Mizoram (Land Acquisition, Rehabilitation and Resettlement) Act, 2016 15अध्याय IV · Notification and Acquisition
धारा 15 · आपत्तियों की सुनवाई
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1)
धारा 11 की उपधारा (i) के अंतर्गत अधिसूचित किसी भूमि में रुचि रखने वाला कोई व्यक्ति, जिसे सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यक या संभावित रूप से आवश्यक घोषित किया गया है, प्रारंभिक अधिसूचना के प्रकाशन की तिथि से साठ दिनों के भीतर निम्नलिखित पर आपत्ति कर सकता है:(क)
अधिग्रहित की जाने वाली भूमि का क्षेत्रफल और उसकी उपयुक्तता;(ख)
सार्वजनिक उद्देश्य के लिए प्रस्तुत औचित्य;(ग)
सामाजिक प्रभाव आकलन रिपोर्ट के निष्कर्ष।(2)
उपधारा (1) के तहत प्रत्येक आपत्ति कलेक्टर को लिखित में दी जाएगी, और कलेक्टर आपत्तिकर्ता को स्वयं या इस संबंध में उसके द्वारा अधिकृत किसी व्यक्ति या किसी अधिवक्ता के माध्यम से सुनवाई का अवसर देगा, और ऐसी सभी आपत्तियों को सुनने के बाद और यदि आवश्यक समझे तो आगे की जांच करने के बाद, धारा 11 की उपधारा (1) के तहत अधिसूचित भूमि के संबंध में एक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा, या ऐसी भूमि के विभिन्न भागों के संबंध में अलग-अलग रिपोर्टें सरकार को प्रस्तुत करेगा, जिसमें आपत्तियों पर उसकी सिफारिशें, उसके द्वारा की गई कार्यवाही का रिकॉर्ड और भूमि अधिग्रहण की अनुमानित लागत, पुनर्वासित होने वाले प्रभावित परिवारों की संख्या के विवरण सहित एक अलग रिपोर्ट शामिल होगी, ताकि सरकार निर्णय ले सके।(3)
उपधारा (2) के तहत की गई आपत्तियों पर सरकार का निर्णय अंतिम होगा।इस धारा पर आपका निजी नोट
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