पाठ लगभग अपरिवर्तित है
CrPC धारा 310 अब BNSS धारा 347 है
धारा 310. स्थानीय निरीक्षण
पुराना कानून
CrPC §310
धारा 310. स्थानीय निरीक्षण
310. स्थानीय निरीक्षण
(1) कोई न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट किसी जांच, विचारण या अन्य कार्यवाही के किसी भी प्रक्रम पर, पक्षकारों को सम्यक् सूचना देने के पश्चात्, किसी ऐसे स्थान का, जिसमें किसी अपराध का किया जाना अभिकथित है, अथवा किसी अन्य ऐसे स्थान का, जिसका ऐसी जांच या विचारण में दिए गए साक्ष्य का सम्यक् मूल्यांकन करने के प्रयोजन के लिए देखा जाना उसकी राय में आवश्यक है, दौरा और निरीक्षण कर सकेगा, और वह ऐसे निरीक्षण में देखे गए किसी सुसंगत तथ्य का ज्ञापन अनावश्यक विलंब के बिना अभिलिखित करेगा।
(2) ऐसा ज्ञापन मामले के अभिलेख का भाग होगा और यदि अभियोजक, परिवादी या अभियुक्त अथवा मामले का कोई अन्य पक्षकार ऐसा चाहे तो उसे उस ज्ञापन की एक प्रति निःशुल्क दी जाएगी।
पूरा पढ़ें: CrPC §310(1) कोई न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट किसी जांच, विचारण या अन्य कार्यवाही के किसी भी प्रक्रम पर, पक्षकारों को सम्यक् सूचना देने के पश्चात्, किसी ऐसे स्थान का, जिसमें किसी अपराध का किया जाना अभिकथित है, अथवा किसी अन्य ऐसे स्थान का, जिसका ऐसी जांच या विचारण में दिए गए साक्ष्य का सम्यक् मूल्यांकन करने के प्रयोजन के लिए देखा जाना उसकी राय में आवश्यक है, दौरा और निरीक्षण कर सकेगा, और वह ऐसे निरीक्षण में देखे गए किसी सुसंगत तथ्य का ज्ञापन अनावश्यक विलंब के बिना अभिलिखित करेगा।
(2) ऐसा ज्ञापन मामले के अभिलेख का भाग होगा और यदि अभियोजक, परिवादी या अभियुक्त अथवा मामले का कोई अन्य पक्षकार ऐसा चाहे तो उसे उस ज्ञापन की एक प्रति निःशुल्क दी जाएगी।
नया कानून
BNSS §347
स्थानीय निरीक्षण।
(1) कोई न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट किसी भी जांच, मुकदमे या अन्य कार्यवाही के किसी भी चरण में, पक्षों को विधिवत सूचना देने के बाद, उस स्थान का दौरा और निरीक्षण कर सकता है जहां कथित रूप से कोई अपराध किया गया हो, या किसी अन्य स्थान का जिसे वह ऐसी जांच या मुकदमे में दिए गए साक्ष्यों का उचित मूल्यांकन करने के उद्देश्य से देखना आवश्यक समझता हो, और ऐसे निरीक्षण में देखे गए किसी भी प्रासंगिक तथ्य का ज्ञापन बिना किसी अनावश्यक देरी के दर्ज करेगा।
(2) ऐसा ज्ञापन मामले के अभिलेख का हिस्सा होगा और यदि अभियोजक, शिकायतकर्ता या आरोपी या मामले का कोई अन्य पक्ष चाहे तो उसे ज्ञापन की एक प्रति नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।
पूरा पढ़ें: BNSS §347(2) ऐसा ज्ञापन मामले के अभिलेख का हिस्सा होगा और यदि अभियोजक, शिकायतकर्ता या आरोपी या मामले का कोई अन्य पक्ष चाहे तो उसे ज्ञापन की एक प्रति नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
