ऑनलाइन सुरक्षा

सिम स्वैप ठगी: जब फ़ोन अचानक नेटवर्क खो दे

ठग आपके नंबर पर नया सिम ले लेता है और आपके ओटीपी उसे मिलने लगते हैं। बिना वजह “नो सर्विस” दिखना पहला संकेत है।

Nirbhay Singh
अपडेटेड 2 मिनट का पठन
ऑनलाइन सुरक्षा

सिम स्वैप ठगी: जब फ़ोन अचानक नेटवर्क खो दे

ठग आपके नंबर पर नया सिम ले लेता है और आपके ओटीपी उसे मिलने लगते हैं। बिना वजह “नो सर्विस” दिखना पहला संकेत है।

इस पृष्ठ पर · 4 भाग
  1. 01चेतावनी के संकेत
  2. 02तुरंत क्या करें
  3. 03इसे कठिन बनाइए
  4. 04कौन-सा कानून लागू होता है

सिम स्वैप में ठग किसी मोबाइल ऑपरेटर को समझा-बुझाकर या धोखे से आपके नंबर का नया सिम कार्ड जारी करवा लेता है। उसके चालू होते ही आपका अपना सिम काम करना बंद कर देता है, और आपके बैंक का भेजा हर ओटीपी ठग के पास जाता है।

चेतावनी के संकेत

  • जहाँ आम तौर पर नेटवर्क रहता है वहाँ भी फ़ोन देर तक “नो सर्विस” या “केवल आपातकालीन कॉल” दिखाए।
  • ऑपरेटर का ऐसे सिम बदलाव का संदेश जो आपने माँगा ही नहीं।
  • “5G में अपग्रेड” या “सिम सत्यापन” के नाम पर ओटीपी बताने या एसएमएस भेजने को कहने वाली कॉल।
  • लॉगिन, नए लाभार्थी या पासवर्ड बदलने के बारे में बैंक के अलर्ट।

तुरंत क्या करें

  1. किसी दूसरे फ़ोन से अपने ऑपरेटर को कॉल करें और सिम ब्लॉक करवाएँ।
  2. बैंक के आधिकारिक नंबर पर कॉल करें और ऑनलाइन बैंकिंग व कार्ड फ़्रीज़ करवाएँ।
  3. अगर कोई पैसा गया है तो 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
  4. किसी भरोसेमंद डिवाइस से अपने ईमेल और बैंकिंग के पासवर्ड बदलें।

इसे कठिन बनाइए

  • किसी कॉल करने वाले के कहने पर कभी ओटीपी न बताएँ और न ही कोई एसएमएस भेजें।
  • सोशल मीडिया पर अपना नंबर, जन्मतिथि और पता एक साथ न डालें।
  • जहाँ बैंक या ईमेल अनुमति दे, वहाँ एसएमएस की जगह ऑथेंटिकेटर ऐप इस्तेमाल करें।

कौन-सा कानून लागू होता है

आपकी पहचान का इस्तेमाल करके सिम और ओटीपी लेना सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66C के तहत पहचान की चोरी है। इससे पैसे लेना BNS धारा 318 के तहत छल और BNS धारा 319 के तहत प्रतिरूपण द्वारा छल है।

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Nirbhay Singh

साइबरसेतु संपादकीय टीम

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