पाठ लगभग अपरिवर्तित है
IPC धारा 156 अब BNS धारा 193(3) है
धारा 156 - उस स्वामी या अधिभोगी के अभिकर्ता का दायित्व, जिसके फायदे के लिए बल्वा किया जाता है
पुराना कानून
IPC §156
धारा 156 - उस स्वामी या अधिभोगी के अभिकर्ता का दायित्व, जिसके फायदे के लिए बल्वा किया जाता है
उस स्वामी या अधिभोगी के अभिकर्ता का दायित्व, जिसके फायदे के लिए बल्वा किया जाता है
जब कभी ऐसे व्यक्ति के फायदे के लिए या ऐसे व्यक्ति की ओर से बल्वा किया जाए, जो किसी भूमि का, जिसके विषय में ऐसा बल्वा हो, स्वामी हो या अधिभोगी हो या जो ऐसी भूमि में या बल्वे के पैदा करने वाले किसी विवादग्रस्त विषय में कोई हित रखने का दावा करता हो या जो उससे कोई फायदा प्रतिगॄहीत कर या पा चुका हो,
तब उस व्यक्ति का अभिकर्ता या प्रबंधक जुर्माने से दंडनीय होगा, यदि ऐसा अभिकर्ता या प्रबंधक यह विश्वास करने का कारण रखते हुए कि ऐसे बल्वे का किया जाना सम्भाव्य था या कि जिस विधिविरुद्ध जमाव द्वारा ऐसा बल्वा किया गया था, उसका किया जाना सम्भाव्य था, अपनी शक्ति-भर सब विधिपूर्ण साधनों का ऐसे बल्वे या जमाव का किया जाना निवारित करने के लिए और उसको दबाने और बिखरने के लिए उपयोग नहीं करता या करते ।
पूरा पढ़ें: IPC §156जब कभी ऐसे व्यक्ति के फायदे के लिए या ऐसे व्यक्ति की ओर से बल्वा किया जाए, जो किसी भूमि का, जिसके विषय में ऐसा बल्वा हो, स्वामी हो या अधिभोगी हो या जो ऐसी भूमि में या बल्वे के पैदा करने वाले किसी विवादग्रस्त विषय में कोई हित रखने का दावा करता हो या जो उससे कोई फायदा प्रतिगॄहीत कर या पा चुका हो,
तब उस व्यक्ति का अभिकर्ता या प्रबंधक जुर्माने से दंडनीय होगा, यदि ऐसा अभिकर्ता या प्रबंधक यह विश्वास करने का कारण रखते हुए कि ऐसे बल्वे का किया जाना सम्भाव्य था या कि जिस विधिविरुद्ध जमाव द्वारा ऐसा बल्वा किया गया था, उसका किया जाना सम्भाव्य था, अपनी शक्ति-भर सब विधिपूर्ण साधनों का ऐसे बल्वे या जमाव का किया जाना निवारित करने के लिए और उसको दबाने और बिखरने के लिए उपयोग नहीं करता या करते ।
नया कानून
BNS §193(3)
जिस भूमि पर गैरकानूनी सभा या दंगा होता है, उस भूमि के स्वामी, कब्जेदार आदि की जिम्मेदारी।
(1) जब भी कोई गैरकानूनी सभा या दंगा होता है, तो उस भूमि का स्वामी या अधिभोगी जिस पर ऐसी गैरकानूनी सभा आयोजित की जाती है या ऐसा दंगा किया जाता है, और ऐसी भूमि में हित रखने वाला या दावा करने वाला कोई भी व्यक्ति, एक हजार रुपये से अधिक के जुर्माने से दंडित किया जाएगा, यदि वह या उसका एजेंट या प्रबंधक, यह जानते हुए कि ऐसा अपराध किया जा रहा है या किया जा चुका है, या यह मानने का कारण रखते हुए कि ऐसा अपराध होने की संभावना है, निकटतम पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी को अपनी शक्ति के अनुसार शीघ्र सूचना नहीं देता है, और यदि उसे या उसे यह मानने का कारण है कि ऐसा अपराध होने वाला है, तो उसे रोकने के लिए अपनी शक्ति के अनुसार सभी वैध साधनों का उपयोग नहीं करता है, और यदि ऐसा अपराध हो जाता है, तो दंगे या गैरकानूनी सभा को तितर-बितर करने या दबाने के लिए अपनी शक्ति के अनुसार सभी वैध साधनों का उपयोग नहीं करता है।
