HMG Act 13
धारा 13 · नाबालिगों का कल्याण सर्वोपरि माना जाएगा।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) किसी न्यायालय द्वारा किसी हिंदू नाबालिग के संरक्षक के रूप में किसी व्यक्ति की नियुक्ति या घोषणा में, नाबालिग का कल्याण सर्वोपरि विचार होगा।
(2) कोई भी व्यक्ति इस अधिनियम के प्रावधानों या हिंदुओं में विवाह में अभिभावकत्व से संबंधित किसी कानून के आधार पर अभिभावकत्व का हकदार नहीं होगा, यदि न्यायालय की राय है कि उसका अभिभावकत्व नाबालिग के कल्याण के लिए नहीं होगा।
(2) कोई भी व्यक्ति इस अधिनियम के प्रावधानों या हिंदुओं में विवाह में अभिभावकत्व से संबंधित किसी कानून के आधार पर अभिभावकत्व का हकदार नहीं होगा, यदि न्यायालय की राय है कि उसका अभिभावकत्व नाबालिग के कल्याण के लिए नहीं होगा।
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