पाठ लगभग अपरिवर्तित है
IPC धारा 142 अब BNS धारा 189(2) है
धारा 142 - विधिविरुद्ध जमाव का सदस्य होना
पुराना कानून
IPC §142
धारा 142 - विधिविरुद्ध जमाव का सदस्य होना
विधिविरुद्ध जमाव का सदस्य होना
जो कोई उन तथ्यों से परिचित होते हुए, जो किसी जमाव को विधिविरुद्ध जमाव बनाते हैं, उस जमाव में साशय सम्मिलित होता है या उसमें बना रहता है, वह विधिविरुद्ध जमाव का सदस्य है, यह कहा जाता है ।
पूरा पढ़ें: IPC §142जो कोई उन तथ्यों से परिचित होते हुए, जो किसी जमाव को विधिविरुद्ध जमाव बनाते हैं, उस जमाव में साशय सम्मिलित होता है या उसमें बना रहता है, वह विधिविरुद्ध जमाव का सदस्य है, यह कहा जाता है ।
नया कानून
BNS §189(2)
गैरकानूनी सभा।
(1) पाँच या दो से अधिक व्यक्तियों की सभा को गैरकानूनी सभा कहा जाता है, यदि उस सभा में उपस्थित व्यक्तियों का सामान्य उद्देश्य निम्नलिखित हो:
(क) आपराधिक बल प्रयोग या आपराधिक बल प्रदर्शन द्वारा केंद्र सरकार या किसी राज्य सरकार या संसद या किसी राज्य के विधानमंडल या किसी लोक सेवक को उसके वैध अधिकार के प्रयोग में भयभीत करना; या
(ख) किसी कानून या किसी कानूनी प्रक्रिया के निष्पादन का विरोध करना; या
(ग) कोई उपद्रव या आपराधिक अतिक्रमण या अन्य अपराध करना; या
(घ) आपराधिक बल का प्रयोग करके, या आपराधिक बल का प्रदर्शन करके, किसी व्यक्ति की किसी संपत्ति पर कब्जा करना या उसे प्राप्त करना, या किसी व्यक्ति को मार्ग के अधिकार, या जल के उपयोग, या किसी अन्य अमूर्त अधिकार, जिस पर उसका कब्जा या उपभोग है, से वंचित करना, या किसी अधिकार या कथित अधिकार को लागू करना;
(ई) आपराधिक बल के माध्यम से, या आपराधिक बल के प्रदर्शन द्वारा, किसी व्यक्ति को वह कार्य करने के लिए विवश करना जो वह कानूनी रूप से करने के लिए बाध्य नहीं है, या वह कार्य न करने के लिए विवश करना जो वह कानूनी रूप से करने का हकदार है।
स्पष्टीकरण। ---एक सभा जो एकत्र होने के समय गैरकानूनी नहीं थी, बाद में गैरकानूनी सभा बन सकती है।
(2) जो कोई भी, ऐसे तथ्यों से अवगत होते हुए जो किसी सभा को गैरकानूनी सभा बनाते हैं, जानबूझकर उस सभा में शामिल होता है, या उसमें बना रहता है, उसे गैरकानूनी सभा का सदस्य कहा जाता है और ऐसे सदस्य को किसी भी प्रकार के कारावास से छह महीने तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(3) जो कोई भी गैरकानूनी सभा में शामिल होता है या उसमें बना रहता है, यह जानते हुए कि ऐसी गैरकानूनी सभा को कानून द्वारा निर्धारित तरीके से तितर-बितर होने का आदेश दिया गया है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दो वर्ष तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(4) जो कोई भी किसी घातक हथियार से, या किसी ऐसी वस्तु से, जिसका प्रयोग अपराध के हथियार के रूप में मृत्यु का कारण बन सकता है, किसी गैरकानूनी सभा का सदस्य है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दो वर्ष तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(5) जो कोई जानबूझकर पाँच या दो से अधिक व्यक्तियों की किसी सभा में शामिल होता है या उसमें बना रहता है, जिससे सार्वजनिक शांति भंग होने की संभावना हो, जबकि ऐसी सभा को विधिवत रूप से तितर-बितर होने का आदेश दिया जा चुका हो, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से छह महीने तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
