NCP Rules 7
धारा 7 · राज्य आयोग के बैठने का स्थान और उससे संबंधित अन्य मामले
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
- [धारा 14(3) धारा 18 के साथ पढ़ी जाए]। (1) राज्य आयोग का कार्यालय राज्य की राजधानी में स्थित होगा।
(2)
राज्य आयोग के कार्य दिवस और कार्यालय समय राज्य सरकार के समान होंगे।(3)
राज्य आयोग की आधिकारिक मुहर और प्रतीक चिन्ह ऐसे होंगे जैसा राज्य सरकार निर्दिष्ट करे।(4)
राज्य आयोग की बैठक, जब भी आवश्यक हो, राष्ट्रपति द्वारा बुलाई जाएगी।(5)
राज्य आयोग का कोई भी कार्य या कार्यवाही केवल उसके सदस्यों में किसी रिक्ति के अस्तित्व या उसके गठन में किसी दोष के कारण अमान्य नहीं होगी।(6)
राज्य सरकार राज्य आयोग के कार्य में सहायता करने और इन नियमों के तहत निर्धारित या राष्ट्रपति द्वारा उसे सौंपे गए अन्य कार्यों को पूरा करने के लिए आवश्यक कर्मचारियों की नियुक्ति करेगी। ऐसे कर्मचारियों को देय वेतन राज्य सरकार की संचित निधि से दिया जाएगा।(7)
जहां विपक्षी पक्ष शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों को स्वीकार करता है, वहां राज्य आयोग मामले की योग्यता और उसके समक्ष प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर शिकायत का निर्णय करेगा।(8)
यदि धारा 13 के तहत की गई कार्यवाही के दौरान राज्य आयोग पक्षों की सुनवाई के लिए कोई तिथि निर्धारित करता है, तो शिकायतकर्ता और विपक्षी पक्ष या उसके अधिकृत प्रतिनिधि के लिए सुनवाई की उस तिथि या किसी अन्य तिथि पर, जिस पर सुनवाई स्थगित की जा सकती है, राज्य आयोग के समक्ष उपस्थित होना अनिवार्य होगा। यदि शिकायतकर्ता या उसका अधिकृत प्रतिनिधि उस तिथि पर राज्य आयोग के समक्ष उपस्थित होने में विफल रहता है, तो राज्य आयोग अपने विवेक से शिकायत को चूक के कारण खारिज कर सकता है या गुण-दोष के आधार पर उसका निर्णय कर सकता है। यदि विपक्षी पक्ष या उसका अधिकृत प्रतिनिधि सुनवाई के दिन उपस्थित होने में विफल रहता है, तो राज्य आयोग शिकायत का एकतरफा निर्णय कर सकता है।(9)
उप-नियम (8) के तहत कार्यवाही के दौरान, राज्य आयोग, अपनी इच्छानुसार किसी भी चरण में, शिकायत की सुनवाई स्थगित कर सकता है, लेकिन सामान्यतः एक से अधिक स्थगन नहीं दिया जाएगा और शिकायत का निर्णय विपक्षी पक्ष द्वारा नोटिस प्राप्त होने की तिथि से 90 दिनों के भीतर किया जाना चाहिए, यदि शिकायत में माल के विश्लेषण या परीक्षण की आवश्यकता नहीं है, और यदि माल के विश्लेषण या परीक्षण की आवश्यकता है तो 150 दिनों के भीतर किया जाना चाहिए।(10)
राज्य आयोग के आदेशों पर पीठ गठित करने वाले राज्य आयोग के सदस्यों द्वारा हस्ताक्षर और दिनांक अंकित किए जाएंगे और उन्हें पक्षों को नि:शुल्क सूचित किया जाएगा।इस धारा पर आपका निजी नोट
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