बीएनएस → आईपीसी
36 प्रविष्टियाँ
सामान्य स्पष्टीकरण।
(1) इस संहिता में अपराध की प्रत्येक परिभाषा, प्रत्येक दंड प्रावधान और ऐसी प्रत्येक परिभाषा या दंड प्रावधान के प्रत्येक उदाहरण को सामान्य अपवाद नामक अध्याय में निहित अपवादों के अधीन समझा जाएगा, भले ही वे अपवाद ऐसी परिभाषा, दंड प्रावधान या उदाहरण में दोहराए न गए हों। चित्र। (क) इस संहिता में अपराधों की परिभाषाएँ देने…
पूरा पढ़ेंधारा 34 - सामान्य आशय को अग्रसर करने में कई व्यक्तियों द्वारा किए गए कार्य
सामान्य आशय को अग्रसर करने में कई व्यक्तियों द्वारा किए गए कार्य जबकि कोई आपराधिक कार्य कई व्यक्तियों द्वारा अपने सबके सामान्य आशय को अग्रसर करने में किया जाता है, तब ऐसे व्यक्तियों में से हर व्यक्ति उस कार्य के लिए उसी प्रकार दायित्व के अधीन है, मानो वह कार्य अकेले उसी ने किया हो ।
पूरा पढ़ेंआत्मरक्षा में किए गए कार्य।
आत्मरक्षा के अधिकार का प्रयोग करते हुए किया गया कोई भी कार्य अपराध नहीं है।
पूरा पढ़ेंधारा 96 - प्राइवेट प्रतिरक्षा में की गई बातें
प्राइवेट प्रतिरक्षा में की गई बातें कोई बात अपराध नहीं है, जो प्राइवेट प्रेतिरक्षा के अधिकार के प्रयोग में की जाती है ।
पूरा पढ़ेंगलत तरीके से रोकना।
(1) जो कोई स्वेच्छा से किसी व्यक्ति को इस प्रकार रोकता है कि वह व्यक्ति किसी भी दिशा में आगे बढ़ने से रोका जा सके, जिस दिशा में आगे बढ़ने का उसे अधिकार है, उसे उस व्यक्ति को गलत तरीके से रोकना कहा जाता है। अपवाद.—भूमि या जल पर किसी निजी मार्ग को अवरुद्ध करना, जिसे अवरुद्ध करने का किसी व्यक्ति को सद्भावनापूर्वक वैध…
पूरा पढ़ेंगलत तरीके से रोकने पर दंड।
जो कोई भी किसी व्यक्ति को गलत तरीके से रोकता है, उसे एक महीने तक की साधारण कारावास की सजा, या पांच सौ रुपये तक के जुर्माने, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
पूरा पढ़ेंअवैध कारावास।
(1) जो कोई भी किसी व्यक्ति को इस प्रकार से गलत तरीके से रोकता है कि वह व्यक्ति कुछ निर्धारित सीमाओं से आगे जाने से रोका जाए, तो उसे उस व्यक्ति को “गलत तरीके से कैद करना” कहा जाता है। चित्र... (a) A, Z को एक चारदीवारी वाले स्थान के भीतर जाने के लिए मजबूर करता है और Z को अंदर बंद कर देता है। इस प्रकार Z को दीवार की…
पूरा पढ़ेंअवैध कारावास।
जो कोई भी किसी व्यक्ति को इस प्रकार से गलत तरीके से रोकता है जिससे वह व्यक्ति कुछ निर्धारित सीमाओं से आगे बढ़ने से रोका जाता है, उसे उस व्यक्ति को "गलत तरीके से कैद करना" कहा जाता है। रेखांकन (a) A, Z को एक चारदीवारी वाले स्थान के भीतर जाने के लिए मजबूर करता है और Z को अंदर बंद कर देता है। इस प्रकार Z को दीवार की…
पूरा पढ़ेंअवैध कारावास।
(1) जो कोई भी किसी व्यक्ति को इस प्रकार से गलत तरीके से रोकता है कि वह व्यक्ति कुछ निर्धारित सीमाओं से आगे जाने से रोका जाए, तो उसे उस व्यक्ति को “गलत तरीके से कैद करना” कहा जाता है। चित्र... (a) A, Z को एक चारदीवारी वाले स्थान के भीतर जाने के लिए मजबूर करता है और Z को अंदर बंद कर देता है। इस प्रकार Z को दीवार की…
पूरा पढ़ेंअवैध कारावास।
जो कोई भी किसी व्यक्ति को इस प्रकार से गलत तरीके से रोकता है जिससे वह व्यक्ति कुछ निर्धारित सीमाओं से आगे बढ़ने से रोका जाता है, उसे उस व्यक्ति को "गलत तरीके से कैद करना" कहा जाता है। रेखांकन (a) A, Z को एक चारदीवारी वाले स्थान के भीतर जाने के लिए मजबूर करता है और Z को अंदर बंद कर देता है। इस प्रकार Z को दीवार की…
पूरा पढ़ेंअवैध कारावास।
(1) जो कोई भी किसी व्यक्ति को इस प्रकार से गलत तरीके से रोकता है कि वह व्यक्ति कुछ निर्धारित सीमाओं से आगे जाने से रोका जाए, तो उसे उस व्यक्ति को “गलत तरीके से कैद करना” कहा जाता है। चित्र... (a) A, Z को एक चारदीवारी वाले स्थान के भीतर जाने के लिए मजबूर करता है और Z को अंदर बंद कर देता है। इस प्रकार Z को दीवार की…
पूरा पढ़ेंधारा 342 - सदोष परिरोध के लिए दण्ड
सदोष परिरोध के लिए दण्ड जो कोई किसी व्यक्ति का सदोष परिरोध करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि एक वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो एक हजार रुपए तक का हो सकेगा, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा ।
पूरा पढ़ेंअवैध कारावास।
(1) जो कोई भी किसी व्यक्ति को इस प्रकार से गलत तरीके से रोकता है कि वह व्यक्ति कुछ निर्धारित सीमाओं से आगे जाने से रोका जाए, तो उसे उस व्यक्ति को “गलत तरीके से कैद करना” कहा जाता है। चित्र... (a) A, Z को एक चारदीवारी वाले स्थान के भीतर जाने के लिए मजबूर करता है और Z को अंदर बंद कर देता है। इस प्रकार Z को दीवार की…
