OZP Act 6
धारा 6 · [परिषद के सदस्य।] [उड़ीसा अधिनियम संख्या 17, 1993 (ओजीई संख्या 1189 दिनांक 1.9.1993) द्वारा प्रतिस्थापित।]
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1)
परिषद में निम्नलिखित सदस्य होंगे, अर्थात्:(क)
परिषद क्षेत्र के अंतर्गत प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र से वयस्क मताधिकार के आधार पर सीधे निर्वाचित एक सदस्य [उड़ीसा अधिनियम संख्या 22, 1994 (ओजीई संख्या 1283 दिनांक 18.10.1994) द्वारा प्रतिस्थापित](ख)
जिले के भीतर स्थित प्रत्येक समिति का अध्यक्ष।(ग)
लोकसभा और राज्य विधान सभा का प्रत्येक सदस्य जो उन निर्वाचन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करता है जिनमें परिषद का क्षेत्र पूर्णतः या आंशिक रूप से शामिल है;(घ)
राज्य परिषद के सदस्य जो परिषद के क्षेत्र के भीतर मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं।(2)
परिषद के सदस्यों के नाम राजपत्र में प्रकाशित किए जाएंगे।(3)
(क)
प्रत्येक परिषद में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए सीटें आरक्षित होंगी और इस प्रकार आरक्षित सीटों की संख्या, उस परिषद में प्रत्यक्ष चुनाव द्वारा भरी जाने वाली कुल सीटों के अनुपात में होगी, जो उस परिषद क्षेत्र में अनुसूचित जाति की जनसंख्या या अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या का उस क्षेत्र की कुल जनसंख्या से अनुपात है, और ऐसी सीटें परिषद के विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में बारी-बारी से आवंटित की जाएंगी।(ख)
खंड (क) के अधीन आरक्षित कुल सीटों में से यथासंभव एक तिहाई सीटें अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।(ग)
प्रत्येक परिषद में प्रत्यक्ष चुनाव द्वारा भरी जाने वाली कुल सीटों में से लगभग एक तिहाई (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों की संख्या सहित) सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी और ऐसी सीटें परिषद के विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में बारी-बारी से आवंटित की जाएंगी।(घ)
[* * *] [उड़ीसा अधिनियम संख्या 21, 1995 (ओजीई संख्या 1448 दिनांक 21.12.1995) द्वारा हटा दिया गया।](ई)
कलेक्टर परिषद क्षेत्र को निर्वाचन क्षेत्रों में विभाजित करने और उनमें आरक्षित की जाने वाली सीटों को दर्शाने वाला एक मसौदा विवरण तैयार करेगा और उसे अपने कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर और संबंधित उप-कलेक्टरों, तहसीलदारों, नगरपालिकाओं के कार्यकारी अधिकारियों और ब्लॉक विकास अधिकारियों के नोटिस बोर्ड पर निर्धारित तरीके से और निर्धारित अवधि के लिए प्रकाशित करेगा, और उक्त अवधि के भीतर सभी इच्छुक व्यक्तियों से आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित करेगा।(f)
कलेक्टर, प्राप्त आपत्तियों और सुझावों पर विचार करने के बाद और ऐसी आगे की जाँच करने के बाद, जैसा वह उचित समझे, खंड (e) में निर्दिष्ट मसौदा विवरण में आवश्यक परिवर्तन करवाएगा और उसके बाद, परिषद क्षेत्र को निर्वाचन क्षेत्रों में विभाजित करने और उसमें आरक्षित की जाने वाली सीटों को दर्शाने वाला एक अंतिम विवरण तैयार करेगा और उसे अनुमोदन के लिए सरकार को प्रस्तुत करेगा।(g)
खंड (f) के अंतर्गत कलेक्टर से अंतिम विवरण प्राप्त होने पर, यदि सरकार संतुष्ट है कि उसमें दर्शाए गए विभाजन और आरक्षण पूर्वोक्त प्रक्रिया के अनुसार किए गए हैं, तो वह अपनी स्वीकृति प्रदान करेगी और उसे राजपत्र में प्रकाशित करेगी, जिसके बाद परिषद क्षेत्र का निर्वाचन क्षेत्रों में विभाजन और उसमें सीटों का आरक्षण अंतिम हो जाएगा।](4)
[(क) उपधारा (1) के खंड (क) में निर्दिष्ट सदस्यों का चुनाव निर्धारित तरीके से आयोजित किया जाएगा: बशर्ते कि जहां ऐसा चुनाव राजनीतिक दल के आधार पर लड़ा जाता है, वहां ऐसे चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार अपने-अपने दल चिन्हों का उपयोग करेंगे।(ख)
इस अधिनियम या नियमों में किसी प्रावधान के अभाव में, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के प्रावधान निम्नलिखित मामलों में परिषदों के चुनाव के प्रयोजन के लिए यथावश्यक रूप से लागू होंगे, अर्थात्:(ग)
जब तक चुनाव आयोग राजपत्र में प्रकाशित आदेश द्वारा अन्यथा निर्देश न दे, विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची का वह भाग जो परिषद निर्वाचन क्षेत्र से संबंधित है, आवश्यक संशोधन या अद्यतन के अधीन रहते हुए, परिषद के चुनाव के प्रयोजन के लिए परिषद निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची होगी।(क)
"उम्मीदवार" से तात्पर्य संबंधित राजनीतिक दलों द्वारा विधिवत प्रायोजित उम्मीदवारों से है।(5)
परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष सहित परिषद के सभी सदस्यों को परिषद की बैठकों में मतदान करने का अधिकार होगा।(6)
[इस धारा में किसी बात के होते हुए भी, सरकार अनुसूचित क्षेत्रों में परिषद में ऐसे अनुसूचित जनजातियों के व्यक्तियों को मनोनीत कर सकती है जिनका परिषद में कोई प्रतिनिधित्व नहीं है: बशर्ते कि ऐसा नामांकन उपधारा (1) के खंड (क) के अधीन निर्वाचित होने वाले कुल सदस्यों के दसवें भाग से अधिक न हो।] [उड़ीसा अधिनियम संख्या 17, 1997 (ओजीई संख्या 1566 दिनांक 22, 12, 1997) द्वारा सम्मिलित।]इस धारा पर आपका निजी नोट
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