पाठ लगभग अपरिवर्तित है
IPC धारा 180 अब BNS धारा 215 है
धारा 180 - कथन पर हस्ताक्षर करने से इंकार
पुराना कानून
IPC §180
धारा 180 - कथन पर हस्ताक्षर करने से इंकार
कथन पर हस्ताक्षर करने से इंकार
जो कोई अपने द्वारा किए गए किसी कथन पर हस्ताक्षर करने को ऐसे लोक सेवक द्वारा अपेक्षा किए जाने पर, जो उससे यह अपेक्षा करने के लिए वैध रूप से सक्षम हो कि वह उस कथन पर हस्ताक्षर करे, उस कथन पर हस्ताक्षर करने से इंकार करेगा, वह सादा कारावास से, जिसकी अवधि तीन मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो पांच सौ रुपए तक का हो सकेगा, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।
पूरा पढ़ें: IPC §180जो कोई अपने द्वारा किए गए किसी कथन पर हस्ताक्षर करने को ऐसे लोक सेवक द्वारा अपेक्षा किए जाने पर, जो उससे यह अपेक्षा करने के लिए वैध रूप से सक्षम हो कि वह उस कथन पर हस्ताक्षर करे, उस कथन पर हस्ताक्षर करने से इंकार करेगा, वह सादा कारावास से, जिसकी अवधि तीन मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो पांच सौ रुपए तक का हो सकेगा, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।
नया कानून
BNS §215
बयान पर हस्ताक्षर करने से इनकार करना।
जो कोई भी किसी लोक सेवक द्वारा, जो कानूनी रूप से उस कथन पर हस्ताक्षर करने के लिए सक्षम है, ऐसा करने के लिए कहे जाने पर, अपने द्वारा दिए गए किसी भी कथन पर हस्ताक्षर करने से इनकार करता है, तो उसे तीन महीने तक के साधारण कारावास या तीन हजार रुपये तक के जुर्माने या दोनों से दंडित किया जाएगा।
पूरा पढ़ें: BNS §2151 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
