पाठ लगभग अपरिवर्तित है
CrPC धारा 444 अब BNSS धारा 489 है
धारा 444. प्रतिभुओं का उन्मोचन
पुराना कानून
CrPC §444
धारा 444. प्रतिभुओं का उन्मोचन
444. प्रतिभुओं का उन्मोचन
(1) जमानत पर छोड़े गए किसी व्यक्ति की उपस्थिति और हाजिरी के लिए सब प्रतिभू या उनमें से कोई किसी भी समय मजिस्ट्रेट से बंधपत्र को, या तो पूर्णतः या जहां तक वह आवेदकों से संबंधित है वहां तक, उन्मोचित करने के लिए आवेदन कर सकेंगे।
(2) ऐसा आवेदन किए जाने पर, मजिस्ट्रेट यह निदेश देते हुए अपना गिरफ्तारी का वारंट जारी करेगा कि इस प्रकार छोड़ा गया व्यक्ति उसके समक्ष लाया जाए।
(3) वारंट के अनुसरण में ऐसे व्यक्ति के हाजिर होने पर, अथवा उसके स्वेच्छया अभ्यर्पण करने पर, मजिस्ट्रेट बंधपत्र को, या तो पूर्णतः या जहां तक वह आवेदकों से संबंधित है वहां तक, उन्मोचित करने का निदेश देगा, और ऐसे व्यक्ति से अन्य पर्याप्त प्रतिभू देने के लिए कहेगा, और यदि वह ऐसा करने में असफल रहता है तो उसे जेल को सुपुर्द कर सकेगा।
पूरा पढ़ें: CrPC §444(1) जमानत पर छोड़े गए किसी व्यक्ति की उपस्थिति और हाजिरी के लिए सब प्रतिभू या उनमें से कोई किसी भी समय मजिस्ट्रेट से बंधपत्र को, या तो पूर्णतः या जहां तक वह आवेदकों से संबंधित है वहां तक, उन्मोचित करने के लिए आवेदन कर सकेंगे।
(2) ऐसा आवेदन किए जाने पर, मजिस्ट्रेट यह निदेश देते हुए अपना गिरफ्तारी का वारंट जारी करेगा कि इस प्रकार छोड़ा गया व्यक्ति उसके समक्ष लाया जाए।
(3) वारंट के अनुसरण में ऐसे व्यक्ति के हाजिर होने पर, अथवा उसके स्वेच्छया अभ्यर्पण करने पर, मजिस्ट्रेट बंधपत्र को, या तो पूर्णतः या जहां तक वह आवेदकों से संबंधित है वहां तक, उन्मोचित करने का निदेश देगा, और ऐसे व्यक्ति से अन्य पर्याप्त प्रतिभू देने के लिए कहेगा, और यदि वह ऐसा करने में असफल रहता है तो उसे जेल को सुपुर्द कर सकेगा।
नया कानून
BNSS §489
जमानतदारों की मुक्ति।
(1) जमानत पर रिहा किए गए व्यक्ति की उपस्थिति और हाजिरी के लिए सभी या कोई भी जमानतदार किसी भी समय मजिस्ट्रेट से बांड को पूरी तरह या आवेदकों से संबंधित हद तक मुक्त करने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
(2) ऐसा आवेदन किए जाने पर मजिस्ट्रेट अपना गिरफ्तारी वारंट जारी करेगा और निर्देश देगा कि इस प्रकार रिहा किए गए व्यक्ति को उसके समक्ष लाया जाए।
(3) वारंट के अनुसार ऐसे व्यक्ति के उपस्थित होने पर, या उसके स्वेच्छा से आत्मसमर्पण करने पर, मजिस्ट्रेट बांड को पूरी तरह से या आवेदकों से संबंधित हिस्से तक माफ करने का निर्देश देगा, और ऐसे व्यक्ति को अन्य पर्याप्त जमानतदार खोजने के लिए कहेगा, और यदि वह ऐसा करने में विफल रहता है, तो उसे जेल भेज सकता है।
पूरा पढ़ें: BNSS §489(2) ऐसा आवेदन किए जाने पर मजिस्ट्रेट अपना गिरफ्तारी वारंट जारी करेगा और निर्देश देगा कि इस प्रकार रिहा किए गए व्यक्ति को उसके समक्ष लाया जाए।
(3) वारंट के अनुसार ऐसे व्यक्ति के उपस्थित होने पर, या उसके स्वेच्छा से आत्मसमर्पण करने पर, मजिस्ट्रेट बांड को पूरी तरह से या आवेदकों से संबंधित हिस्से तक माफ करने का निर्देश देगा, और ऐसे व्यक्ति को अन्य पर्याप्त जमानतदार खोजने के लिए कहेगा, और यदि वह ऐसा करने में विफल रहता है, तो उसे जेल भेज सकता है।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
