ART Act 21अध्याय IV · Duties of Assisted Reproductive Technology Clinic and Assisted Reproductive Technology Bank
धारा 21 · सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी क्लीनिकों और बैंकों के सामान्य कर्तव्य।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
क्लीनिक और बैंक निम्नलिखित कर्तव्यों का पालन करेंगे, अर्थात्:---
(क) क्लीनिक और बैंक यह सुनिश्चित करेंगे कि गर्भाधान कराने वाले दंपत्ति, महिला और युग्मक दाता, निर्धारित मानदंडों के अधीन सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी प्रक्रियाओं का लाभ उठाने के पात्र हों;
(ख) क्लीनिक बैंकों से दाता युग्मक प्राप्त करेंगे और ऐसे बैंक यह सुनिश्चित करेंगे कि दाता का उन बीमारियों के लिए चिकित्सकीय परीक्षण किया गया हो जो निर्धारित की जा सकती हैं;
(ग) क्लीनिकों को---
(i) क्लिनिक में सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी प्रक्रियाओं के सभी निहितार्थों और सफलता की संभावनाओं के बारे में कमीशनिंग दंपत्ति और महिला को पेशेवर परामर्श प्रदान करना;
(ii) प्रक्रिया के लाभ, हानि और लागत, उनके चिकित्सीय दुष्प्रभावों, जोखिमों सहित एकाधिक गर्भावस्था के जोखिम के बारे में प्रक्रिया कराने वाले दंपत्ति और महिला को सूचित करना; और
(iii) कमीशन कराने वाले दंपत्ति या महिला को ऐसे मामलों पर सूचित निर्णय लेने में सहायता करना जो कमीशन कराने वाले दंपत्ति के लिए सबसे अच्छा होने की संभावना हो;
(घ) क्लीनिकों को प्रजनन तकनीक के उपयोग से पैदा हुए बच्चे के अधिकारों के बारे में परामर्श देने वाले दंपत्ति या महिला को जागरूक करना होगा;
(ई) क्लीनिक और बैंक यह सुनिश्चित करेंगे कि कमीशनिंग दंपत्ति, महिला और दाता के बारे में जानकारी गोपनीय रखी जाएगी और उपचार संबंधी जानकारी राष्ट्रीय रजिस्ट्री द्वारा बनाए जाने वाले डेटाबेस के अलावा किसी को भी प्रकट नहीं की जाएगी, चिकित्सा आपात स्थिति में कमीशनिंग दंपत्ति के अनुरोध पर, जिनसे जानकारी संबंधित है, या सक्षम क्षेत्राधिकार वाले न्यायालय के आदेश द्वारा;
(f) प्रत्येक क्लिनिक और प्रत्येक बैंक को ऐसे क्लिनिकों और बैंकों से संबंधित मामलों के संबंध में एक शिकायत प्रकोष्ठ बनाए रखना होगा और ऐसे शिकायत प्रकोष्ठ के समक्ष शिकायत दर्ज करने का तरीका ऐसा होगा जैसा निर्धारित किया जा सकता है;
(जी) क्लीनिकों को सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी सेवाएं प्रदान करनी होंगी,---
(i) इक्कीस वर्ष से अधिक और पचास वर्ष से कम आयु की महिला को;
(ii) इक्कीस वर्ष से अधिक और पचपन वर्ष से कम आयु के पुरुष को;
(h) क्लीनिक, गर्भधारण करने वाले दंपत्ति या महिला को एक डिस्चार्ज प्रमाणपत्र जारी करेंगे जिसमें गर्भधारण करने वाले दंपत्ति या महिला पर की गई सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी प्रक्रिया का विवरण दिया जाएगा;
(i) सभी क्लीनिक और बैंक राष्ट्रीय बोर्ड, राष्ट्रीय रजिस्ट्री और राज्य बोर्डों द्वारा भौतिक निरीक्षण के लिए अपने परिसर उपलब्ध कराने में सहयोग करेंगे;
(j) सभी क्लीनिक और बैंक निम्नलिखित से संबंधित सभी जानकारी प्रदान करेंगे---
(i) कमीशनिंग दंपत्ति, महिला और युग्मक दाताओं का नामांकन;
