BD Act 2अध्याय I · Preliminary
धारा 2 · परिभाषाएँ।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
इस अधिनियम में, जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,--
1 [(क) "पहुँच" का अर्थ है भारत में पाए जाने वाले या भारत से प्राप्त किसी भी जैविक संसाधन या उससे संबंधित पारंपरिक ज्ञान को अनुसंधान या जैव-सर्वेक्षण या वाणिज्यिक उपयोग के प्रयोजनों के लिए एकत्र करना, प्राप्त करना या अपने पास रखना;
(अ) "लाभ चाहने वाले" से तात्पर्य जैविक संसाधनों, उनके उप-उत्पादों, उनसे संबंधित पारंपरिक ज्ञान के रचनाकारों या धारकों (केवल भारतीयों के लिए संहिताबद्ध पारंपरिक ज्ञान को छोड़कर) और ऐसे जैविक संसाधनों के उपयोग, नवाचारों और ऐसे उपयोग और अनुप्रयोग से संबंधित जानकारी से है;]
(ख) "जैविक विविधता" 2 [या "जैविक विविधता"] का अर्थ सभी स्रोतों से जीवित जीवों और उन पारिस्थितिक परिसरों के बीच परिवर्तनशीलता है जिनका वे हिस्सा हैं और इसमें प्रजातियों के भीतर या प्रजातियों के बीच और पारिस्थितिक तंत्रों की विविधता शामिल है;
3 [(सी) "जैविक संसाधन" में पौधे, जानवर, सूक्ष्मजीव या उनके आनुवंशिक पदार्थ के भाग और व्युत्पन्न (मूल्य वर्धित उत्पादों को छोड़कर) शामिल हैं, जिनका मानवता के लिए वास्तविक या संभावित उपयोग या मूल्य है, लेकिन इसमें मानव आनुवंशिक पदार्थ शामिल नहीं है;]
(घ) "जैव-सर्वेक्षण और जैव-उपयोग" का अर्थ है किसी भी उद्देश्य के लिए जैविक संसाधन की प्रजातियों, उप-प्रजातियों, जीनों, घटकों और अर्क का सर्वेक्षण या संग्रह तथा इसमें लक्षण वर्णन, सूचीकरण और जैव-परीक्षण शामिल हैं;
(ई) "अध्यक्ष" से तात्पर्य राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण के अध्यक्ष या, जैसा भी मामला हो, राज्य जैव विविधता बोर्ड के अध्यक्ष से है;
2 [(प्रत्येक) "संहिताबद्ध पारंपरिक ज्ञान" से तात्पर्य औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम, 1940 (23 ऑफ 1940) की प्रथम अनुसूची में निर्दिष्ट आधिकारिक पुस्तकों से प्राप्त ज्ञान से है;]
(f) "वाणिज्यिक उपयोग" से तात्पर्य जैविक संसाधनों के वाणिज्यिक उपयोग के लिए अंतिम उपयोगों से है, जैसे कि दवाएं, औद्योगिक एंजाइम, खाद्य स्वाद, सुगंध, सौंदर्य प्रसाधन, पायसीकारक, ओलियोरेसिन, रंग, अर्क और आनुवंशिक हस्तक्षेप के माध्यम से फसलों और पशुधन में सुधार के लिए उपयोग किए जाने वाले जीन, लेकिन इसमें कृषि, बागवानी, मुर्गी पालन, दुग्ध उत्पादन, पशुपालन या मधुमक्खी पालन में उपयोग में आने वाली पारंपरिक प्रजनन या पारंपरिक प्रथाएं शामिल नहीं हैं;
2 [(एफए) "व्युत्पन्न" का अर्थ है प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला जैव रासायनिक यौगिक या जैविक संसाधनों का चयापचय, भले ही उसमें आनुवंशिकता की कार्यात्मक इकाइयाँ न हों;]
(जी) "उचित और न्यायसंगत लाभ बंटवारा" का अर्थ है धारा 21 के तहत राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण द्वारा निर्धारित लाभों का बंटवारा;
2 [(गा) "लोक किस्म" से तात्पर्य पौधे की एक खेती की गई किस्म से है जिसे किसानों के बीच अनौपचारिक रूप से विकसित, उगाया और आदान-प्रदान किया गया था;
(gb) "भारत" से तात्पर्य संविधान के अनुच्छेद 1 में निर्दिष्ट भारत के भूभाग, उसके प्रादेशिक जल, समुद्र तल और ऐसे जल के नीचे स्थित उपमृदा, महाद्वीपीय शेल्फ, अनन्य आर्थिक क्षेत्र या प्रादेशिक जल, महाद्वीपीय शेल्फ, अनन्य आर्थिक क्षेत्र और अन्य समुद्री क्षेत्र अधिनियम, 1976 में निर्दिष्ट किसी अन्य समुद्री क्षेत्र और उसके भूभाग के ऊपर के हवाई क्षेत्र (1976 का 80) से है;
(gc) "लैंडरेस" से तात्पर्य उस आदिम किस्म से है जिसे प्राचीन किसानों और उनके उत्तराधिकारियों द्वारा उगाया जाता था;]
