पाठ लगभग अपरिवर्तित है
IPC धारा 118 अब BNS धारा 58 है
धारा 118 - मॄत्यु या आजीवन कारावास से दंडनीय अपराध करने की परिकल्पना को छिपाना
पुराना कानून
IPC §118
धारा 118 - मॄत्यु या आजीवन कारावास से दंडनीय अपराध करने की परिकल्पना को छिपाना
मॄत्यु या आजीवन कारावास से दंडनीय अपराध करने की परिकल्पना को छिपाना
जो कोई मॄत्यु या आजीवन कारावास से दंडनीय अपराध का किया जाना सुकर बनाने के आशय से या संभाव्यतः तद्द्वारा सुकर बनाएगा यह जानते हुए,
ऐसे अपराध के किए जाने की परिकल्पना के अस्तित्व को किसी, कार्य या अवैध लोप द्वारा स्वेच्छया छिपाएगा या ऐसी परिकल्पना के बारे में ऐसा व्यपदेशन करेगा जिसका मिथ्या होना वह जानता है,
यदि अपराध कर दिया जाए - यदि अपराध नहीं किया जाए - यदि ऐसा अपराध कर दिया जाए, तो वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, अथवा यदि अपराध न किया जाए, तो वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और दोनों दशाओं में से हर एक में जुर्माने से भी दंडनीय होगा ।
दृष्टांत :
क, यह जानते हुए कि ख स्थान पर डकैती पड़ने वाली है, मजिस्ट्रेट को यह मिथ्या इत्तिला देता है कि डकैती ग स्थान पर, जो विपरीत दिशा में है, पड़ने वाली है और इस आशय से कि तद्द्वारा उस अपराध का किया जाना सुकर बनाए मजिस्ट्रेट को भुलावा देता है । डकैती परिकल्पना के अनुसरण में ख स्थान पर पड़ती है । क इस धारा के अधीन दंडनीय है ।
पूरा पढ़ें: IPC §118जो कोई मॄत्यु या आजीवन कारावास से दंडनीय अपराध का किया जाना सुकर बनाने के आशय से या संभाव्यतः तद्द्वारा सुकर बनाएगा यह जानते हुए,
ऐसे अपराध के किए जाने की परिकल्पना के अस्तित्व को किसी, कार्य या अवैध लोप द्वारा स्वेच्छया छिपाएगा या ऐसी परिकल्पना के बारे में ऐसा व्यपदेशन करेगा जिसका मिथ्या होना वह जानता है,
यदि अपराध कर दिया जाए - यदि अपराध नहीं किया जाए - यदि ऐसा अपराध कर दिया जाए, तो वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, अथवा यदि अपराध न किया जाए, तो वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और दोनों दशाओं में से हर एक में जुर्माने से भी दंडनीय होगा ।
दृष्टांत :
क, यह जानते हुए कि ख स्थान पर डकैती पड़ने वाली है, मजिस्ट्रेट को यह मिथ्या इत्तिला देता है कि डकैती ग स्थान पर, जो विपरीत दिशा में है, पड़ने वाली है और इस आशय से कि तद्द्वारा उस अपराध का किया जाना सुकर बनाए मजिस्ट्रेट को भुलावा देता है । डकैती परिकल्पना के अनुसरण में ख स्थान पर पड़ती है । क इस धारा के अधीन दंडनीय है ।
नया कानून
BNS §58
किसी अपराध को अंजाम देने की योजना को छिपाना, जिसके लिए मृत्युदंड या आजीवन कारावास की सजा हो सकती है।
जो कोई भी किसी ऐसे अपराध को अंजाम देने में सहायता करने के इरादे से या यह जानते हुए कि इससे मृत्युदंड या आजीवन कारावास से दंडनीय अपराध को अंजाम देने में सहायता मिलने की संभावना है, स्वेच्छा से किसी भी कार्य या चूक से, या एन्क्रिप्शन या किसी अन्य सूचना छिपाने वाले उपकरण के उपयोग से, ऐसे अपराध को अंजाम देने की योजना के अस्तित्व को छुपाता है या ऐसी योजना के संबंध में कोई ऐसा बयान देता है जिसे वह जानता है कि वह झूठा है, तो...
(क) यदि वह अपराध किया जाए, तो उसे किसी भी प्रकार के कारावास से सात वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा; या।
(ख) यदि अपराध न किया गया हो, तो तीन वर्ष तक की अवधि के लिए किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा और जुर्माना भी लगाया जाएगा।
चित्रण ।
ए, यह जानते हुए कि बी पर डकैती होने वाली है, मजिस्ट्रेट को झूठी सूचना देता है कि डकैती सी पर होने वाली है, जो विपरीत दिशा में स्थित है, और इस प्रकार अपराध को अंजाम देने में सहायता के लिए मजिस्ट्रेट को गुमराह करता है। इसी योजना के तहत बी पर डकैती को अंजाम दिया जाता है। ए इस धारा के अंतर्गत दंडनीय है।
पूरा पढ़ें: BNS §58(क) यदि वह अपराध किया जाए, तो उसे किसी भी प्रकार के कारावास से सात वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा; या।
(ख) यदि अपराध न किया गया हो, तो तीन वर्ष तक की अवधि के लिए किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा और जुर्माना भी लगाया जाएगा।
चित्रण ।
ए, यह जानते हुए कि बी पर डकैती होने वाली है, मजिस्ट्रेट को झूठी सूचना देता है कि डकैती सी पर होने वाली है, जो विपरीत दिशा में स्थित है, और इस प्रकार अपराध को अंजाम देने में सहायता के लिए मजिस्ट्रेट को गुमराह करता है। इसी योजना के तहत बी पर डकैती को अंजाम दिया जाता है। ए इस धारा के अंतर्गत दंडनीय है।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
