JSCST Act 8
धारा 8 · आयोग के कार्य
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
आयोग के कार्य निम्नलिखित होंगे: बशर्ते कि यदि इस धारा में निर्दिष्ट किसी मामले का निपटारा भारत के संविधान के अनुच्छेद 342 के तहत स्थापित राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग द्वारा किया जाता है, तो राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग का ऐसे मामले पर अधिकार क्षेत्र समाप्त हो जाएगा।
(क)
झारखंड की अनुसूचित जनजातियों के कल्याण और संरक्षण के लिए भारत के संविधान में या किसी अन्य कानून के तहत या सरकार के किसी आदेश के तहत प्रदान किए गए विभिन्न सुरक्षा उपायों के कामकाज की जांच और परीक्षण करना; और(ख)
झारखंड की अनुसूचित जनजातियों के अधिकारों और सुरक्षा के हनन से संबंधित विशिष्ट शिकायतों की जांच करना और ऐसे मामलों को उचित अधिकारियों के समक्ष उठाना;(ग)
अनुसूचित जनजातियों के कल्याण हेतु बनाए गए कार्यक्रमों के उचित और समयबद्ध कार्यान्वयन की निगरानी करना तथा राज्य सरकार या ऐसे कार्यक्रमों के लिए उत्तरदायी किसी अन्य निकाय या प्राधिकरण के ऐसे कार्यक्रमों में सुधार के सुझाव देना;(घ)
सार्वजनिक सेवाओं में अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षण और शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश के संबंध में सलाह देना;(ई)
अनुसूचित जनजातियों के सामाजिक-आर्थिक विकास की योजना प्रक्रिया पर सलाह देना; राज्य में उनके विकास की प्रगति का मूल्यांकन करना;(f)
अनुसूचित जनजातियों के संरक्षण, कल्याण और सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए सुरक्षा उपायों और अन्य उपायों के प्रभावी कार्यान्वयन हेतु राज्य द्वारा उठाए जाने वाले उपायों के संबंध में सिफारिशें करना तथा राज्य सरकार को वार्षिक रूप से तथा आयोग द्वारा उचित समझे जाने वाले अन्य समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत करना।(जी)
अनुसूचित जनजातियों के संरक्षण, कल्याण, विकास और उन्नति के संबंध में ऐसे अन्य कार्यों का निर्वहन करना जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है;(h)
राज्य सरकार द्वारा इसे सौंपे गए ऐसे अन्य कार्यों का निष्पादन करना:(i)
राज्य सरकार आयोग को ऐसे निर्देश जारी कर सकती है जो अधिनियम के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए आवश्यक या उचित समझे जाएं और आयोग ऐसे निर्देशों का पालन करने के लिए बाध्य होगा।इस धारा पर आपका निजी नोट
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