वास्तविक मामले

असल में हुए साइबर अपराधों के अध्ययन — क्या हुआ, चेतावनी के कौन-से संकेत थे, कौन-सी धाराएँ लगीं और आगे क्या करना चाहिए।

गोपनीयता के लिए नाम और पहचान बदल दी गई है।

शिकायत कैसे करें

धोखाधड़ी के पैटर्न

ये आँकड़े इसी साइट पर प्रकाशित, गुमनाम किए गए मामलों से बनते हैं — राष्ट्रीय आँकड़े नहीं हैं। मामलों की संख्या कम होने पर इन्हें रुझान की तरह पढ़िए, प्रमाण की तरह नहीं।

धोखाधड़ी के पैटर्न
धोखाधड़ी का प्रकारमामलेऔसत नुकसानवापसी दर24 घंटे में शिकायत करने पर वापसी दर
पहचान की चोरी2₹1.98 लाख50%—
निवेश धोखाधड़ी1₹4.5 लाख0%—
लोन ऐप उत्पीड़न1₹25,0000%—
वैवाहिक धोखाधड़ी1₹8 लाख0%—
फ़िशिंग1₹85,0000%—
सेक्सटॉर्शन1₹40,0000%—
सिम स्वैप1₹2.1 लाख100%—
डिजिटल अरेस्ट1₹12 लाख100%—
यूपीआई धोखाधड़ी1₹60,000100%—

वास्तविक मामले

  • वैवाहिक धोखाधड़ी

    मैट्रिमोनियल ठगी: विदेश में बैठा 'रिश्ता' और कस्टम ड्यूटी का झाँसा

    यह किसी एक असली मामले का ब्यौरा नहीं, बल्कि बहुत सारी मिलती-जुलती शिकायतों से बना मिश्रित उदाहरण है; रकम सिर्फ़ यह दिखाती है कि नुकसान आम तौर पर किस स्तर का होता है, जबकि ठगी का तरीका, चेतावनी के संकेत और कानूनी धाराएँ असली हैं। इस ठगी में सबसे बड़ा झूठ 'कस्टम ड्यूटी' का होता है — असली कस्टम ड्यूटी कभी किसी व्यक्ति के निजी बैंक खाते या यूपीआई आईडी पर जमा नहीं होती, वह सरकारी चालान के ज़रिए ही भरी जाती है। भावनात्मक भरोसे के साथ पैसे की माँग जुड़ते ही रुक जाना चाहिए।

    नुकसान
    ₹8 लाख
    रकम वापस नहीं मिली