पाठ लगभग अपरिवर्तित है
IEA धारा 112 अब BSA धारा 116 है
विवाहित स्थिति के दौरान में जन्म होना धर्भजत्व का निश्चायक सबूत है
पुराना कानून
IEA §112
विवाहित स्थिति के दौरान में जन्म होना धर्भजत्व का निश्चायक सबूत है
यह तथ्य कि किसी व्यक्ती का जन्म उसकी माता और किसी पुरुष के बीच विधिमान्य विवाह के कायम रहते हुए, या उसका विघटन होने के उपरान्त माता के अविवाहित रहते हुए दो सौ अस्सी दिन के भीतर हुआ था, इस बात का निश्चायक सबूत होगा कि वह उस पुरुष का धर्मज पुत्र है, जब तक कि यह दर्शित न किया जा सके कि विवाह के पक्षकारों की परस्पर पहुँच ऐसे किसी समय नहीं थी जब उसका गर्भाधान किया जा सकता था ।
पूरा पढ़ें: IEA §112नया कानून
BSA §116
विवाह के दौरान जन्म, वैधता का निर्णायक प्रमाण है।
यदि किसी व्यक्ति का जन्म उसकी माता और किसी पुरुष के बीच वैध विवाह के दौरान हुआ हो, या विवाह विच्छेद के दो सौ अस्सी दिनों के भीतर हुआ हो, और माता अविवाहित रही हो, तो यह इस बात का निर्णायक प्रमाण होगा कि वह उस पुरुष की वैध संतान है, जब तक कि यह सिद्ध न हो जाए कि विवाह के पक्षकारों का उस समय एक-दूसरे से कोई संबंध नहीं था जब उसका जन्म हो सकता था।
पूरा पढ़ें: BSA §1161 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
