NCTD Act 3
धारा 3 · संपत्ति अधिकारों की मान्यता।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 (2 ऑफ 1899) और पंजीकरण अधिनियम, 1908 (16 ऑफ 1908) में, जैसा कि दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र पर लागू होता है, या उसके अधीन बनाए गए किसी भी नियम, विनियम या उपनियमों में, और सूरज लैंप एंड इंडस्ट्रीज (पी) लिमिटेड बनाम हरियाणा राज्य और अन्य के मामले में सर्वोच्च न्यायालय के 11 अक्टूबर, 2011 के फैसले में निहित किसी भी बात के बावजूद, केंद्र सरकार आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, नवीनतम पावर ऑफ अटॉर्नी, विक्रय समझौता, वसीयत, कब्ज़ा पत्र और अन्य दस्तावेजों के आधार पर अचल संपत्तियों के लेन-देन को नियमित कर सकती है, जिसमें अनधिकृत कॉलोनी के निवासी के पक्ष में अचल संपत्ति के संबंध में स्वामित्व या हस्तांतरण या गिरवी के अधिकार प्रदान करने या मान्यता देने के लिए प्रतिफल के भुगतान को प्रमाणित करने वाले दस्तावेज भी शामिल हैं।
(2) केंद्र सरकार, आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना द्वारा, उन लेन-देनों पर प्रभार निर्धारित कर सकती है जिनके भुगतान पर, नवीनतम पावर ऑफ अटॉर्नी, विक्रय समझौता, वसीयत, कब्ज़ा पत्र और अन्य दस्तावेजों सहित, स्वामित्व का अधिकार प्रदान करने या मान्यता देने या हस्तांतरण या बंधक के लिए प्रतिफल के भुगतान को प्रमाणित करने वाले दस्तावेजों के आधार पर, किसी अनधिकृत कॉलोनी के निवासी के पक्ष में, हस्तांतरण विलेख या प्राधिकरण पर्ची के माध्यम से अचल संपत्ति का लेन-देन किया जाता है।
(3) भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 (2 ऑफ 1899) की धारा 27 में किसी बात के होते हुए भी, स्टाम्प शुल्क और पंजीकरण शुल्क हस्तांतरण विलेख या प्राधिकरण पर्ची में उल्लिखित राशि पर देय होंगे, जैसा भी मामला हो।
(4) किसी अनधिकृत कॉलोनी का कोई निवासी, जिसके पास पंजीकृत या अपंजीकृत या नोटरीकृत पावर ऑफ अटॉर्नी, बिक्री समझौता, वसीयत, कब्ज़ा पत्र और अन्य दस्तावेज हों, जिनमें प्रतिफल भुगतान के प्रमाण वाले दस्तावेज भी शामिल हों, उपधारा (2) में निर्दिष्ट शुल्कों के भुगतान पर, हस्तांतरण विलेख या प्राधिकरण पर्ची के माध्यम से स्वामित्व या हस्तांतरण या बंधक के अधिकार के लिए पात्र होगा।
(5) उपधारा (4) में निर्दिष्ट किसी भी लेनदेन से पहले किए गए किसी भी पूर्व विक्रय लेनदेन पर कोई स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क देय नहीं होगा। (6) इस अधिनियम के अंतर्गत किसी भी संपत्ति अधिकार को प्रदान करने या मान्यता देने के लिए किरायेदारों, लाइसेंसधारियों या अनुमेय उपयोगकर्ताओं पर विचार नहीं किया जाएगा।
(2) केंद्र सरकार, आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना द्वारा, उन लेन-देनों पर प्रभार निर्धारित कर सकती है जिनके भुगतान पर, नवीनतम पावर ऑफ अटॉर्नी, विक्रय समझौता, वसीयत, कब्ज़ा पत्र और अन्य दस्तावेजों सहित, स्वामित्व का अधिकार प्रदान करने या मान्यता देने या हस्तांतरण या बंधक के लिए प्रतिफल के भुगतान को प्रमाणित करने वाले दस्तावेजों के आधार पर, किसी अनधिकृत कॉलोनी के निवासी के पक्ष में, हस्तांतरण विलेख या प्राधिकरण पर्ची के माध्यम से अचल संपत्ति का लेन-देन किया जाता है।
(3) भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 (2 ऑफ 1899) की धारा 27 में किसी बात के होते हुए भी, स्टाम्प शुल्क और पंजीकरण शुल्क हस्तांतरण विलेख या प्राधिकरण पर्ची में उल्लिखित राशि पर देय होंगे, जैसा भी मामला हो।
(4) किसी अनधिकृत कॉलोनी का कोई निवासी, जिसके पास पंजीकृत या अपंजीकृत या नोटरीकृत पावर ऑफ अटॉर्नी, बिक्री समझौता, वसीयत, कब्ज़ा पत्र और अन्य दस्तावेज हों, जिनमें प्रतिफल भुगतान के प्रमाण वाले दस्तावेज भी शामिल हों, उपधारा (2) में निर्दिष्ट शुल्कों के भुगतान पर, हस्तांतरण विलेख या प्राधिकरण पर्ची के माध्यम से स्वामित्व या हस्तांतरण या बंधक के अधिकार के लिए पात्र होगा।
(5) उपधारा (4) में निर्दिष्ट किसी भी लेनदेन से पहले किए गए किसी भी पूर्व विक्रय लेनदेन पर कोई स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क देय नहीं होगा। (6) इस अधिनियम के अंतर्गत किसी भी संपत्ति अधिकार को प्रदान करने या मान्यता देने के लिए किरायेदारों, लाइसेंसधारियों या अनुमेय उपयोगकर्ताओं पर विचार नहीं किया जाएगा।
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