पूरा पढ़ेंधारा 343 - तीन या अधिक दिनों के लिए सदोष परिरोध
तीन या अधिक दिनों के लिए सदोष परिरोध जो कोई किसी व्यक्ति का सदोष परिरोध तीन या अधिक दिनों के लिए करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा ।
पूरा पढ़ेंअवैध कारावास।
(1) जो कोई भी किसी व्यक्ति को इस प्रकार से गलत तरीके से रोकता है कि वह व्यक्ति कुछ निर्धारित सीमाओं से आगे जाने से रोका जाए, तो उसे उस व्यक्ति को “गलत तरीके से कैद करना” कहा जाता है। चित्र... (a) A, Z को एक चारदीवारी वाले स्थान के भीतर जाने के लिए मजबूर करता है और Z को अंदर बंद कर देता है। इस प्रकार Z को दीवार की…
पूरा पढ़ेंधारा 344 - दस या अधिक दिनों के लिए सदोष परिरोध
दस या अधिक दिनों के लिए सदोष परिरोध जो कोई किसी व्यक्ति का सदोष परिरोध दस या अधिक दिनों के लिए करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा ।
पूरा पढ़ेंअवैध कारावास।
(1) जो कोई भी किसी व्यक्ति को इस प्रकार से गलत तरीके से रोकता है कि वह व्यक्ति कुछ निर्धारित सीमाओं से आगे जाने से रोका जाए, तो उसे उस व्यक्ति को “गलत तरीके से कैद करना” कहा जाता है। चित्र... (a) A, Z को एक चारदीवारी वाले स्थान के भीतर जाने के लिए मजबूर करता है और Z को अंदर बंद कर देता है। इस प्रकार Z को दीवार की…
पूरा पढ़ेंधारा 345 - ऐसे व्यक्ति का सदोष परिरोध जिसके छोड़ने के लिए रिट निकल चुका है
ऐसे व्यक्ति का सदोष परिरोध जिसके छोड़ने के लिए रिट निकल चुका है जो कोई यह जानते हुए किसी व्यक्ति को सदोष परिरोध में रखेगा कि उस व्यक्ति को छोड़ने के लिए रिट सम्यक् रूप से निकल चुका है । वह किसी अवधि के उस कारावास के अतिरिक्त, जिससे कि वह इस अध्याय की किसी अन्य धारा के अधीन दण्डनीय हो, दोनों में से किसी भांति के…
पूरा पढ़ेंअवैध कारावास।
(1) जो कोई भी किसी व्यक्ति को इस प्रकार से गलत तरीके से रोकता है कि वह व्यक्ति कुछ निर्धारित सीमाओं से आगे जाने से रोका जाए, तो उसे उस व्यक्ति को “गलत तरीके से कैद करना” कहा जाता है। चित्र... (a) A, Z को एक चारदीवारी वाले स्थान के भीतर जाने के लिए मजबूर करता है और Z को अंदर बंद कर देता है। इस प्रकार Z को दीवार की…
पूरा पढ़ेंधारा 346 - गुप्त स्थान में सदोष परिरोध
गुप्त स्थान में सदोष परिरोध जो कोई किसी व्यक्ति का सदोष परिरोध इस प्रकार करेगा जिससे यह आशय प्रतीत होता हो कि ऐसे परिरुद्ध व्यक्ति से हितबद्ध किसी व्यक्ति को या किसी लोक सेवक को ऐसे व्यक्ति के परिरोध की जानकारी न होने पाए या एतस्मिन््पूर्व वर्णित किसी ऐसे व्यक्ति या लोक सेवक को, ऐसे परिरोध के स्थान की जानकारी न होने…
पूरा पढ़ेंअवैध कारावास।
(1) जो कोई भी किसी व्यक्ति को इस प्रकार से गलत तरीके से रोकता है कि वह व्यक्ति कुछ निर्धारित सीमाओं से आगे जाने से रोका जाए, तो उसे उस व्यक्ति को “गलत तरीके से कैद करना” कहा जाता है। चित्र... (a) A, Z को एक चारदीवारी वाले स्थान के भीतर जाने के लिए मजबूर करता है और Z को अंदर बंद कर देता है। इस प्रकार Z को दीवार की…
पूरा पढ़ेंधारा 347 - सम्पत्ति उद्दापित करने के लिए या अवैध कार्य करने के लिए मजबूर करने के लिए सदोष परिरोध
सम्पत्ति उद्दापित करने के लिए या अवैध कार्य करने के लिए मजबूर करने के लिए सदोष परिरोध जो कोई किसी व्यक्ति का सदोष परिरोध इस प्रयोजन से करेगा कि उस परिरुद्ध व्यक्ति से, या उससे हितबद्ध किसी व्यक्ति से, कोई सम्पत्ति या मूल्यवान प्रतिभूति उद्दापित की जाए, अथवा उस परिरुद्ध व्यक्ति को या उससे हितबद्ध किसी व्यक्ति से, कोई…
पूरा पढ़ेंअवैध कारावास।
(1) जो कोई भी किसी व्यक्ति को इस प्रकार से गलत तरीके से रोकता है कि वह व्यक्ति कुछ निर्धारित सीमाओं से आगे जाने से रोका जाए, तो उसे उस व्यक्ति को “गलत तरीके से कैद करना” कहा जाता है। चित्र... (a) A, Z को एक चारदीवारी वाले स्थान के भीतर जाने के लिए मजबूर करता है और Z को अंदर बंद कर देता है। इस प्रकार Z को दीवार की…
पूरा पढ़ेंधारा 348 - संस्वीकॄति उद्दापित करने के लिए या विवश करके सम्पत्ति का प्रत्यावर्तन करने के लिए सदोष परिरोध
संस्वीकॄति उद्दापित करने के लिए या विवश करके सम्पत्ति का प्रत्यावर्तन करने के लिए सदोष परिरोध जो कोई किसी व्यक्ति का सदोष परिरोध इस प्रयोजन से करेगा कि उस परिरुद्ध व्यक्ति से, या उससे हितबद्ध किसी व्यक्ति से, कोई संस्वीकॄति या कोई जानकारी, जिससे किसी अपराध या अवचार का पता चल सके, उद्दापित की जाए, या वह परिरुद्ध…
पूरा पढ़ेंबल।
