अनुच्छेद 270 में खंड (1) में, शब्द और अंक "अनुच्छेद 268 और 269" के स्थान पर शब्द, अंक और अक्षर "अनुच्छेद 268, 268ए और 269" प्रतिस्थापित किए जाएंगे।
सातवीं अनुसूची का संशोधन
संविधान की सातवीं अनुसूची में, सूची I-संघ सूची में, प्रविष्टि 92B के स्थान पर निम्नलिखित प्रविष्टि जोड़ी जाएगी, अर्थात्:-
92सी. सेवाओं पर कर।
