पाठ लगभग अपरिवर्तित है
CrPC धारा 287 अब BNSS धारा 322 है
धारा 287. पक्षकार साक्षियों की परीक्षा कर सकेंगे
पुराना कानून
CrPC §287
धारा 287. पक्षकार साक्षियों की परीक्षा कर सकेंगे
287. पक्षकार साक्षियों की परीक्षा कर सकेंगे
(1) इस संहिता के अधीन किसी ऐसी कार्यवाही के पक्षकार, जिसमें कमीशन जारी किया गया है, क्रमशः कोई ऐसी लिखित प्रश्नावली भेज सकेंगे जिसे कमीशन का निदेश देने वाला न्यायालय या मजिस्ट्रेट विवाद्यक के लिए सुसंगत समझे, और उस मजिस्ट्रेट, न्यायालय या अधिकारी के लिए, जिसे कमीशन निदिष्ट किया गया है या जिसे उसके निष्पादन का कर्तव्य प्रत्यायोजित किया गया है, ऐसी प्रश्नावली पर साक्षी की परीक्षा करना विधिपूर्ण होगा।
(2) कोई ऐसा पक्षकार ऐसे मजिस्ट्रेट, न्यायालय या अधिकारी के समक्ष प्लीडर द्वारा, या यदि वह अभिरक्षा में नहीं है तो स्वयं, उपस्थित हो सकेगा और उक्त साक्षी की परीक्षा, प्रतिपरीक्षा तथा पुनःपरीक्षा (जैसी स्थिति हो) कर सकेगा।
पूरा पढ़ें: CrPC §287(1) इस संहिता के अधीन किसी ऐसी कार्यवाही के पक्षकार, जिसमें कमीशन जारी किया गया है, क्रमशः कोई ऐसी लिखित प्रश्नावली भेज सकेंगे जिसे कमीशन का निदेश देने वाला न्यायालय या मजिस्ट्रेट विवाद्यक के लिए सुसंगत समझे, और उस मजिस्ट्रेट, न्यायालय या अधिकारी के लिए, जिसे कमीशन निदिष्ट किया गया है या जिसे उसके निष्पादन का कर्तव्य प्रत्यायोजित किया गया है, ऐसी प्रश्नावली पर साक्षी की परीक्षा करना विधिपूर्ण होगा।
(2) कोई ऐसा पक्षकार ऐसे मजिस्ट्रेट, न्यायालय या अधिकारी के समक्ष प्लीडर द्वारा, या यदि वह अभिरक्षा में नहीं है तो स्वयं, उपस्थित हो सकेगा और उक्त साक्षी की परीक्षा, प्रतिपरीक्षा तथा पुनःपरीक्षा (जैसी स्थिति हो) कर सकेगा।
नया कानून
BNSS §322
पक्षकार गवाहों से पूछताछ कर सकते हैं।
(1) इस संहिता के अंतर्गत किसी भी कार्यवाही में, जिसमें कोई कमीशन जारी किया जाता है, पक्षकार क्रमशः लिखित में कोई भी प्रश्नपत्र भेज सकते हैं, जिसे कमीशन जारी करने वाला न्यायालय या मजिस्ट्रेट मामले से प्रासंगिक समझे, और मजिस्ट्रेट, न्यायालय या अधिकारी, जिसे कमीशन जारी करने का निर्देश दिया गया है, या जिसे इसे निष्पादित करने का कर्तव्य सौंपा गया है, के लिए ऐसे प्रश्नोंपत्रों पर गवाह से पूछताछ करना वैध होगा।
(2) ऐसा कोई पक्षकार किसी अधिवक्ता के माध्यम से या यदि हिरासत में नहीं है तो स्वयं उपस्थित होकर ऐसे मजिस्ट्रेट, न्यायालय या अधिकारी के समक्ष उपस्थित हो सकता है और उक्त गवाह से पूछताछ, जिरह और पुनः पूछताछ कर सकता है।
पूरा पढ़ें: BNSS §322(2) ऐसा कोई पक्षकार किसी अधिवक्ता के माध्यम से या यदि हिरासत में नहीं है तो स्वयं उपस्थित होकर ऐसे मजिस्ट्रेट, न्यायालय या अधिकारी के समक्ष उपस्थित हो सकता है और उक्त गवाह से पूछताछ, जिरह और पुनः पूछताछ कर सकता है।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