किसी व्यक्ति द्वारा दूसरे व्यक्ति पर बल प्रयोग करना तब कहा जाता है जब वह दूसरे व्यक्ति में गति, गति में परिवर्तन या गति की समाप्ति का कारण बनता है, या यदि वह किसी पदार्थ में ऐसी गति, गति में परिवर्तन या गति की समाप्ति का कारण बनता है जिससे वह पदार्थ दूसरे व्यक्ति के शरीर के किसी अंग, या दूसरे व्यक्ति द्वारा पहने या ले…
पूरा पढ़ेंधारा 349 - बल
बल कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति पर बल का प्रयोग करता है, यह कहा जाता है, यदि वह उस अन्य व्यक्ति में गति, गति-परिवर्तन या गतिहीनता कारित कर देता है या यदि वह किसी पदार्थ में ऐसी गति, गति-परिवर्तन या गतिहीनता कारित कर देता है, जिससे उस पदार्थ का स्पर्श उस अन्य व्यक्ति के शरीर के किसी भाग से या किसी ऐसी चीज से, जिसे वह…
पूरा पढ़ेंजाली दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड बनाना और उसे असली के रूप में इस्तेमाल करना।
(1) जालसाजी द्वारा पूर्णतः या आंशिकतः निर्मित कोई झूठा दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख जाली दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख कहलाता है। (2) जो कोई भी कपटपूर्वक या बेईमानी से किसी ऐसे दस्तावेज़ या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को असली मानकर इस्तेमाल करता है जिसे वह जानता है या जिसके बारे में उसे यह मानने का कारण है कि वह जाली…
पूरा पढ़ेंधारा 470 - कूटरचित दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेखट
कूटरचित दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेखट वह मिथ्या 4[दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख] जो पूर्णतः या भागतः कूटरचना द्वारा रची गई है, “कूटरचित 4[दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख] ” कहलाती है ।
पूरा पढ़ेंजाली दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड बनाना और उसे असली के रूप में इस्तेमाल करना।
(1) जालसाजी द्वारा पूर्णतः या आंशिकतः निर्मित कोई झूठा दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख जाली दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख कहलाता है। (2) जो कोई भी कपटपूर्वक या बेईमानी से किसी ऐसे दस्तावेज़ या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को असली मानकर इस्तेमाल करता है जिसे वह जानता है या जिसके बारे में उसे यह मानने का कारण है कि वह जाली…
पूरा पढ़ेंधारा 470 - कूटरचित दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेखट
कूटरचित दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेखट वह मिथ्या 4[दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख] जो पूर्णतः या भागतः कूटरचना द्वारा रची गई है, “कूटरचित 4[दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख] ” कहलाती है ।
पूरा पढ़ेंजाली दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड बनाना और उसे असली के रूप में इस्तेमाल करना।
(1) जालसाजी द्वारा पूर्णतः या आंशिकतः निर्मित कोई झूठा दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख जाली दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख कहलाता है। (2) जो कोई भी कपटपूर्वक या बेईमानी से किसी ऐसे दस्तावेज़ या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को असली मानकर इस्तेमाल करता है जिसे वह जानता है या जिसके बारे में उसे यह मानने का कारण है कि वह जाली…
पूरा पढ़ेंधारा 471 - कूटरचित दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख का असली के रूप में उपयोग में लाना
कूटरचित दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख का असली के रूप में उपयोग में लाना जो कोई किसी ऐसी दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख को, जिसके बारे में वह यह जानता या विश्वास करने का कारण रखता हो कि वह कूटरचित दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख है, कपटपूर्वक या बेईमानी से असली के रूप में उपयोग में लाएगा, वह उसी प्रकार दण्डित किया…
पूरा पढ़ेंजाली मुहर आदि बनाना या अपने पास रखना, जालसाजी करने के इरादे से, धारा 338 के तहत दंडनीय है।
(1) जो कोई भी किसी मुहर, प्लेट या अन्य छाप बनाने वाले उपकरण को इस इरादे से बनाता या उसकी नकल करता है कि उसका उपयोग इस संहिता की धारा 338 के तहत दंडनीय किसी जालसाजी के लिए किया जाएगा, या ऐसे इरादे से, किसी ऐसी मुहर, प्लेट या अन्य उपकरण को अपने कब्जे में रखता है, यह जानते हुए कि वह नकली है, उसे आजीवन कारावास या किसी भी…
पूरा पढ़ेंधारा 472 - धारा 467 के अधीन दण्डनीय कूटरचना करने के आशय से कूटकॄत मुद्रा, आदि का बनाना या कब्जे में रखना
