संविधान (18वाँ संशोधन) अधिनियम, 1966
अवलोकन
अनुच्छेदों में संशोधन किया गया
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संविधान के अनुच्छेद 3 में नए राज्यों के गठन और मौजूदा राज्यों के क्षेत्रों, सीमाओं या नामों में परिवर्तन का प्रावधान है।
उद्देश्यों और कारणों का कथन
संविधान (बीसवां संशोधन) विधेयक, 1966 के साथ संलग्न उद्देश्यों और कारणों का विवरण, जिसे संविधान (अठारहवां संशोधन) अधिनियम, 1966 के रूप में अधिनियमित किया गया था।
संविधान के अनुच्छेद 3 में नए राज्यों के गठन और मौजूदा राज्यों के क्षेत्रों, सीमाओं या नामों में परिवर्तन का प्रावधान है।
संविधान (सातवां संशोधन) अधिनियम, 1956 के लागू होने से पहले, उस अनुच्छेद में प्रयुक्त "राज्य" शब्द का अर्थ भाग क के राज्य, भाग ख के राज्य और भाग स के राज्य थे। 1956 में संविधान के सातवें संशोधन द्वारा "केंद्र शासित प्रदेश" की अवधारणा को हमारे संविधान में शामिल किया गया, लेकिन अनुच्छेद 3 में "केंद्र शासित प्रदेश" को शामिल करने के लिए संशोधन नहीं किया गया। इस अनुच्छेद में संशोधन करना उचित समझा जाता है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि खंड (क) से (ङ) में प्रयुक्त "राज्य" शब्द का अर्थ...
उस अनुच्छेद के (परन्तु परंतु परंतु प्रावधान में नहीं) भाग में "केंद्र शासित प्रदेश" शामिल हैं। यह स्पष्ट करना भी उचित समझा जाता है कि अनुच्छेद 3 के खंड (क) के अंतर्गत दी गई शक्ति में किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के एक भाग को दूसरे राज्य या केंद्र शासित प्रदेश से मिलाकर नया राज्य या केंद्र शासित प्रदेश बनाने की शक्ति भी शामिल है।
इस विधेयक का उद्देश्य उपरोक्त उद्देश्यों को प्राप्त करना है।
भारत के संविधान में आगे संशोधन करने के लिए एक अधिनियम।
भारत गणराज्य के सत्रहवें वर्ष में संसद द्वारा यह अधिनियमित किया जाता है कि:-
संक्षिप्त नाम
इस अधिनियम को संविधान (अठारहवां संशोधन) अधिनियम, 1966 कहा जा सकता है।
अनुच्छेद 3 का संशोधन
संविधान के अनुच्छेद 3 में, अंत में निम्नलिखित स्पष्टीकरण जोड़े जाएंगे, अर्थात्:-
स्पष्टीकरण I.-इस अनुच्छेद के खंड (क) से (ई) तक, "राज्य" में केंद्र शासित प्रदेश शामिल है, परन्तु परंतु प्रावधान में "राज्य" में केंद्र शासित प्रदेश शामिल नहीं है। स्पष्टीकरण II.-खंड (क) द्वारा संसद को प्रदत्त शक्ति में किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के किसी भाग को किसी अन्य राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में मिलाकर नया राज्य या केंद्र शासित प्रदेश बनाने की शक्ति भी शामिल है।