स्पष्टीकरण। ---यदि सभा उपधारा (1) के अर्थ में गैरकानूनी सभा है, तो अपराधी उपधारा (3) के तहत दंडनीय होगा।
(6) जो कोई भी किसी व्यक्ति को किसी गैरकानूनी सभा में शामिल होने या उसका सदस्य बनने के लिए नियुक्त करता है, उसे काम पर रखता है, उसे पदोन्नत करता है, या उसकी नियुक्ति, नियुक्ति या नियुक्ति में मिलीभगत करता है, तो उसे ऐसी गैरकानूनी सभा के सदस्य के रूप में दंडित किया जाएगा, और ऐसे किसी भी अपराध के लिए जो ऐसे व्यक्ति द्वारा ऐसी गैरकानूनी सभा के सदस्य के रूप में ऐसी नियुक्ति, नियुक्ति या नियुक्ति के अनुसरण में किया जा सकता है, उसी प्रकार दंडित किया जाएगा जैसे कि वह ऐसी गैरकानूनी सभा का सदस्य होता, या उसने स्वयं ऐसा अपराध किया होता।
(7) जो कोई अपने कब्जे या देखरेख में स्थित किसी घर या परिसर में, या अपने नियंत्रण में, ऐसे व्यक्तियों को शरण देता है, प्राप्त करता है या इकट्ठा करता है, यह जानते हुए कि ऐसे व्यक्तियों को किसी गैरकानूनी सभा में शामिल होने या सदस्य बनने के लिए किराए पर लिया गया है, नियुक्त किया गया है या नियोजित किया जाने वाला है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से छह महीने तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(8) जो कोई उपधारा (1) में निर्दिष्ट किसी भी कार्य को करने या उसमें सहायता करने के लिए नियुक्त या किराए पर लिया जाता है, या नियुक्त या किराए पर लिए जाने का प्रस्ताव करता है या प्रयास करता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से छह महीने तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(9) जो कोई भी उपधारा (8) में निर्दिष्ट अनुसार कार्यरत या किराए पर लिया हुआ हो, यदि वह किसी घातक हथियार से, या किसी ऐसी वस्तु से, जिसका प्रयोग अपराध के हथियार के रूप में मृत्यु का कारण बन सकता है, सशस्त्र होकर जाता है, या सशस्त्र होकर जाने का कार्य करता है, तो उसे किसी भी प्रकार के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक बढ़ सकती है, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
पूरा पढ़ें: BNS §189(2)(क) आपराधिक बल प्रयोग या आपराधिक बल प्रदर्शन द्वारा केंद्र सरकार या किसी राज्य सरकार या संसद या किसी राज्य के विधानमंडल या किसी लोक सेवक को उसके वैध अधिकार के प्रयोग में भयभीत करना; या
(ख) किसी कानून या किसी कानूनी प्रक्रिया के निष्पादन का विरोध करना; या
(ग) कोई उपद्रव या आपराधिक अतिक्रमण या अन्य अपराध करना; या
(घ) आपराधिक बल का प्रयोग करके, या आपराधिक बल का प्रदर्शन करके, किसी व्यक्ति की किसी संपत्ति पर कब्जा करना या उसे प्राप्त करना, या किसी व्यक्ति को मार्ग के अधिकार, या जल के उपयोग, या किसी अन्य अमूर्त अधिकार, जिस पर उसका कब्जा या उपभोग है, से वंचित करना, या किसी अधिकार या कथित अधिकार को लागू करना;
(ई) आपराधिक बल के माध्यम से, या आपराधिक बल के प्रदर्शन द्वारा, किसी व्यक्ति को वह कार्य करने के लिए विवश करना जो वह कानूनी रूप से करने के लिए बाध्य नहीं है, या वह कार्य न करने के लिए विवश करना जो वह कानूनी रूप से करने का हकदार है।
स्पष्टीकरण। ---एक सभा जो एकत्र होने के समय गैरकानूनी नहीं थी, बाद में गैरकानूनी सभा बन सकती है।