धारा 467 के अधीन दण्डनीय कूटरचना करने के आशय से कूटकॄत मुद्रा, आदि का बनाना या कब्जे में रखना जो कोई किसी मुद्रा, पट्टी या छाप लगाने के अन्य उपकरण को इस आशय से बनाएगा या उसकी कूटकॄति तैयार करेगा कि उसे कोई ऐसी कूटरचना करने के प्रयोजन के लिए उपयोग में लाया जाए, जो इस संहिता की धारा 467 के अधीन दण्डनीय है, या इस आशय से,…
पूरा पढ़ेंजाली मुहर आदि बनाना या अपने पास रखना, जालसाजी करने के इरादे से, धारा 338 के तहत दंडनीय है।
(1) जो कोई भी किसी मुहर, प्लेट या अन्य छाप बनाने वाले उपकरण को इस इरादे से बनाता या उसकी नकल करता है कि उसका उपयोग इस संहिता की धारा 338 के तहत दंडनीय किसी जालसाजी के लिए किया जाएगा, या ऐसे इरादे से, किसी ऐसी मुहर, प्लेट या अन्य उपकरण को अपने कब्जे में रखता है, यह जानते हुए कि वह नकली है, उसे आजीवन कारावास या किसी भी…
पूरा पढ़ेंधारा 472 - धारा 467 के अधीन दण्डनीय कूटरचना करने के आशय से कूटकॄत मुद्रा, आदि का बनाना या कब्जे में रखना
धारा 467 के अधीन दण्डनीय कूटरचना करने के आशय से कूटकॄत मुद्रा, आदि का बनाना या कब्जे में रखना जो कोई किसी मुद्रा, पट्टी या छाप लगाने के अन्य उपकरण को इस आशय से बनाएगा या उसकी कूटकॄति तैयार करेगा कि उसे कोई ऐसी कूटरचना करने के प्रयोजन के लिए उपयोग में लाया जाए, जो इस संहिता की धारा 467 के अधीन दण्डनीय है, या इस आशय से,…
पूरा पढ़ेंजाली मुहर आदि बनाना या अपने पास रखना, जालसाजी करने के इरादे से, धारा 338 के तहत दंडनीय है।
(1) जो कोई भी किसी मुहर, प्लेट या अन्य छाप बनाने वाले उपकरण को इस इरादे से बनाता या उसकी नकल करता है कि उसका उपयोग इस संहिता की धारा 338 के तहत दंडनीय किसी जालसाजी के लिए किया जाएगा, या ऐसे इरादे से, किसी ऐसी मुहर, प्लेट या अन्य उपकरण को अपने कब्जे में रखता है, यह जानते हुए कि वह नकली है, उसे आजीवन कारावास या किसी भी…
पूरा पढ़ेंधारा 473 - अन्यथा दण्डनीय कूटरचना करने के आशय से कूटकॄत मुद्रा, आदि का बनाना या कब्जे में रखना
अन्यथा दण्डनीय कूटरचना करने के आशय से कूटकॄत मुद्रा, आदि का बनाना या कब्जे में रखना जो कोई किसी मुद्रा, पट्टी या छाप लगाने के अन्य उपकरण को इस आशय से बनाएगा या उसकी कूटकॄति करेगा, कि उसे कोई ऐसी कूटरचना करने के प्रयोजन के लिए उपयोग में लाया जाए, जो धारा 467 से भिन्न इस अध्याय की किसी धारा के अधीन दण्डनीय है, या इस आशय…
पूरा पढ़ेंजाली मुहर आदि बनाना या अपने पास रखना, जालसाजी करने के इरादे से, धारा 338 के तहत दंडनीय है।
(1) जो कोई भी किसी मुहर, प्लेट या अन्य छाप बनाने वाले उपकरण को इस इरादे से बनाता या उसकी नकल करता है कि उसका उपयोग इस संहिता की धारा 338 के तहत दंडनीय किसी जालसाजी के लिए किया जाएगा, या ऐसे इरादे से, किसी ऐसी मुहर, प्लेट या अन्य उपकरण को अपने कब्जे में रखता है, यह जानते हुए कि वह नकली है, उसे आजीवन कारावास या किसी भी…
पूरा पढ़ेंनई उपधारा
New Sub-Section
जाली मुहर आदि बनाना या अपने पास रखना, जालसाजी करने के इरादे से, धारा 338 के तहत दंडनीय है।
(1) जो कोई भी किसी मुहर, प्लेट या अन्य छाप बनाने वाले उपकरण को इस इरादे से बनाता या उसकी नकल करता है कि उसका उपयोग इस संहिता की धारा 338 के तहत दंडनीय किसी जालसाजी के लिए किया जाएगा, या ऐसे इरादे से, किसी ऐसी मुहर, प्लेट या अन्य उपकरण को अपने कब्जे में रखता है, यह जानते हुए कि वह नकली है, उसे आजीवन कारावास या किसी भी…
पूरा पढ़ेंनई उपधारा
New Sub-Section
धारा 338 में वर्णित दस्तावेजों को प्रमाणित करने के लिए प्रयुक्त जालसाजी उपकरण या चिह्न, या जालसाजी चिह्नित सामग्री का कब्ज़ा।
(1) जो कोई भी किसी सामग्री पर या उसके सार में, धारा 338 में वर्णित किसी दस्तावेज़ को प्रमाणित करने के उद्देश्य से प्रयुक्त किसी चिह्न या चिन्ह की नकल करता है, इस इरादे से कि ऐसे चिह्न या चिन्ह का उपयोग उस सामग्री पर पहले से या बाद में बनाए जाने वाले किसी दस्तावेज़ को प्रामाणिकता का आभास देने के उद्देश्य से किया जाएगा,…
पूरा पढ़ेंधारा 475 - धारा 467 में वर्णित दस्तावेजों के अधिप्रमाणीकरण के लिए उपयोग में लाई जाने वाली अभिलक्षणा या चिह्न की कूटकॄति बनाना या कूटकॄत चिह्नयुक्त पदार्थ को कब्जे में रखना
धारा 467 में वर्णित दस्तावेजों के अधिप्रमाणीकरण के लिए उपयोग में लाई जाने वाली अभिलक्षणा या चिह्न की कूटकॄति बनाना या कूटकॄत चिह्नयुक्त पदार्थ को कब्जे में रखना जो कोई किसी पदार्थ के ऊपर, या उसके उपादान में, किसी ऐसी अभिलक्षणा या चिह्न की, जिसे इस संहिता की धारा 467 में वर्णित किसी दस्तावेज के अधिप्रमाणीकरण के प्रयोजन…