(2) जब भी कोई दंगा किसी ऐसे व्यक्ति के लाभ के लिए या उसकी ओर से किया जाता है जो किसी भूमि का स्वामी या अधिभोगी है जिसके संबंध में ऐसा दंगा होता है या जो ऐसी भूमि में या किसी विवाद के विषय में, जिसके कारण दंगा हुआ है, कोई हित का दावा करता है या जिसने उससे कोई लाभ स्वीकार किया है या प्राप्त किया है, तो ऐसा व्यक्ति जुर्माने से दंडनीय होगा, यदि वह या उसका एजेंट या प्रबंधक, यह विश्वास करने का कारण रखते हुए कि ऐसा दंगा होने की संभावना थी या वह गैरकानूनी सभा जिसके द्वारा ऐसा दंगा किया गया था, आयोजित होने की संभावना थी, ऐसी सभा या दंगे को होने से रोकने और उसे दबाने और तितर-बितर करने के लिए अपनी शक्ति में सभी वैध साधनों का उपयोग नहीं करता है।
(3) जब भी कोई दंगा किसी ऐसे व्यक्ति के लाभ के लिए या उसकी ओर से किया जाता है जो किसी भूमि का स्वामी या अधिभोगी है जिसके संबंध में ऐसा दंगा होता है, या जो ऐसी भूमि में, या किसी विवाद के विषय में, जिसके कारण दंगा हुआ है, कोई हित का दावा करता है, या जिसने उससे कोई लाभ स्वीकार किया है या प्राप्त किया है, तो ऐसे व्यक्ति का एजेंट या प्रबंधक जुर्माने से दंडनीय होगा, यदि ऐसे एजेंट या प्रबंधक को यह विश्वास करने का कारण था कि ऐसा दंगा होने की संभावना थी, या वह गैरकानूनी सभा जिसके द्वारा ऐसा दंगा किया गया था, आयोजित होने की संभावना थी, तो वह ऐसे दंगे या सभा को होने से रोकने और उसे दबाने और तितर-बितर करने के लिए अपनी शक्ति में सभी वैध साधनों का उपयोग नहीं करता है।
पूरा पढ़ें: BNS §193(3)(2) जब भी कोई दंगा किसी ऐसे व्यक्ति के लाभ के लिए या उसकी ओर से किया जाता है जो किसी भूमि का स्वामी या अधिभोगी है जिसके संबंध में ऐसा दंगा होता है या जो ऐसी भूमि में या किसी विवाद के विषय में, जिसके कारण दंगा हुआ है, कोई हित का दावा करता है या जिसने उससे कोई लाभ स्वीकार किया है या प्राप्त किया है, तो ऐसा व्यक्ति जुर्माने से दंडनीय होगा, यदि वह या उसका एजेंट या प्रबंधक, यह विश्वास करने का कारण रखते हुए कि ऐसा दंगा होने की संभावना थी या वह गैरकानूनी सभा जिसके द्वारा ऐसा दंगा किया गया था, आयोजित होने की संभावना थी, ऐसी सभा या दंगे को होने से रोकने और उसे दबाने और तितर-बितर करने के लिए अपनी शक्ति में सभी वैध साधनों का उपयोग नहीं करता है।
(3) जब भी कोई दंगा किसी ऐसे व्यक्ति के लाभ के लिए या उसकी ओर से किया जाता है जो किसी भूमि का स्वामी या अधिभोगी है जिसके संबंध में ऐसा दंगा होता है, या जो ऐसी भूमि में, या किसी विवाद के विषय में, जिसके कारण दंगा हुआ है, कोई हित का दावा करता है, या जिसने उससे कोई लाभ स्वीकार किया है या प्राप्त किया है, तो ऐसे व्यक्ति का एजेंट या प्रबंधक जुर्माने से दंडनीय होगा, यदि ऐसे एजेंट या प्रबंधक को यह विश्वास करने का कारण था कि ऐसा दंगा होने की संभावना थी, या वह गैरकानूनी सभा जिसके द्वारा ऐसा दंगा किया गया था, आयोजित होने की संभावना थी, तो वह ऐसे दंगे या सभा को होने से रोकने और उसे दबाने और तितर-बितर करने के लिए अपनी शक्ति में सभी वैध साधनों का उपयोग नहीं करता है।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
