Mizoram (Land Acquisition, Rehabilitation and Resettlement) Act, 2016 80अध्याय XII · Offences and Penalties
धारा 80 · झूठी सूचना, दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई आदि के लिए दंड
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1)
यदि कोई व्यक्ति इस अधिनियम के अंतर्गत किसी आवश्यकता या निर्देश के संबंध में कोई ऐसी सूचना प्रदान करता है जो झूठी या भ्रामक हो, या कोई झूठा दस्तावेज प्रस्तुत करता है, तो उसे किसी भी प्रकार के कारावास से छह माह तक की अवधि के लिए, या एक लाख रुपये तक के जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।(2)
झूठा दावा करके, झूठा प्रतिनिधित्व करके, प्रतिरूपण करके, या कपटपूर्ण साधनों से प्राप्त किया गया कोई भी मुआवजा या पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन लाभ सरकार द्वारा निर्धारित तरीके से वसूल किया जाएगा।(3)
अनुशासनात्मक प्राधिकारी द्वारा किसी सरकारी कर्मचारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जा सकती है, यदि वह इस अधिनियम के किसी प्रावधान के संबंध में दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई का दोषी सिद्ध हो जाता है, तो वह ऐसे दंड का भागी होगा जिसमें जुर्माना भी शामिल है, जैसा कि अनुशासनात्मक प्राधिकारी तय करे।अपराध एक नज़र में
- अधिकतम दंड
- 6 माह
- जुर्माना
- ₹1,00,000
- संज्ञेय
- असंज्ञेय
- जमानतीय
- जमानतीय
- समझौता योग्य
- समझौता योग्य नहीं
- विचारण न्यायालय
- कोई भी मजिस्ट्रेट
- असंज्ञेय — पुलिस बिना मजिस्ट्रेट की अनुमति के जाँच नहीं कर सकती
- जमानतीय — जमानत आपका अधिकार है — थाने से भी मिल सकती है
इसी अधिनियम के अपने उपबंध के अनुसार
इस धारा पर आपका निजी नोट
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