पाठ लगभग अपरिवर्तित है
IPC धारा 376C अब BNS धारा 68 है
धारा 376C - जेल, प्रतिप्रेषण गॄह आदि के अधीक्षक द्वारा संभोग
पुराना कानून
IPC §376C
धारा 376C - जेल, प्रतिप्रेषण गॄह आदि के अधीक्षक द्वारा संभोग
जेल, प्रतिप्रेषण गॄह आदि के अधीक्षक द्वारा संभोग
जो कोई किसी जेल, प्रतिप्रेषण गॄह या अभिरक्षा के ऐसे अन्य स्थान का जो तत्समय प्रवॄत्त किसी विधि द्वारा या उसके अधीन स्थापित किया गया है या स्त्रियों या बालकों की किसी संस्था का अधीक्षक या प्रबन्धक होते हुए अपनी शासकीय स्थिति का लाभ उठाकर जेल, प्रतिप्रेषण गॄह, स्थान या संस्था की किसी स्त्री निवासी को, ऐसा मैथुन करने के लिए जो बलात्संग के अपराध की कोटि में नहीं आता है, उत्प्रेरित या विलुब्ध करेगा वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से जिसकी अवधि पांच वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा ।
स्पष्टीकरण 1 - किसी जेल, प्रतिप्रेषण गॄह या अभिरक्षा के किसी अन्य स्थान या स्त्रियों या बालकों की किसी संस्था के सम्बन्ध में, “अधीक्षक” के अन्तर्गत कोई ऐसा व्यक्ति भी है जो ऐसी जेल, प्रतिप्रेषण गॄह, स्थान या संस्था में ऐसा कोई पद धारण करता है, जिसके आधार पर वह उसके निवासियों पर किसी प्राधिकार या नियंत्रण का प्रयोग कर सकता है ।
स्पष्टीकरण 2 - “स्त्रियों या बालकों की किसी संस्था” पद का वही अर्थ है जो धारा 376 की उपधारा (2) के स्पष्टीकरण 2 में उसका है ।
पूरा पढ़ें: IPC §376Cजो कोई किसी जेल, प्रतिप्रेषण गॄह या अभिरक्षा के ऐसे अन्य स्थान का जो तत्समय प्रवॄत्त किसी विधि द्वारा या उसके अधीन स्थापित किया गया है या स्त्रियों या बालकों की किसी संस्था का अधीक्षक या प्रबन्धक होते हुए अपनी शासकीय स्थिति का लाभ उठाकर जेल, प्रतिप्रेषण गॄह, स्थान या संस्था की किसी स्त्री निवासी को, ऐसा मैथुन करने के लिए जो बलात्संग के अपराध की कोटि में नहीं आता है, उत्प्रेरित या विलुब्ध करेगा वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से जिसकी अवधि पांच वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा ।
स्पष्टीकरण 1 - किसी जेल, प्रतिप्रेषण गॄह या अभिरक्षा के किसी अन्य स्थान या स्त्रियों या बालकों की किसी संस्था के सम्बन्ध में, “अधीक्षक” के अन्तर्गत कोई ऐसा व्यक्ति भी है जो ऐसी जेल, प्रतिप्रेषण गॄह, स्थान या संस्था में ऐसा कोई पद धारण करता है, जिसके आधार पर वह उसके निवासियों पर किसी प्राधिकार या नियंत्रण का प्रयोग कर सकता है ।
स्पष्टीकरण 2 - “स्त्रियों या बालकों की किसी संस्था” पद का वही अर्थ है जो धारा 376 की उपधारा (2) के स्पष्टीकरण 2 में उसका है ।
नया कानून
BNS §68
प्राधिकारी पद पर आसीन व्यक्ति द्वारा यौन संबंध।
जो कोई भी हो---
(क) अधिकार के पद पर या न्यासी संबंध में; या
(ख) लोक सेवक; या
(ग) किसी कारागार, सुधारगृह या किसी अन्य हिरासत स्थल का अधीक्षक या प्रबंधक, जो उस समय लागू किसी कानून द्वारा या उसके तहत स्थापित किया गया हो, या किसी महिला या बाल संस्था का अधीक्षक या प्रबंधक; या
