धोखाधड़ी अलर्ट

टास्क ठगी: छोटा मुनाफ़ा जो आपका भरोसा ख़रीदता है

वीडियो लाइक करने पर आसान कमाई, फिर “प्रीपेड टास्क”, फिर निकासी के लिए फ़ीस। अगर पैसा निकालने के लिए पैसा देना पड़े, तो वह ठगी है।

Nirbhay Singh
अपडेटेड 2 मिनट का पठन
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टास्क ठगी: छोटा मुनाफ़ा जो आपका भरोसा ख़रीदता है

वीडियो लाइक करने पर आसान कमाई, फिर “प्रीपेड टास्क”, फिर निकासी के लिए फ़ीस। अगर पैसा निकालने के लिए पैसा देना पड़े, तो वह ठगी है।

इस पृष्ठ पर · 5 भाग
  1. 01जाल कैसे कसता है
  2. 02नियम
  3. 03कहीं भी निवेश करने से पहले
  4. 04अगर आप भुगतान कर चुके हैं
  5. 05कौन-सा कानून लागू होता है

पार्ट-टाइम काम का एक संदेश आता है: कुछ यूट्यूब वीडियो लाइक कीजिए या होटलों को रेटिंग दीजिए और रोज़ कुछ सौ रुपये कमाइए। आपको एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा जाता है, और पहले भुगतान सच में आपके बैंक खाते में आते हैं। यही उनका मक़सद है।

जाल कैसे कसता है

  1. भरोसा: आसान कामों के लिए छोटे, असली भुगतान।
  2. प्रीपेड टास्क: अब पहले अपना पैसा लगाना पड़ता है, जबकि डैशबोर्ड पर आपका “मुनाफ़ा” बढ़ता दिखता है।
  3. दीवार: पैसा निकालने के लिए टैक्स, जुर्माना, “क्रेडिट स्कोर” फ़ीस या अनफ़्रीज़ चार्ज माँगा जाता है। हर भुगतान के बाद नई शर्त आ जाती है।
  4. अंत: आपको ग्रुप से हटा दिया जाता है और साइट खुलना बंद हो जाती है।

नियम

अगर पैसा निकालने के लिए पैसा देने को कहा जाए, तो वह हमेशा ठगी है। उसी पल रुक जाइए और एक रुपया भी और मत भेजिए।

कहीं भी निवेश करने से पहले

  • नियामक की अपनी वेबसाइट पर जाँचें कि प्लेटफ़ॉर्म सेबी या आरबीआई में पंजीकृत है।
  • सिर्फ़ ऐप के डैशबोर्ड पर दिखने वाले मुनाफ़े पर भरोसा न करें।
  • चैट पर भेजे गए लिंक से कोई निवेश ऐप इंस्टॉल न करें।
  • किसी कंपनी के बजाय किसी व्यक्ति के खाते में पैसा माँगा जाना चेतावनी का संकेत है।

अगर आप भुगतान कर चुके हैं

1930 पर कॉल करें, cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें, और हर चैट, यूपीआई रसीद और खाता नंबर सँभालकर रखें। जल्दी शिकायत से खाते फ़्रीज़ हो सकते हैं और आगे का नुकसान रुकता है।

कौन-सा कानून लागू होता है

छल (BNS धारा 318) और कंप्यूटर संसाधन से प्रतिरूपण द्वारा छल (आईटी अधिनियम, 2000, धारा 66D)। अगर कोई गिरोह कई पीड़ितों के साथ ऐसा करे तो यह BNS धारा 111 के तहत संगठित अपराध भी हो सकता है।

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Nirbhay Singh

साइबरसेतु संपादकीय टीम

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