पाठ लगभग अपरिवर्तित है
IEA धारा 58 अब BSA धारा 53 है
स्वीकृत तथ्यों को साबित करना आवश्यक नहीं है
पुराना कानून
IEA §58
स्वीकृत तथ्यों को साबित करना आवश्यक नहीं है
किसी ऐसे तथ्य को किसी कार्यवाही में साबित करना आवश्यक नहीं है, जिसे उस कार्यवाही के पक्षकार या उनके अभिकर्ता सुनवाई पर स्वीकार करने के लिए सहमत हो जाते है, या जिसे वे सुनवाई के पूर्व किसी स्वहस्ताक्षरित लेख द्वारा स्वीकार करने के लिए सहमत हो जाते है या जिसके बारे में अभिवचन संबंधी किसी तत्समय प्रवृत्त नियम के अधीन यह समझ लिया जाता है कि उन्होंने उसे अपने अभिवचनों द्वारा स्वीकार कर लिया है :
परन्तु न्यायालय स्वीकृत तथ्यों को ऐसी स्वीकृतियों द्वारा साबित किए जाने से अन्यथा साबित किया जाना अपने विवेकानुसार अपेक्षित कर सकेगा ।
पूरा पढ़ें: IEA §58परन्तु न्यायालय स्वीकृत तथ्यों को ऐसी स्वीकृतियों द्वारा साबित किए जाने से अन्यथा साबित किया जाना अपने विवेकानुसार अपेक्षित कर सकेगा ।
नया कानून
BSA §53
स्वीकार किए गए तथ्यों को साबित करना आवश्यक नहीं है।
किसी भी कार्यवाही में ऐसे किसी तथ्य को साबित करने की आवश्यकता नहीं होती है जिसे संबंधित पक्षकार या उनके प्रतिनिधि सुनवाई के दौरान स्वीकार करने के लिए सहमत हों, या जिसे सुनवाई से पहले वे अपने हस्ताक्षर वाले किसी लिखित दस्तावेज द्वारा स्वीकार करने के लिए सहमत हों, या जिसे उस समय लागू किसी भी नियम के अनुसार उनके द्वारा स्वीकार किया गया माना जाता हो।
बशर्ते कि न्यायालय अपने विवेक से, स्वीकार किए गए तथ्यों को स्वीकारोक्ति के अलावा अन्य तरीकों से भी सिद्ध करने की अपेक्षा कर सकता है।
पूरा पढ़ें: BSA §53बशर्ते कि न्यायालय अपने विवेक से, स्वीकार किए गए तथ्यों को स्वीकारोक्ति के अलावा अन्य तरीकों से भी सिद्ध करने की अपेक्षा कर सकता है।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