पूरा पढ़ेंधारा 338 में वर्णित दस्तावेजों को प्रमाणित करने के लिए प्रयुक्त जालसाजी उपकरण या चिह्न, या जालसाजी चिह्नित सामग्री का कब्ज़ा।
(1) जो कोई भी किसी सामग्री पर या उसके सार में, धारा 338 में वर्णित किसी दस्तावेज़ को प्रमाणित करने के उद्देश्य से प्रयुक्त किसी चिह्न या चिन्ह की नकल करता है, इस इरादे से कि ऐसे चिह्न या चिन्ह का उपयोग उस सामग्री पर पहले से या बाद में बनाए जाने वाले किसी दस्तावेज़ को प्रामाणिकता का आभास देने के उद्देश्य से किया जाएगा,…
पूरा पढ़ेंधारा 475 - धारा 467 में वर्णित दस्तावेजों के अधिप्रमाणीकरण के लिए उपयोग में लाई जाने वाली अभिलक्षणा या चिह्न की कूटकॄति बनाना या कूटकॄत चिह्नयुक्त पदार्थ को कब्जे में रखना
धारा 467 में वर्णित दस्तावेजों के अधिप्रमाणीकरण के लिए उपयोग में लाई जाने वाली अभिलक्षणा या चिह्न की कूटकॄति बनाना या कूटकॄत चिह्नयुक्त पदार्थ को कब्जे में रखना जो कोई किसी पदार्थ के ऊपर, या उसके उपादान में, किसी ऐसी अभिलक्षणा या चिह्न की, जिसे इस संहिता की धारा 467 में वर्णित किसी दस्तावेज के अधिप्रमाणीकरण के प्रयोजन…
पूरा पढ़ेंधारा 338 में वर्णित दस्तावेजों को प्रमाणित करने के लिए प्रयुक्त जालसाजी उपकरण या चिह्न, या जालसाजी चिह्नित सामग्री का कब्ज़ा।
(1) जो कोई भी किसी सामग्री पर या उसके सार में, धारा 338 में वर्णित किसी दस्तावेज़ को प्रमाणित करने के उद्देश्य से प्रयुक्त किसी चिह्न या चिन्ह की नकल करता है, इस इरादे से कि ऐसे चिह्न या चिन्ह का उपयोग उस सामग्री पर पहले से या बाद में बनाए जाने वाले किसी दस्तावेज़ को प्रामाणिकता का आभास देने के उद्देश्य से किया जाएगा,…
पूरा पढ़ेंधारा 476 - धारा 467 में वर्णित दस्तावेजों से भिन्न दस्तावेजों के अधिप्रमाणीकरण के लिए उपयोग में लाई जाने वाली अभिलक्षणा या चिह्न की कूटकॄति बनाना या कूटकॄत चिह्नयुक्त पदार्थ को कब्जे में रखना
धारा 467 में वर्णित दस्तावेजों से भिन्न दस्तावेजों के अधिप्रमाणीकरण के लिए उपयोग में लाई जाने वाली अभिलक्षणा या चिह्न की कूटकॄति बनाना या कूटकॄत चिह्नयुक्त पदार्थ को कब्जे में रखना जो कोई किसी पदार्थ के ऊपर, या उसके उपादान में, किसी ऐसी अभिलक्षणा या चिह्न की, जिसे इस संहिता की धारा 467 में वर्णित दस्तावेजों से भिन्न…
पूरा पढ़ेंवसीयत, गोद लेने का अधिकार या मूल्यवान प्रतिभूति का कपटपूर्ण रद्द करना, नष्ट करना आदि।
जो कोई भी कपटपूर्वक या बेईमानी से, या जनता या किसी व्यक्ति को हानि या चोट पहुँचाने के इरादे से, किसी ऐसे दस्तावेज़ को रद्द करता है, नष्ट करता है या विकृत करता है, या रद्द करने, नष्ट करने या विकृत करने का प्रयास करता है, या छुपाता है या छुपाने का प्रयास करता है जो वसीयत हो या होने का दावा करता हो, या पुत्र गोद लेने का…
पूरा पढ़ेंधारा 477 - विल, दत्तकग्रहण प्राधिकार-पत्र या मूल्यवान प्रतिभूति को कपटपूर्वक रदद्, नष्ट, आदि करना
विल, दत्तकग्रहण प्राधिकार-पत्र या मूल्यवान प्रतिभूति को कपटपूर्वक रदद्, नष्ट, आदि करना जो कोई कपटपूर्वक या बेईमानी से, या लोक को या किसी व्यक्ति को नुकसान या क्षति कारित करने के आशय से, किसी ऐसी दस्तावेज को, जो विल या पुत्र के दत्तकग्रहण करने का प्राधिकार-पत्र या कोई मूल्यवान प्रतिभूति हो, या होना तात्पर्यित हो, रद्द,…
पूरा पढ़ेंखातों में हेराफेरी।
जो कोई भी क्लर्क, अधिकारी या सेवक हो, या क्लर्क, अधिकारी या सेवक के रूप में कार्यरत हो या कार्य कर रहा हो, जानबूझकर और धोखाधड़ी के इरादे से, अपने नियोक्ता से संबंधित या उसके कब्जे में मौजूद किसी भी बहीखाते, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, कागज, लेख, मूल्यवान प्रतिभूति या खाते को नष्ट करता है, उसमें परिवर्तन करता है, उसे विकृत…
पूरा पढ़ेंधारा 477A - लेखा का मिथ्याकरण
लेखा का मिथ्याकरण जो कोई लिपिक, आफिसर या सेवक होते हुए, या लिपिक, आफिसर या सेवक की हैसियत में नियोजित होते हुए या कार्य करते हुए, जानबूझकर और कपट करने के आशय से, किसी ऐसी पुस्तक, इलैक्ट्रानिक अभिलेख, कागज, लेख, मूल्यवान प्रतिभूति या लेखा को, जो उसके नियोजक की हो या उसके नियोजक के कब्जे में हो, या जो उसके द्वारा अपने…
पूरा पढ़ेंसंपत्ति चिह्न।
(1) किसी चल संपत्ति के किसी विशेष व्यक्ति से संबंधित होने का संकेत देने के लिए प्रयुक्त चिह्न को संपत्ति चिह्न कहा जाता है। (2) जो कोई भी किसी चल संपत्ति या माल, या किसी डिब्बे, पैकेज या अन्य पात्र पर, जिसमें चल संपत्ति या माल रखा हो, इस प्रकार चिह्न लगाता है, या किसी ऐसे डिब्बे, पैकेज या अन्य पात्र का उपयोग करता है…
पूरा पढ़ेंधारा 479 - सम्पत्ति-चिह्न