(h) "स्थानीय निकाय" से तात्पर्य संविधान के अनुच्छेद 243B के खंड (1) और अनुच्छेद 243Q के खंड (1) के अर्थ में आने वाली पंचायतों और नगरपालिकाओं से है, चाहे उन्हें किसी भी नाम से पुकारा जाए, और किसी पंचायत या नगरपालिका के अभाव में, संविधान के किसी अन्य प्रावधान या किसी केंद्रीय अधिनियम या राज्य अधिनियम के तहत गठित स्वशासन संस्थाएँ;
(i) "सदस्य" से तात्पर्य राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण या राज्य जैव विविधता बोर्ड के सदस्य से है और इसमें अध्यक्ष भी शामिल है;
2 [(ia) "सदस्य-सचिव" से तात्पर्य राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण या राज्य जैव विविधता बोर्ड के पूर्णकालिक सचिव से है, जैसा भी मामला हो;]
(j) "राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण" से तात्पर्य धारा 8 के अधीन स्थापित राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण से है;
(k) “निर्धारित” से तात्पर्य इस अधिनियम के अंतर्गत बनाए गए नियमों द्वारा निर्धारित से है;
(एल) "विनियम" से तात्पर्य इस अधिनियम के अंतर्गत बनाए गए विनियमों से है;
(m) "अनुसंधान" का अर्थ किसी जैविक संसाधन या तकनीकी अनुप्रयोग का अध्ययन या व्यवस्थित जांच है, जो किसी भी उपयोग के लिए उत्पादों या प्रक्रियाओं को बनाने या संशोधित करने के लिए जैविक प्रणालियों, जीवित जीवों या उनके व्युत्पन्न का उपयोग करता है;
(n) "राज्य जैव विविधता बोर्ड" से तात्पर्य धारा 22 के अधीन स्थापित राज्य जैव विविधता बोर्ड से है;
(ओ) "सतत उपयोग" का अर्थ है जैविक विविधता के घटकों का इस प्रकार और इस दर से उपयोग करना जिससे जैविक विविधता में दीर्घकालिक गिरावट न आए और इस प्रकार वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों की जरूरतों और आकांक्षाओं को पूरा करने की इसकी क्षमता बनी रहे;
(p) "मूल्य वर्धित उत्पाद" से तात्पर्य ऐसे उत्पादों से है जिनमें पौधों और जानवरों के अंश या अर्क अविभाज्य और भौतिक रूप से अविभाज्य रूप में मौजूद हो सकते हैं।
1 [(क) "पहुँच" का अर्थ है भारत में पाए जाने वाले या भारत से प्राप्त किसी भी जैविक संसाधन या उससे संबंधित पारंपरिक ज्ञान को अनुसंधान या जैव-सर्वेक्षण या वाणिज्यिक उपयोग के प्रयोजनों के लिए एकत्र करना, प्राप्त करना या अपने पास रखना;
(अ) "लाभ चाहने वाले" से तात्पर्य जैविक संसाधनों, उनके उप-उत्पादों, उनसे संबंधित पारंपरिक ज्ञान के रचनाकारों या धारकों (केवल भारतीयों के लिए संहिताबद्ध पारंपरिक ज्ञान को छोड़कर) और ऐसे जैविक संसाधनों के उपयोग, नवाचारों और ऐसे उपयोग और अनुप्रयोग से संबंधित जानकारी से है;]
(ख) "जैविक विविधता" 2 [या "जैविक विविधता"] का अर्थ सभी स्रोतों से जीवित जीवों और उन पारिस्थितिक परिसरों के बीच परिवर्तनशीलता है जिनका वे हिस्सा हैं और इसमें प्रजातियों के भीतर या प्रजातियों के बीच और पारिस्थितिक तंत्रों की विविधता शामिल है;
3 [(सी) "जैविक संसाधन" में पौधे, जानवर, सूक्ष्मजीव या उनके आनुवंशिक पदार्थ के भाग और व्युत्पन्न (मूल्य वर्धित उत्पादों को छोड़कर) शामिल हैं, जिनका मानवता के लिए वास्तविक या संभावित उपयोग या मूल्य है, लेकिन इसमें मानव आनुवंशिक पदार्थ शामिल नहीं है;]
(घ) "जैव-सर्वेक्षण और जैव-उपयोग" का अर्थ है किसी भी उद्देश्य के लिए जैविक संसाधन की प्रजातियों, उप-प्रजातियों, जीनों, घटकों और अर्क का सर्वेक्षण या संग्रह तथा इसमें लक्षण वर्णन, सूचीकरण और जैव-परीक्षण शामिल हैं;
(ई) "अध्यक्ष" से तात्पर्य राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण के अध्यक्ष या, जैसा भी मामला हो, राज्य जैव विविधता बोर्ड के अध्यक्ष से है;
2 [(प्रत्येक) "संहिताबद्ध पारंपरिक ज्ञान" से तात्पर्य औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम, 1940 (23 ऑफ 1940) की प्रथम अनुसूची में निर्दिष्ट आधिकारिक पुस्तकों से प्राप्त ज्ञान से है;]
