पाठ लगभग अपरिवर्तित है
CrPC धारा 198B अब BNSS धारा 221 है
धारा 198B. अपराध का संज्ञान
पुराना कानून
CrPC §198B
धारा 198B. अपराध का संज्ञान
198B. अपराध का संज्ञान
कोई न्यायालय, भारतीय दण्ड संहिता, 1860 (1860 का 45) की धारा 376ख के अधीन दंडनीय किसी अपराध का, जहां व्यक्ति वैवाहिक संबंध में हैं, संज्ञान, पत्नी द्वारा पति के विरुद्ध प्रस्तुत किए गए या किए गए परिवाद पर उन तथ्यों की, जो उस अपराध का गठन करते हैं, प्रथमदृष्ट्या तुष्टि के सिवाय, नहीं करेगा ।
पूरा पढ़ें: CrPC §198Bकोई न्यायालय, भारतीय दण्ड संहिता, 1860 (1860 का 45) की धारा 376ख के अधीन दंडनीय किसी अपराध का, जहां व्यक्ति वैवाहिक संबंध में हैं, संज्ञान, पत्नी द्वारा पति के विरुद्ध प्रस्तुत किए गए या किए गए परिवाद पर उन तथ्यों की, जो उस अपराध का गठन करते हैं, प्रथमदृष्ट्या तुष्टि के सिवाय, नहीं करेगा ।
नया कानून
BNSS §221
अपराध का संज्ञान।
कोई भी न्यायालय भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 67 के तहत दंडनीय अपराध का संज्ञान तब तक नहीं लेगा, जब तक कि पत्नी द्वारा पति के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराने पर अपराध गठित करने वाले तथ्यों से प्रथम दृष्टया संतुष्टि न हो जाए।
पूरा पढ़ें: BNSS §2211 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
