PCICDA Act 29अध्याय V · Enforcementand Penalties
धारा 29 · आदेशों का प्रवर्तन और खर्चों की वसूली।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) जहां इस अधिनियम के तहत बनाए गए किसी नियम, अधिसूचना, सूचना, मांग पत्र, आदेश या निर्देश द्वारा किसी व्यक्ति को कोई उपाय करने या कोई कार्य करने की आवश्यकता हो—
(क) किसी पशु, किसी पशु के शव या अन्य वस्तु के संबंध में जो उसकी हिरासत या प्रभार में है, उस व्यक्ति द्वारा तुरंत उसका अनुपालन किया जाएगा;
(ख) किसी आवारा या मालिकहीन पशु, ऐसे पशु के शव या उसके अंगों के मामले में, नगरपालिका या पंचायत, जैसा भी मामला हो, द्वारा अपने खर्च पर तुरंत इसका निपटान किया जाएगा।
(2) यदि उपधारा (1) में निर्दिष्ट उपाय उस समय के भीतर नहीं किए जाते हैं जो इस उद्देश्य के लिए अनुमत हो, तो नोटिस, अनुरोध, आदेश या निर्देश जारी करने वाला प्राधिकारी उन उपायों को उस व्यक्ति या नगरपालिका या पंचायत, जैसा भी मामला हो, के खर्चे पर करवा सकता है, जिसे उपाय करने के लिए कहा गया था।
(3) उपधारा (2) के तहत उठाए गए किसी भी उपाय की लागत, संबंधित व्यक्ति या नगरपालिका या पंचायत से, जैसा भी मामला हो, दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) में न्यायालय द्वारा लगाए गए जुर्माने की वसूली के लिए निर्धारित तरीके से वसूल की जाएगी, मानो ऐसी लागत न्यायालय द्वारा लगाया गया जुर्माना हो।
(क) किसी पशु, किसी पशु के शव या अन्य वस्तु के संबंध में जो उसकी हिरासत या प्रभार में है, उस व्यक्ति द्वारा तुरंत उसका अनुपालन किया जाएगा;
(ख) किसी आवारा या मालिकहीन पशु, ऐसे पशु के शव या उसके अंगों के मामले में, नगरपालिका या पंचायत, जैसा भी मामला हो, द्वारा अपने खर्च पर तुरंत इसका निपटान किया जाएगा।
(2) यदि उपधारा (1) में निर्दिष्ट उपाय उस समय के भीतर नहीं किए जाते हैं जो इस उद्देश्य के लिए अनुमत हो, तो नोटिस, अनुरोध, आदेश या निर्देश जारी करने वाला प्राधिकारी उन उपायों को उस व्यक्ति या नगरपालिका या पंचायत, जैसा भी मामला हो, के खर्चे पर करवा सकता है, जिसे उपाय करने के लिए कहा गया था।
(3) उपधारा (2) के तहत उठाए गए किसी भी उपाय की लागत, संबंधित व्यक्ति या नगरपालिका या पंचायत से, जैसा भी मामला हो, दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) में न्यायालय द्वारा लगाए गए जुर्माने की वसूली के लिए निर्धारित तरीके से वसूल की जाएगी, मानो ऐसी लागत न्यायालय द्वारा लगाया गया जुर्माना हो।
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