सम्पत्ति-चिह्न वह चिह्न जो यह द्योतन करने के लिए उपयोग में लाया जाता है कि जंगम संपत्ति किसी विशिष्ट व्यक्ति की है, सम्पत्ति चिह्न कहा जाता है ।
पूरा पढ़ेंसंपत्ति चिह्न।
(1) किसी चल संपत्ति के किसी विशेष व्यक्ति से संबंधित होने का संकेत देने के लिए प्रयुक्त चिह्न को संपत्ति चिह्न कहा जाता है। (2) जो कोई भी किसी चल संपत्ति या माल, या किसी डिब्बे, पैकेज या अन्य पात्र पर, जिसमें चल संपत्ति या माल रखा हो, इस प्रकार चिह्न लगाता है, या किसी ऐसे डिब्बे, पैकेज या अन्य पात्र का उपयोग करता है…
पूरा पढ़ेंधारा 479 - सम्पत्ति-चिह्न
सम्पत्ति-चिह्न वह चिह्न जो यह द्योतन करने के लिए उपयोग में लाया जाता है कि जंगम संपत्ति किसी विशिष्ट व्यक्ति की है, सम्पत्ति चिह्न कहा जाता है ।
पूरा पढ़ेंसंपत्ति चिह्न।
(1) किसी चल संपत्ति के किसी विशेष व्यक्ति से संबंधित होने का संकेत देने के लिए प्रयुक्त चिह्न को संपत्ति चिह्न कहा जाता है। (2) जो कोई भी किसी चल संपत्ति या माल, या किसी डिब्बे, पैकेज या अन्य पात्र पर, जिसमें चल संपत्ति या माल रखा हो, इस प्रकार चिह्न लगाता है, या किसी ऐसे डिब्बे, पैकेज या अन्य पात्र का उपयोग करता है…
पूरा पढ़ेंधारा 481 - मिथ्या सम्पत्ति-चिह्न को उपयोग में लाना
मिथ्या सम्पत्ति-चिह्न को उपयोग में लाना जो कोई किसी जंगम सम्पत्ति या माल की या किसी पेटी, पैकेज या अन्य पात्र को, जिसमें जंगम सम्पत्ति या माल रखा है, ऐसी रीति से चिन्हित करता है या किसी पेटी, पैकेज या अन्य पात्र को, जिन पर कोई चिह्न है, ऐसी रीति से उपयोग में लाता है, जो इसलिए युक्तियुक्त रूप से प्रकल्पित है कि उससे यह…
पूरा पढ़ेंसंपत्ति चिह्न।
(1) किसी चल संपत्ति के किसी विशेष व्यक्ति से संबंधित होने का संकेत देने के लिए प्रयुक्त चिह्न को संपत्ति चिह्न कहा जाता है। (2) जो कोई भी किसी चल संपत्ति या माल, या किसी डिब्बे, पैकेज या अन्य पात्र पर, जिसमें चल संपत्ति या माल रखा हो, इस प्रकार चिह्न लगाता है, या किसी ऐसे डिब्बे, पैकेज या अन्य पात्र का उपयोग करता है…
पूरा पढ़ेंधारा 482 - मिथ्या सम्पत्ति-चिह्न को उपयोग करने के लिए दण्ड
मिथ्या सम्पत्ति-चिह्न को उपयोग करने के लिए दण्ड जो कोई किसी मिथ्या सम्पत्ति चिह्न का उपयोग करेगा, जब तक कि वह यह साबित न कर दे कि उसने कपट कने के आशय के बिना कार्य किया है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि एक वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से दण्डित किया जाएगा ।
पूरा पढ़ेंकिसी को हानि पहुंचाने के इरादे से संपत्ति चिह्न के साथ छेड़छाड़ करना।
जो कोई भी किसी संपत्ति के चिह्न को हटाता है, नष्ट करता है, विकृत करता है या उसमें कुछ जोड़ता है, इस इरादे से या यह जानते हुए कि इससे किसी व्यक्ति को चोट पहुँचने की संभावना है, तो उसे किसी भी प्रकार के कारावास से एक वर्ष तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
पूरा पढ़ेंधारा 489 - क्षति कारित करने के आशय से सम्पत्ति-चिह्न को बिगाड़ना
क्षति कारित करने के आशय से सम्पत्ति-चिह्न को बिगाड़ना जो कोई किसी सम्पत्ति-चिह्न को, यह आशय रखते हुए, या यह सम्भाव्य जानते हुए कि वह तद्द्वारा किसी व्यक्ति को क्षति करे, किसी सम्पत्ति-चिह्न को अपसारित करेगा, नष्ट करेगा, विरूपित करेगा या उसमें कुछ जोड़ेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि एक वर्ष तक…
पूरा पढ़ेंकिसी संपत्ति चिह्न की जालसाजी करना।
(1) जो कोई भी किसी अन्य व्यक्ति द्वारा प्रयुक्त किसी संपत्ति चिह्न की नकल करता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दो वर्ष तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा। (2) जो कोई लोक सेवक द्वारा प्रयुक्त किसी संपत्ति चिह्न की, या किसी लोक सेवक द्वारा किसी संपत्ति के निर्माण को किसी विशेष व्यक्ति…
पूरा पढ़ेंधारा 483 - अन्य व्यक्ति द्वारा उपयोग में लाए गए सम्पत्ति चिह्न का कूटकरण
अन्य व्यक्ति द्वारा उपयोग में लाए गए सम्पत्ति चिह्न का कूटकरण जो कोई किसी सम्पत्ति- चिह्न का, जो किसी अन्य व्यक्ति द्वारा उपयोग में लाया जाता हो, कूटकरण करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा ।
पूरा पढ़ेंकिसी संपत्ति चिह्न की जालसाजी करना।
(1) जो कोई भी किसी अन्य व्यक्ति द्वारा प्रयुक्त किसी संपत्ति चिह्न की नकल करता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दो वर्ष तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा। (2) जो कोई लोक सेवक द्वारा प्रयुक्त किसी संपत्ति चिह्न की, या किसी लोक सेवक द्वारा किसी संपत्ति के निर्माण को किसी विशेष व्यक्ति…
