Rules for the Regulation of the Procedure of Officers Appointed to Administer Justice in the Lushai Hills 7
धारा 7 · Section 7
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1)
उपायुक्त किसी व्यक्ति, ग्राम या समुदाय द्वारा रखे जा सकने वाले आग्नेयास्त्रों की संख्या और विवरण तथा गोला-बारूद की मात्रा और विवरण निर्धारित कर सकता है तथा तदनुसार लाइसेंस जारी कर सकता है। वह ऐसे लाइसेंसों की वैधता अवधि भी निर्धारित कर सकता है।(2)
उपायुक्त, यदि वह उचित समझे, तो लुशाई पहाड़ियों में अस्थायी रूप से निवास करने वाले व्यक्ति के लाइसेंसों को, जिनके पास भारत के अन्य भागों में जारी किए गए शस्त्र अधिनियम के तहत लाइसेंस हैं, लुशाई पहाड़ियों में ऐसी अवधियों के लिए वैध घोषित कर सकता है, जैसा वह तय करे, और ऐसे व्यक्ति द्वारा रखे जाने वाले गोला-बारूद की सीमा निर्धारित कर सकता है।(3)
जिन आग्नेयास्त्रों के लिए लाइसेंस जारी किए गए हैं, उन पर LP अक्षर और एक क्रमांक अंकित किया जाएगा और हथियारों का विवरण एक रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा। हालांकि, यह नियम नियम 2 के तहत वैध किए गए लाइसेंसों के अंतर्गत रखे गए हथियारों पर लागू नहीं होता है; बशर्ते कि ऐसे हथियारों पर निर्माता का नाम और क्रमांक अंकित हो, ऐसी स्थिति में निर्माता का नाम और क्रमांक तथा हथियार का विवरण पंजीकृत किया जाएगा।(4)
प्रत्येक ग्राम के लिए अधिकृत आग्नेयास्त्रों की संख्या प्रत्येक पंद्रह घरों पर एक होगी, किसी एक ग्राम के लिए अधिकतम 25 होगी। यदि इस सीमा का कड़ाई से पालन करने से कठिनाई उत्पन्न होती है, तो उपायुक्त के विवेकानुसार इसे संशोधित किया जा सकता है।(5)
लाइसेंस भारतीय शस्त्र नियम, 1951 के प्रपत्र सोलह या सोलह-ए या उन्नीस में ऐसे परिवर्तन और संशोधन के अधीन प्रदान किए जाएंगे जैसा कि उपायुक्त तय कर सकता है।(6)
मुख-भारित हथियारों के लाइसेंस जारी करने या लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए कोई शुल्क नहीं होगा। मुख-भारित हथियार के लाइसेंस के लिए प्रारंभिक शुल्क पिस्तौल या रिवॉल्वर के मामले में 10 रुपये और अन्य किसी भी हथियार के लिए 5 रुपये होगा। वार्षिक नवीनीकरण शुल्क पिस्तौल या रिवॉल्वर के लिए 5 रुपये और अन्य किसी भी मुख-भारित हथियार के लिए 28 रुपये होगा। बशर्ते कि उपायुक्त मुख-भारित हथियार धारक को अवधि के संयुक्त नवीनीकरण शुल्क के भुगतान पर 3 वर्ष तक की किसी भी अवधि के लिए अपना लाइसेंस नवीनीकृत करने की अनुमति दे सकता है।(7)
प्रत्येक लाइसेंस में निम्नलिखित अतिरिक्त निर्देश शामिल किए जाएंगे: इस बंदूक का उपयोग ग्राम के सभी वयस्क सदस्य कर सकते हैं। इस बंदूक का उपयोग उस ग्राम के मुखिया की सीमा से बाहर नहीं किया जाएगा, जिसके ग्राम में लाइसेंसधारक रहता है। यदि इसका उपयोग ग्राम की सीमा से बाहर किया जाता है, तो बंदूक जब्त कर ली जाएगी। अप्रैल से अक्टूबर के बीच किसी भी पक्षी का शिकार नहीं किया जाएगा। गैंडे, हाथी और बाज का शिकार नहीं किया जाएगा।(8)
उपायुक्त अनुमोदित व्यक्तियों को गोला-बारूद बेचने के लिए लाइसेंस जारी कर सकता है। विक्रेता लाइसेंस का प्रारूप यथासंभव भारतीय नियम, 1951 के प्रपत्र X के अनुरूप होगा और ऐसे लाइसेंस का शुल्क 10 रुपये वार्षिक होगा। ऐसे व्यक्ति उपायुक्त द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों के अनुसार गोला-बारूद बेचेंगे।(9)