(घ) किसी अस्पताल के प्रबंधन पर या किसी अस्पताल के स्टाफ में होने पर,
यदि कोई व्यक्ति अपने पद या विश्वासपूर्ण संबंध का दुरुपयोग करके अपनी हिरासत में या अपने अधीन या परिसर में मौजूद किसी महिला को यौन संबंध बनाने के लिए प्रेरित या बहकाता है, और ऐसा यौन संबंध बलात्कार का अपराध नहीं है, तो उसे किसी भी प्रकार के कठोर कारावास से दंडित किया जाएगा, जिसकी अवधि पांच वर्ष से कम नहीं होगी, लेकिन दस वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
स्पष्टीकरण 1 .--- इस धारा में, "यौन संबंध" से तात्पर्य धारा 63 के खंड (क) से (घ) में उल्लिखित कृत्यों में से किसी से भी होगा।
स्पष्टीकरण 2. --- इस धारा के प्रयोजनों के लिए, धारा 63 का स्पष्टीकरण 1 भी लागू होगा।
स्पष्टीकरण 3. --- "अधीक्षक", किसी जेल, सुधारगृह या अन्य हिरासत स्थल या महिला एवं बाल संस्था के संबंध में, उसमें ऐसा व्यक्ति भी शामिल है जो ऐसी जेल, सुधारगृह, स्थान या संस्था में कोई अन्य पद धारण करता है जिसके आधार पर वह व्यक्ति उसके कैदियों पर कोई अधिकार या नियंत्रण का प्रयोग कर सकता है।
स्पष्टीकरण 4. --- "अस्पताल" और "महिलाओं या बच्चों की संस्था" अभिव्यक्ति का अर्थ क्रमशः वही होगा जो धारा 64 की उपधारा (2) के स्पष्टीकरण के खंड (ख) और (घ) में है।
पूरा पढ़ें: BNS §68(क) अधिकार के पद पर या न्यासी संबंध में; या
(ख) लोक सेवक; या
(ग) किसी कारागार, सुधारगृह या किसी अन्य हिरासत स्थल का अधीक्षक या प्रबंधक, जो उस समय लागू किसी कानून द्वारा या उसके तहत स्थापित किया गया हो, या किसी महिला या बाल संस्था का अधीक्षक या प्रबंधक; या
(घ) किसी अस्पताल के प्रबंधन पर या किसी अस्पताल के स्टाफ में होने पर,
यदि कोई व्यक्ति अपने पद या विश्वासपूर्ण संबंध का दुरुपयोग करके अपनी हिरासत में या अपने अधीन या परिसर में मौजूद किसी महिला को यौन संबंध बनाने के लिए प्रेरित या बहकाता है, और ऐसा यौन संबंध बलात्कार का अपराध नहीं है, तो उसे किसी भी प्रकार के कठोर कारावास से दंडित किया जाएगा, जिसकी अवधि पांच वर्ष से कम नहीं होगी, लेकिन दस वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
स्पष्टीकरण 1 .--- इस धारा में, "यौन संबंध" से तात्पर्य धारा 63 के खंड (क) से (घ) में उल्लिखित कृत्यों में से किसी से भी होगा।
स्पष्टीकरण 2. --- इस धारा के प्रयोजनों के लिए, धारा 63 का स्पष्टीकरण 1 भी लागू होगा।
स्पष्टीकरण 3. --- "अधीक्षक", किसी जेल, सुधारगृह या अन्य हिरासत स्थल या महिला एवं बाल संस्था के संबंध में, उसमें ऐसा व्यक्ति भी शामिल है जो ऐसी जेल, सुधारगृह, स्थान या संस्था में कोई अन्य पद धारण करता है जिसके आधार पर वह व्यक्ति उसके कैदियों पर कोई अधिकार या नियंत्रण का प्रयोग कर सकता है।
स्पष्टीकरण 4. --- "अस्पताल" और "महिलाओं या बच्चों की संस्था" अभिव्यक्ति का अर्थ क्रमशः वही होगा जो धारा 64 की उपधारा (2) के स्पष्टीकरण के खंड (ख) और (घ) में है।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
