ACAA Act 4अध्याय II · Acquisition of the Area in Ayodhya
धारा 4 · अधिकार प्राप्त करने का सामान्य प्रभाव।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस क्षेत्र में वे सभी परिसंपत्तियाँ, अधिकार, पट्टे, शक्तियाँ, प्राधिकार और विशेषाधिकार तथा सभी चल और अचल संपत्तियाँ, जिनमें भूमि, भवन, संरचनाएँ, किसी भी प्रकार की दुकानें या अन्य संपत्तियाँ शामिल हैं, तथा ऐसी संपत्तियों में या उनसे उत्पन्न होने वाले सभी अन्य अधिकार और हित, जो इस अधिनियम के प्रारंभ होने से ठीक पहले किसी व्यक्ति या उत्तर प्रदेश राज्य सरकार के स्वामित्व, कब्जे, अधिकार या नियंत्रण में थीं, तथा उनसे संबंधित सभी रजिस्टर, मानचित्र, योजनाएँ, रेखाचित्र और अन्य दस्तावेज, चाहे वे किसी भी प्रकार के हों, शामिल माने जाएँगे।
(2) उपर्युक्त सभी संपत्तियां जो धारा 3 के अधीन केंद्र सरकार में निहित हो गई हैं, ऐसी निहिति के बल पर किसी भी न्यास, दायित्व, बंधक, प्रभार, ग्रहणाधिकार और अन्य सभी भारों से मुक्त और निर्वाह हो जाएंगी, और किसी भी न्यायालय या न्यायाधिकरण या अन्य प्राधिकरण द्वारा ऐसी संपत्तियों के उपयोग को किसी भी प्रकार से प्रतिबंधित करने या ऐसी संपत्तियों के संपूर्ण या किसी भाग के संबंध में किसी रिसीवर की नियुक्ति करने वाला कोई भी कुर्की, निषेधाज्ञा, डिक्री या आदेश प्रभावी नहीं रहेगा।
(3) यदि इस अधिनियम के प्रारंभ होने पर, धारा 3 के अधीन केंद्र सरकार में निहित किसी संपत्ति से संबंधित अधिकार, हक और हित के संबंध में कोई मुकदमा, अपील या अन्य कार्यवाही किसी न्यायालय, न्यायाधिकरण या अन्य प्राधिकरण के समक्ष लंबित हो, तो वह समाप्त हो जाएगी।
(2) उपर्युक्त सभी संपत्तियां जो धारा 3 के अधीन केंद्र सरकार में निहित हो गई हैं, ऐसी निहिति के बल पर किसी भी न्यास, दायित्व, बंधक, प्रभार, ग्रहणाधिकार और अन्य सभी भारों से मुक्त और निर्वाह हो जाएंगी, और किसी भी न्यायालय या न्यायाधिकरण या अन्य प्राधिकरण द्वारा ऐसी संपत्तियों के उपयोग को किसी भी प्रकार से प्रतिबंधित करने या ऐसी संपत्तियों के संपूर्ण या किसी भाग के संबंध में किसी रिसीवर की नियुक्ति करने वाला कोई भी कुर्की, निषेधाज्ञा, डिक्री या आदेश प्रभावी नहीं रहेगा।
(3) यदि इस अधिनियम के प्रारंभ होने पर, धारा 3 के अधीन केंद्र सरकार में निहित किसी संपत्ति से संबंधित अधिकार, हक और हित के संबंध में कोई मुकदमा, अपील या अन्य कार्यवाही किसी न्यायालय, न्यायाधिकरण या अन्य प्राधिकरण के समक्ष लंबित हो, तो वह समाप्त हो जाएगी।
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