पूरा पढ़ेंधारा 483 - अन्य व्यक्ति द्वारा उपयोग में लाए गए सम्पत्ति चिह्न का कूटकरण
अन्य व्यक्ति द्वारा उपयोग में लाए गए सम्पत्ति चिह्न का कूटकरण जो कोई किसी सम्पत्ति- चिह्न का, जो किसी अन्य व्यक्ति द्वारा उपयोग में लाया जाता हो, कूटकरण करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा ।
पूरा पढ़ेंकिसी संपत्ति चिह्न की जालसाजी करना।
(1) जो कोई भी किसी अन्य व्यक्ति द्वारा प्रयुक्त किसी संपत्ति चिह्न की नकल करता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दो वर्ष तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा। (2) जो कोई लोक सेवक द्वारा प्रयुक्त किसी संपत्ति चिह्न की, या किसी लोक सेवक द्वारा किसी संपत्ति के निर्माण को किसी विशेष व्यक्ति…
पूरा पढ़ेंधारा 484 - लोक सेवक द्वारा उपयोग में लाए गए चिह्न का कूटकरण
लोक सेवक द्वारा उपयोग में लाए गए चिह्न का कूटकरण जो कोई किसी सम्पत्ति- चिह्न का, जो लोक सेवक द्वारा उपयोग में लाया जाता हो ; या किसी ऐसे चिह्न का, जो लोक सेवक द्वारा यह द्योतन करने के लिए उपयोग में लाया जाता हो कि कोई सम्पत्ति किसी विशिष्ट व्यक्ति द्वारा या किसी विशिष्ट समय या स्थान पर विनिर्मित की गई है, या यह कि वह…
पूरा पढ़ेंकिसी संपत्ति चिह्न की जालसाजी के लिए किसी भी उपकरण का निर्माण करना या उसे अपने पास रखना।
जो कोई भी किसी संपत्ति चिह्न की नकल करने के उद्देश्य से कोई सांचा, प्लेट या अन्य उपकरण बनाता है या अपने पास रखता है, या किसी संपत्ति चिह्न को इस उद्देश्य से अपने पास रखता है कि वह किसी ऐसे व्यक्ति की संपत्ति को दर्शाए जिसकी वह संपत्ति वास्तव में नहीं है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से तीन वर्ष तक की अवधि के लिए, या…
पूरा पढ़ेंधारा 485 - सम्पत्ति-चिह्न के कूटकरण के लिए कोई उपकरण बनाना या उस पर कब्जा
सम्पत्ति-चिह्न के कूटकरण के लिए कोई उपकरण बनाना या उस पर कब्जा जो कोई सम्पत्ति- चिह्न के कूटकरण के प्रयोजन से कोई डाई, पट्टी या अन्य उपकरण बनाएगा या अपने कब्जे में रखेगा, अथवा यह द्योतन करने के प्रयोजन से कि कोई माल ऐसे व्यक्ति का है, जिसका वह नहीं है, किसी सम्पत्ति- चिह्न को अपने कब्जे में रखेगा, वह दोनों में से किसी…
पूरा पढ़ेंनकली संपत्ति चिह्न वाले सामान बेचना।
जो कोई भी किसी ऐसी वस्तु या वस्तु को बेचता है, प्रदर्शित करता है, या बिक्री के लिए अपने कब्जे में रखता है, जिस पर या किसी ऐसे डिब्बे, पैकेज या अन्य पात्र पर नकली चिह्न लगा हो या अंकित हो जिसमें ऐसी वस्तुएं रखी हों, तो जब तक वह साबित न कर दे--- (क) कि इस धारा के तहत अपराध करने से रोकने के लिए सभी उचित सावधानियां बरतने…
पूरा पढ़ेंधारा 486 - कूटकॄत सम्पत्ति-चिह्न से चिन्हित माल का विक्रय
कूटकॄत सम्पत्ति-चिह्न से चिन्हित माल का विक्रय जो कोई किसी माल या चीजों को, स्वयं उन पर या किसी ऐसी पेटी, पैकेज या अन्य पात्र पर, जिसमें ऐसा माल रखा हो, कोई कूटकॄत सम्पत्ति-चिह्न लगा हुआ या छपा हुआ होते हुए, बेचेगा या बेचने के लिए अभिदर्शित करेगा या अपने कब्जे में रखेगा, जब तक कि वह यह साबित न कर दे कि - (क) इस धारा…
पूरा पढ़ें- BNS §3(5)IPC §34
सामान्य स्पष्टीकरण।
धारा 34 - सामान्य आशय को अग्रसर करने में कई व्यक्तियों द्वारा किए गए कार्य
- BNS §34IPC §96
आत्मरक्षा में किए गए कार्य।
धारा 96 - प्राइवेट प्रतिरक्षा में की गई बातें
- BNS §126(2)IPC §341
गलत तरीके से रोकना।
गलत तरीके से रोकने पर दंड।
- BNS §127IPC §340बदलाव हुआ
अवैध कारावास।
- BNS §127(1)IPC §340
अवैध कारावास।
- BNS §127(2)IPC §342
अवैध कारावास।
धारा 342 - सदोष परिरोध के लिए दण्ड
- BNS §127(3)IPC §343
अवैध कारावास।
धारा 343 - तीन या अधिक दिनों के लिए सदोष परिरोध
- BNS §127(4)IPC §344
अवैध कारावास।
धारा 344 - दस या अधिक दिनों के लिए सदोष परिरोध
- BNS §127(5)IPC §345
अवैध कारावास।
धारा 345 - ऐसे व्यक्ति का सदोष परिरोध जिसके छोड़ने के लिए रिट निकल चुका है
- BNS §127(6)IPC §346
अवैध कारावास।
धारा 346 - गुप्त स्थान में सदोष परिरोध
- BNS §127(7)IPC §347
अवैध कारावास।
धारा 347 - सम्पत्ति उद्दापित करने के लिए या अवैध कार्य करने के लिए मजबूर करने के लिए सदोष परिरोध
- BNS §127(8)IPC §348
अवैध कारावास।
धारा 348 - संस्वीकॄति उद्दापित करने के लिए या विवश करके सम्पत्ति का प्रत्यावर्तन करने के लिए सदोष परिरोध
- BNS §128IPC §349
बल।
धारा 349 - बल
- BNS §340IPC §470बदलाव हुआ
जाली दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड बनाना और उसे असली के रूप में इस्तेमाल करना।