(ii) अपनाई जा रही प्रक्रिया; और
(iii) प्रक्रिया का परिणाम, यदि कोई जटिलता हो, तो उसे समय-समय पर राष्ट्रीय रजिस्ट्री को निर्धारित तरीके से प्रस्तुत किया जाए।
(क) क्लीनिक और बैंक यह सुनिश्चित करेंगे कि गर्भाधान कराने वाले दंपत्ति, महिला और युग्मक दाता, निर्धारित मानदंडों के अधीन सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी प्रक्रियाओं का लाभ उठाने के पात्र हों;
(ख) क्लीनिक बैंकों से दाता युग्मक प्राप्त करेंगे और ऐसे बैंक यह सुनिश्चित करेंगे कि दाता का उन बीमारियों के लिए चिकित्सकीय परीक्षण किया गया हो जो निर्धारित की जा सकती हैं;
(ग) क्लीनिकों को---
(i) क्लिनिक में सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी प्रक्रियाओं के सभी निहितार्थों और सफलता की संभावनाओं के बारे में कमीशनिंग दंपत्ति और महिला को पेशेवर परामर्श प्रदान करना;
(ii) प्रक्रिया के लाभ, हानि और लागत, उनके चिकित्सीय दुष्प्रभावों, जोखिमों सहित एकाधिक गर्भावस्था के जोखिम के बारे में प्रक्रिया कराने वाले दंपत्ति और महिला को सूचित करना; और
(iii) कमीशन कराने वाले दंपत्ति या महिला को ऐसे मामलों पर सूचित निर्णय लेने में सहायता करना जो कमीशन कराने वाले दंपत्ति के लिए सबसे अच्छा होने की संभावना हो;
(घ) क्लीनिकों को प्रजनन तकनीक के उपयोग से पैदा हुए बच्चे के अधिकारों के बारे में परामर्श देने वाले दंपत्ति या महिला को जागरूक करना होगा;
(ई) क्लीनिक और बैंक यह सुनिश्चित करेंगे कि कमीशनिंग दंपत्ति, महिला और दाता के बारे में जानकारी गोपनीय रखी जाएगी और उपचार संबंधी जानकारी राष्ट्रीय रजिस्ट्री द्वारा बनाए जाने वाले डेटाबेस के अलावा किसी को भी प्रकट नहीं की जाएगी, चिकित्सा आपात स्थिति में कमीशनिंग दंपत्ति के अनुरोध पर, जिनसे जानकारी संबंधित है, या सक्षम क्षेत्राधिकार वाले न्यायालय के आदेश द्वारा;
(f) प्रत्येक क्लिनिक और प्रत्येक बैंक को ऐसे क्लिनिकों और बैंकों से संबंधित मामलों के संबंध में एक शिकायत प्रकोष्ठ बनाए रखना होगा और ऐसे शिकायत प्रकोष्ठ के समक्ष शिकायत दर्ज करने का तरीका ऐसा होगा जैसा निर्धारित किया जा सकता है;
(जी) क्लीनिकों को सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी सेवाएं प्रदान करनी होंगी,---
(i) इक्कीस वर्ष से अधिक और पचास वर्ष से कम आयु की महिला को;
(ii) इक्कीस वर्ष से अधिक और पचपन वर्ष से कम आयु के पुरुष को;
(h) क्लीनिक, गर्भधारण करने वाले दंपत्ति या महिला को एक डिस्चार्ज प्रमाणपत्र जारी करेंगे जिसमें गर्भधारण करने वाले दंपत्ति या महिला पर की गई सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी प्रक्रिया का विवरण दिया जाएगा;
(i) सभी क्लीनिक और बैंक राष्ट्रीय बोर्ड, राष्ट्रीय रजिस्ट्री और राज्य बोर्डों द्वारा भौतिक निरीक्षण के लिए अपने परिसर उपलब्ध कराने में सहयोग करेंगे;
(j) सभी क्लीनिक और बैंक निम्नलिखित से संबंधित सभी जानकारी प्रदान करेंगे---
(i) कमीशनिंग दंपत्ति, महिला और युग्मक दाताओं का नामांकन;
(ii) अपनाई जा रही प्रक्रिया; और
(iii) प्रक्रिया का परिणाम, यदि कोई जटिलता हो, तो उसे समय-समय पर राष्ट्रीय रजिस्ट्री को निर्धारित तरीके से प्रस्तुत किया जाए।
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