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धारा 169 - लोक सेवक, जो विधिविरुद्ध रूप से संपत्ति क्रय करता है या उसके लिए बोली लगाता है
लोक सेवक, जो विधिविरुद्ध रूप से संपत्ति क्रय करता है या उसके लिए बोली लगाता है जो कोई लोक सेवक होते हुए और ऐसे लोक सेवक के नाते इस बात के लिए वैध रूप से आबद्ध होते हुए कि वह अमुक संपत्ति को न तो क्रय करे और न उसके लिए बोली लगाए, या तो अपने निज के नाम में, या किसी दूसरे के नाम में, अथवा दूसरों के साथ संयुकत रूप से, या…
पूरा पढ़ेंलोक सेवक द्वारा गैरकानूनी रूप से संपत्ति खरीदना या उसके लिए बोली लगाना।
जो कोई लोक सेवक होते हुए, और लोक सेवक होने के नाते विधिवत रूप से किसी संपत्ति को खरीदने या उसके लिए बोली लगाने के लिए बाध्य न होते हुए भी, उस संपत्ति को अपने नाम से, या किसी अन्य व्यक्ति के नाम से, या संयुक्त रूप से, या दूसरों के साथ हिस्सेदारी में खरीदता है या उसके लिए बोली लगाता है, उसे दो वर्ष तक की साधारण कारावास,…
पूरा पढ़ेंधारा 171A - “अभ्यर्थी”, “निर्वाचन अधिकार” परिभाषित
“अभ्यर्थी”, “निर्वाचन अधिकार” परिभाषित इस अध्याय के प्रयोजनों के लिए - (क) “अभ्यर्थी” से वह व्यक्ति अभिप्रेत है जो किसी निर्वाचन में अभ्यर्थी के रूप में नामनिर्दिष्ट किया गया है ; (ख) “निर्वाचन अधिकार” से किसी निर्वाचन में अभ्यर्थी के रूप में खड़े होने या खड़े न होने या अभ्यर्थना से अपना नाम वापल लेने या मत देने या मत…
पूरा पढ़ेंउम्मीदवार, चुनावी अधिकार की परिभाषा।
इस अध्याय के प्रयोजनों के लिए— (क) “उम्मीदवार” से तात्पर्य ऐसे व्यक्ति से है जिसे किसी चुनाव में उम्मीदवार के रूप में नामित किया गया हो; (ख) “चुनावी अधिकार” से तात्पर्य किसी व्यक्ति के उम्मीदवार के रूप में खड़े होने, या न खड़े होने, या उम्मीदवार होने से पीछे हटने, या चुनाव में मतदान करने या मतदान से परहेज करने के…
पूरा पढ़ें- IPC §169BNS §203
धारा 169 - लोक सेवक, जो विधिविरुद्ध रूप से संपत्ति क्रय करता है या उसके लिए बोली लगाता है
लोक सेवक द्वारा गैरकानूनी रूप से संपत्ति खरीदना या उसके लिए बोली लगाना।
- IPC §171ABNS §169
धारा 171A - “अभ्यर्थी”, “निर्वाचन अधिकार” परिभाषित
उम्मीदवार, चुनावी अधिकार की परिभाषा।