धारा 470 - कूटरचित दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेखट
- BNS §340 (1)IPC §470
जाली दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड बनाना और उसे असली के रूप में इस्तेमाल करना।
धारा 470 - कूटरचित दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेखट
- BNS §340 (2)IPC §471
जाली दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड बनाना और उसे असली के रूप में इस्तेमाल करना।
धारा 471 - कूटरचित दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख का असली के रूप में उपयोग में लाना
- BNS §341IPC §472बदलाव हुआ
जाली मुहर आदि बनाना या अपने पास रखना, जालसाजी करने के इरादे से, धारा 338 के तहत दंडनीय है।
धारा 472 - धारा 467 के अधीन दण्डनीय कूटरचना करने के आशय से कूटकॄत मुद्रा, आदि का बनाना या कब्जे में रखना
- BNS §341 (1)IPC §472
जाली मुहर आदि बनाना या अपने पास रखना, जालसाजी करने के इरादे से, धारा 338 के तहत दंडनीय है।
धारा 472 - धारा 467 के अधीन दण्डनीय कूटरचना करने के आशय से कूटकॄत मुद्रा, आदि का बनाना या कब्जे में रखना
- BNS §341 (2)IPC §473
जाली मुहर आदि बनाना या अपने पास रखना, जालसाजी करने के इरादे से, धारा 338 के तहत दंडनीय है।
धारा 473 - अन्यथा दण्डनीय कूटरचना करने के आशय से कूटकॄत मुद्रा, आदि का बनाना या कब्जे में रखना
- BNS §341 (3)IPC §New Sub-Section
जाली मुहर आदि बनाना या अपने पास रखना, जालसाजी करने के इरादे से, धारा 338 के तहत दंडनीय है।
नई उपधारा
BNS §341 (3)IPC §New Sub-Section - BNS §341 (4)IPC §New Sub-Section
जाली मुहर आदि बनाना या अपने पास रखना, जालसाजी करने के इरादे से, धारा 338 के तहत दंडनीय है।
नई उपधारा
BNS §341 (4)IPC §New Sub-Section - BNS §342IPC §475बदलाव हुआ
धारा 338 में वर्णित दस्तावेजों को प्रमाणित करने के लिए प्रयुक्त जालसाजी उपकरण या चिह्न, या जालसाजी चिह्नित सामग्री का कब्ज़ा।
धारा 475 - धारा 467 में वर्णित दस्तावेजों के अधिप्रमाणीकरण के लिए उपयोग में लाई जाने वाली अभिलक्षणा या चिह्न की कूटकॄति बनाना या कूटकॄत चिह्नयुक्त पदार्थ को कब्जे में रखना
- BNS §342(1)IPC §475
धारा 338 में वर्णित दस्तावेजों को प्रमाणित करने के लिए प्रयुक्त जालसाजी उपकरण या चिह्न, या जालसाजी चिह्नित सामग्री का कब्ज़ा।
धारा 475 - धारा 467 में वर्णित दस्तावेजों के अधिप्रमाणीकरण के लिए उपयोग में लाई जाने वाली अभिलक्षणा या चिह्न की कूटकॄति बनाना या कूटकॄत चिह्नयुक्त पदार्थ को कब्जे में रखना
- BNS §342(2)IPC §476
धारा 338 में वर्णित दस्तावेजों को प्रमाणित करने के लिए प्रयुक्त जालसाजी उपकरण या चिह्न, या जालसाजी चिह्नित सामग्री का कब्ज़ा।
धारा 476 - धारा 467 में वर्णित दस्तावेजों से भिन्न दस्तावेजों के अधिप्रमाणीकरण के लिए उपयोग में लाई जाने वाली अभिलक्षणा या चिह्न की कूटकॄति बनाना या कूटकॄत चिह्नयुक्त पदार्थ को कब्जे में रखना
- BNS §343IPC §477
वसीयत, गोद लेने का अधिकार या मूल्यवान प्रतिभूति का कपटपूर्ण रद्द करना, नष्ट करना आदि।
धारा 477 - विल, दत्तकग्रहण प्राधिकार-पत्र या मूल्यवान प्रतिभूति को कपटपूर्वक रदद्, नष्ट, आदि करना
- BNS §344IPC §477A
खातों में हेराफेरी।
धारा 477A - लेखा का मिथ्याकरण
- BNS §345IPC §479बदलाव हुआ
संपत्ति चिह्न।
धारा 479 - सम्पत्ति-चिह्न
- BNS §345 (1)IPC §479
संपत्ति चिह्न।
धारा 479 - सम्पत्ति-चिह्न
- BNS §345 (2)IPC §481
संपत्ति चिह्न।
धारा 481 - मिथ्या सम्पत्ति-चिह्न को उपयोग में लाना
- BNS §345 (3)IPC §482
संपत्ति चिह्न।
धारा 482 - मिथ्या सम्पत्ति-चिह्न को उपयोग करने के लिए दण्ड
- BNS §346IPC §489
किसी को हानि पहुंचाने के इरादे से संपत्ति चिह्न के साथ छेड़छाड़ करना।
धारा 489 - क्षति कारित करने के आशय से सम्पत्ति-चिह्न को बिगाड़ना
- BNS §347IPC §483बदलाव हुआ
किसी संपत्ति चिह्न की जालसाजी करना।
धारा 483 - अन्य व्यक्ति द्वारा उपयोग में लाए गए सम्पत्ति चिह्न का कूटकरण
- BNS §347 (1)IPC §483
किसी संपत्ति चिह्न की जालसाजी करना।
धारा 483 - अन्य व्यक्ति द्वारा उपयोग में लाए गए सम्पत्ति चिह्न का कूटकरण
- BNS §347 (2)IPC §484
किसी संपत्ति चिह्न की जालसाजी करना।
धारा 484 - लोक सेवक द्वारा उपयोग में लाए गए चिह्न का कूटकरण
- BNS §348IPC §485
किसी संपत्ति चिह्न की जालसाजी के लिए किसी भी उपकरण का निर्माण करना या उसे अपने पास रखना।
धारा 485 - सम्पत्ति-चिह्न के कूटकरण के लिए कोई उपकरण बनाना या उस पर कब्जा
- BNS §349IPC §486
नकली संपत्ति चिह्न वाले सामान बेचना।
धारा 486 - कूटकॄत सम्पत्ति-चिह्न से चिन्हित माल का विक्रय
