बीएनएसएस → सीआरपीसी
2 प्रविष्टियाँ
सह-अपराधी को क्षमादान की पेशकश।
(1) इस धारा के अंतर्गत आने वाले किसी अपराध में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल या उससे परिचित माने जाने वाले किसी व्यक्ति का साक्ष्य प्राप्त करने के उद्देश्य से, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, अपराध की जांच या पूछताछ के किसी भी चरण में, और प्रथम श्रेणी का मजिस्ट्रेट जो अपराध की जांच या सुनवाई कर रहा हो, जांच या सुनवाई…
पूरा पढ़ेंधारा 306. सहअपराधी को क्षमादान
306. सहअपराधी को क्षमादान (1) ऐसे किसी व्यक्ति का साक्ष्य अभिप्राप्त करने की दृष्टि से, जिसके बारे में यह समझा जाता है कि वह उस अपराध में, जिसको यह धारा लागू होती है, प्रत्यक्षतः या अप्रत्यक्षतः संपृक्त रहा है या उसकी जानकारी रखता रहा है, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट या महानगर मजिस्ट्रेट, उस अपराध के अन्वेषण या जांच अथवा…
पूरा पढ़ेंमजिस्ट्रेट द्वारा संज्ञान लेने की प्रक्रिया।
(1) जिस मजिस्ट्रेट को धारा 379 या धारा 380 के तहत शिकायत की जाती है, वह अध्याय सोलह में किसी बात के होते हुए भी, मामले से यथासंभव इस प्रकार निपटेगा मानो वह पुलिस रिपोर्ट पर दर्ज किया गया हो। (2) यदि ऐसे मजिस्ट्रेट या किसी अन्य मजिस्ट्रेट, जिसे मामला स्थानांतरित किया गया हो, के संज्ञान में यह लाया जाता है कि उस न्यायिक…
पूरा पढ़ेंधारा 343. संज्ञान करने वाले मजिस्ट्रेट की प्रक्रिया
343. संज्ञान करने वाले मजिस्ट्रेट की प्रक्रिया (1) वह मजिस्ट्रेट, जिससे धारा 340 या धारा 341 के अधीन परिवाद किया जाता है, अध्याय 15 में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, मामले में इस प्रकार, जहां तक हो सके, कार्रवाई करेगा मानो वह पुलिस रिपोर्ट पर संस्थित किया गया हो। (2) जहां ऐसे मजिस्ट्रेट को, अथवा किसी अन्य…
पूरा पढ़ें- BNSS §343CRPC §306बदलाव हुआ
सह-अपराधी को क्षमादान की पेशकश।
धारा 306. सहअपराधी को क्षमादान
- BNSS §382CRPC §343
मजिस्ट्रेट द्वारा संज्ञान लेने की प्रक्रिया।
धारा 343. संज्ञान करने वाले मजिस्ट्रेट की प्रक्रिया