(f) "वाणिज्यिक उपयोग" से तात्पर्य जैविक संसाधनों के वाणिज्यिक उपयोग के लिए अंतिम उपयोगों से है, जैसे कि दवाएं, औद्योगिक एंजाइम, खाद्य स्वाद, सुगंध, सौंदर्य प्रसाधन, पायसीकारक, ओलियोरेसिन, रंग, अर्क और आनुवंशिक हस्तक्षेप के माध्यम से फसलों और पशुधन में सुधार के लिए उपयोग किए जाने वाले जीन, लेकिन इसमें कृषि, बागवानी, मुर्गी पालन, दुग्ध उत्पादन, पशुपालन या मधुमक्खी पालन में उपयोग में आने वाली पारंपरिक प्रजनन या पारंपरिक प्रथाएं शामिल नहीं हैं;
2 [(एफए) "व्युत्पन्न" का अर्थ है प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला जैव रासायनिक यौगिक या जैविक संसाधनों का चयापचय, भले ही उसमें आनुवंशिकता की कार्यात्मक इकाइयाँ न हों;]
(जी) "उचित और न्यायसंगत लाभ बंटवारा" का अर्थ है धारा 21 के तहत राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण द्वारा निर्धारित लाभों का बंटवारा;
2 [(गा) "लोक किस्म" से तात्पर्य पौधे की एक खेती की गई किस्म से है जिसे किसानों के बीच अनौपचारिक रूप से विकसित, उगाया और आदान-प्रदान किया गया था;
(gb) "भारत" से तात्पर्य संविधान के अनुच्छेद 1 में निर्दिष्ट भारत के भूभाग, उसके प्रादेशिक जल, समुद्र तल और ऐसे जल के नीचे स्थित उपमृदा, महाद्वीपीय शेल्फ, अनन्य आर्थिक क्षेत्र या प्रादेशिक जल, महाद्वीपीय शेल्फ, अनन्य आर्थिक क्षेत्र और अन्य समुद्री क्षेत्र अधिनियम, 1976 में निर्दिष्ट किसी अन्य समुद्री क्षेत्र और उसके भूभाग के ऊपर के हवाई क्षेत्र (1976 का 80) से है;
(gc) "लैंडरेस" से तात्पर्य उस आदिम किस्म से है जिसे प्राचीन किसानों और उनके उत्तराधिकारियों द्वारा उगाया जाता था;]
(h) "स्थानीय निकाय" से तात्पर्य संविधान के अनुच्छेद 243B के खंड (1) और अनुच्छेद 243Q के खंड (1) के अर्थ में आने वाली पंचायतों और नगरपालिकाओं से है, चाहे उन्हें किसी भी नाम से पुकारा जाए, और किसी पंचायत या नगरपालिका के अभाव में, संविधान के किसी अन्य प्रावधान या किसी केंद्रीय अधिनियम या राज्य अधिनियम के तहत गठित स्वशासन संस्थाएँ;
(i) "सदस्य" से तात्पर्य राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण या राज्य जैव विविधता बोर्ड के सदस्य से है और इसमें अध्यक्ष भी शामिल है;
2 [(ia) "सदस्य-सचिव" से तात्पर्य राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण या राज्य जैव विविधता बोर्ड के पूर्णकालिक सचिव से है, जैसा भी मामला हो;]
(j) "राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण" से तात्पर्य धारा 8 के अधीन स्थापित राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण से है;
(k) “निर्धारित” से तात्पर्य इस अधिनियम के अंतर्गत बनाए गए नियमों द्वारा निर्धारित से है;
(एल) "विनियम" से तात्पर्य इस अधिनियम के अंतर्गत बनाए गए विनियमों से है;
(m) "अनुसंधान" का अर्थ किसी जैविक संसाधन या तकनीकी अनुप्रयोग का अध्ययन या व्यवस्थित जांच है, जो किसी भी उपयोग के लिए उत्पादों या प्रक्रियाओं को बनाने या संशोधित करने के लिए जैविक प्रणालियों, जीवित जीवों या उनके व्युत्पन्न का उपयोग करता है;
(n) "राज्य जैव विविधता बोर्ड" से तात्पर्य धारा 22 के अधीन स्थापित राज्य जैव विविधता बोर्ड से है;
(ओ) "सतत उपयोग" का अर्थ है जैविक विविधता के घटकों का इस प्रकार और इस दर से उपयोग करना जिससे जैविक विविधता में दीर्घकालिक गिरावट न आए और इस प्रकार वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों की जरूरतों और आकांक्षाओं को पूरा करने की इसकी क्षमता बनी रहे;
(p) "मूल्य वर्धित उत्पाद" से तात्पर्य ऐसे उत्पादों से है जिनमें पौधों और जानवरों के अंश या अर्क अविभाज्य और भौतिक रूप से अविभाज्य रूप में मौजूद हो सकते हैं।
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