नियम 7 (1) के तहत जारी लाइसेंस धारक सभी व्यक्ति केवल उप आयुक्त द्वारा नियम 7 (8) के तहत अनुमोदित दुकानों और व्यक्तियों से तथा उप आयुक्त या उप आयुक्त के सहायक, ऐजल, या उप-विभागीय अधिकारी, लुंगलेह से लिखित प्राधिकरण प्राप्त करके ही गोला-बारूद खरीदेंगे। कमांडेंट और सहायक कमांडेंट लाइसेंस के तहत बटालियन द्वारा धारित प्रत्येक हथियार के लिए वार्षिक निर्धारित अधिकतम भत्ते की सीमा तक गोला-बारूद की आपूर्ति के लिए असम राइफल्स कैंटीन को लिखित प्राधिकरण जारी कर सकते हैं।(10)
गोला-बारूद की बिक्री और समय-समय पर इसकी जाँच के लिए नियम: (i) लाइसेंस प्राप्त विक्रेता गोला-बारूद की सभी प्राप्तियों और बिक्री के लिए संलग्न प्रपत्र में एक रजिस्टर बनाए रखेंगे, सभी प्राप्तियाँ लाल स्याही में दिखाई जानी चाहिए।(ii)
दुकान लाइसेंसधारक गोला-बारूद प्राप्त होने पर उपायुक्त को सूचित करेंगे, और उपायुक्त अनपैकिंग की निगरानी करने और सामग्री की जाँच करने के लिए एक अधिकारी भेजेंगे, जिसके बाद रसीदें तुरंत रजिस्टर में दर्ज की जाएंगी और सत्यापन अधिकारी द्वारा हस्ताक्षर किए जाएंगे।(iii)
उपायुक्त या उनके सहायक विक्रेताओं के पास मौजूद सभी गोला-बारूद की त्रैमासिक जाँच करेंगे। ऐजल स्थित सब-इंस्पेक्टर महीने में एक बार सभी गोला-बारूद की दुकानों की अचानक जाँच करेंगे और जाँच करने के प्रमाण स्वरूप रजिस्टर पर अपने हस्ताक्षर करेंगे।(iv)
गोला-बारूद के जहाजों को उपायुक्त या उपायुक्त के सहायक द्वारा सत्यापन के बाद नष्ट किया जाएगा, न कि उप-निरीक्षक द्वारा जब वह दुकानों का निरीक्षण करता है।(v)
विक्रेता द्वारा उन पर्चियों पर पर्ची जारी नहीं की जानी चाहिए जिनके लिए पर्ची जारी करने वाला कैलेंडर वर्ष समाप्त हो चुका है।(vi)
विक्रेताओं की यह जिम्मेदारी है कि वे पर्चियों में अधिकृत मात्रा से अधिक माल जारी न करें। बारूद, गोलियां और कारतूस के मामले में, किश्तों में माल जारी नहीं किया जाना चाहिए।(vii)
विक्रेताओं को लाइसेंस जारी करते समय उन पर हस्ताक्षर करने होंगे।| दिनांक | जारी किए गए व्यक्ति का नाम | लाइसेंस और पर्चियों की संख्या | बारूद के | कैप्स | शॉट | 22 बोर | 12 बोर कारतूस | |||
| बकशॉट | बॉल | शॉट | टिप्पणियाँ | |||||||
| पिछले महीने का बकाया (लाल रंग में) | ||||||||||
| इस माह के कुल अंक: | ||||||||||
| महीने का समापन शेष (लाल स्याही में) |
(11)
उपायुक्त प्रथम असम राइफल्स के कमांडेंट या उनके सहायकों, उप-विभागीय अधिकारी, लुंगलेह, या उपायुक्त ऐजल के सहायक को अधिकार सौंप सकता है और इन नियमों द्वारा प्रदत्त किसी भी या सभी शक्तियों को वापस ले सकता है।(12)
उपायुक्त समय-समय पर जिले के भीतर शस्त्रों और गोला-बारूद के नियंत्रण एवं पर्यवेक्षण के उद्देश्य से इन नियमों के अनुरूप निर्देश जारी कर सकता है। गोला-बारूद की देखभाल(13)
(i)
कैंटीन में एक समय में 100 पाउंड से अधिक नहीं रखा जाएगा; कोई भी अतिरिक्त सामान क्वार्टर मास्टर हवलदार के प्रभार में मैगज़ीन में रखा जाएगा, जो इसके लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होगा।(ii)
कैंटीन में रखे सभी बारूद और कैप हर समय ताला लगाकर रखे जाने चाहिए, चाबी कैंटीन हवलदार के पास रहेगी जो गोला-बारूद की सुरक्षित देखरेख और जारी करने संबंधी नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होगा।इस धारा पर आपका निजी नोट
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