पाठ लगभग अपरिवर्तित है
IPC धारा 169 अब BNS धारा 203 है
धारा 169 - लोक सेवक, जो विधिविरुद्ध रूप से संपत्ति क्रय करता है या उसके लिए बोली लगाता है
पुराना कानून
IPC §169
धारा 169 - लोक सेवक, जो विधिविरुद्ध रूप से संपत्ति क्रय करता है या उसके लिए बोली लगाता है
लोक सेवक, जो विधिविरुद्ध रूप से संपत्ति क्रय करता है या उसके लिए बोली लगाता है
जो कोई लोक सेवक होते हुए और ऐसे लोक सेवक के नाते इस बात के लिए वैध रूप से आबद्ध होते हुए कि वह अमुक संपत्ति को न तो क्रय करे और न उसके लिए बोली लगाए, या तो अपने निज के नाम में, या किसी दूसरे के नाम में, अथवा दूसरों के साथ संयुकत रूप से, या अंशों में उस संपत्ति को क्रय करेगा, या उसके लिए बोली लगाएगा, वह सादा कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा, और यदि वह संपत्ति क्रय कर ली गई है, तो वह अधिहृत कर ली जाएगी ।
पूरा पढ़ें: IPC §169जो कोई लोक सेवक होते हुए और ऐसे लोक सेवक के नाते इस बात के लिए वैध रूप से आबद्ध होते हुए कि वह अमुक संपत्ति को न तो क्रय करे और न उसके लिए बोली लगाए, या तो अपने निज के नाम में, या किसी दूसरे के नाम में, अथवा दूसरों के साथ संयुकत रूप से, या अंशों में उस संपत्ति को क्रय करेगा, या उसके लिए बोली लगाएगा, वह सादा कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा, और यदि वह संपत्ति क्रय कर ली गई है, तो वह अधिहृत कर ली जाएगी ।
नया कानून
BNS §203
लोक सेवक द्वारा गैरकानूनी रूप से संपत्ति खरीदना या उसके लिए बोली लगाना।
जो कोई लोक सेवक होते हुए, और लोक सेवक होने के नाते विधिवत रूप से किसी संपत्ति को खरीदने या उसके लिए बोली लगाने के लिए बाध्य न होते हुए भी, उस संपत्ति को अपने नाम से, या किसी अन्य व्यक्ति के नाम से, या संयुक्त रूप से, या दूसरों के साथ हिस्सेदारी में खरीदता है या उसके लिए बोली लगाता है, उसे दो वर्ष तक की साधारण कारावास, या जुर्माना, या दोनों से दंडित किया जाएगा; और यदि संपत्ति खरीदी गई है, तो उसे जब्त कर लिया जाएगा।
पूरा पढ़ें: BNS §2031 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