(2) जो कोई भी, ऐसे तथ्यों से अवगत होते हुए जो किसी सभा को गैरकानूनी सभा बनाते हैं, जानबूझकर उस सभा में शामिल होता है, या उसमें बना रहता है, उसे गैरकानूनी सभा का सदस्य कहा जाता है और ऐसे सदस्य को किसी भी प्रकार के कारावास से छह महीने तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(3) जो कोई भी गैरकानूनी सभा में शामिल होता है या उसमें बना रहता है, यह जानते हुए कि ऐसी गैरकानूनी सभा को कानून द्वारा निर्धारित तरीके से तितर-बितर होने का आदेश दिया गया है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दो वर्ष तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(4) जो कोई भी किसी घातक हथियार से, या किसी ऐसी वस्तु से, जिसका प्रयोग अपराध के हथियार के रूप में मृत्यु का कारण बन सकता है, किसी गैरकानूनी सभा का सदस्य है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दो वर्ष तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(5) जो कोई जानबूझकर पाँच या दो से अधिक व्यक्तियों की किसी सभा में शामिल होता है या उसमें बना रहता है, जिससे सार्वजनिक शांति भंग होने की संभावना हो, जबकि ऐसी सभा को विधिवत रूप से तितर-बितर होने का आदेश दिया जा चुका हो, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से छह महीने तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
स्पष्टीकरण। ---यदि सभा उपधारा (1) के अर्थ में गैरकानूनी सभा है, तो अपराधी उपधारा (3) के तहत दंडनीय होगा।
(6) जो कोई भी किसी व्यक्ति को किसी गैरकानूनी सभा में शामिल होने या उसका सदस्य बनने के लिए नियुक्त करता है, उसे काम पर रखता है, उसे पदोन्नत करता है, या उसकी नियुक्ति, नियुक्ति या नियुक्ति में मिलीभगत करता है, तो उसे ऐसी गैरकानूनी सभा के सदस्य के रूप में दंडित किया जाएगा, और ऐसे किसी भी अपराध के लिए जो ऐसे व्यक्ति द्वारा ऐसी गैरकानूनी सभा के सदस्य के रूप में ऐसी नियुक्ति, नियुक्ति या नियुक्ति के अनुसरण में किया जा सकता है, उसी प्रकार दंडित किया जाएगा जैसे कि वह ऐसी गैरकानूनी सभा का सदस्य होता, या उसने स्वयं ऐसा अपराध किया होता।
(7) जो कोई अपने कब्जे या देखरेख में स्थित किसी घर या परिसर में, या अपने नियंत्रण में, ऐसे व्यक्तियों को शरण देता है, प्राप्त करता है या इकट्ठा करता है, यह जानते हुए कि ऐसे व्यक्तियों को किसी गैरकानूनी सभा में शामिल होने या सदस्य बनने के लिए किराए पर लिया गया है, नियुक्त किया गया है या नियोजित किया जाने वाला है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से छह महीने तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(8) जो कोई उपधारा (1) में निर्दिष्ट किसी भी कार्य को करने या उसमें सहायता करने के लिए नियुक्त या किराए पर लिया जाता है, या नियुक्त या किराए पर लिए जाने का प्रस्ताव करता है या प्रयास करता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से छह महीने तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(9) जो कोई भी उपधारा (8) में निर्दिष्ट अनुसार कार्यरत या किराए पर लिया हुआ हो, यदि वह किसी घातक हथियार से, या किसी ऐसी वस्तु से, जिसका प्रयोग अपराध के हथियार के रूप में मृत्यु का कारण बन सकता है, सशस्त्र होकर जाता है, या सशस्त्र होकर जाने का कार्य करता है, तो उसे किसी भी प्रकार के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक बढ़ सकती है, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
