पाठ लगभग अपरिवर्तित है
BSA धारा 125 अब IEA धारा 119 है
गवाह मौखिक रूप से संवाद करने में असमर्थ है।
पुराना कानून
BSA §125
गवाह मौखिक रूप से संवाद करने में असमर्थ है।
जो गवाह बोलने में असमर्थ है, वह अपनी गवाही किसी अन्य तरीके से दे सकता है जिससे वह समझ में आ सके, जैसे लिखकर या इशारों से; लेकिन ऐसा लेखन लिखित रूप में होना चाहिए और इशारे खुले न्यायालय में किए जाने चाहिए और इस प्रकार दी गई गवाही मौखिक गवाही मानी जाएगी।
बशर्ते कि यदि गवाह मौखिक रूप से संवाद करने में असमर्थ है, तो न्यायालय बयान दर्ज करने में दुभाषिया या विशेष प्रशिक्षक की सहायता लेगा, और ऐसे बयान की वीडियोग्राफी की जाएगी।
पूरा पढ़ें: BSA §125बशर्ते कि यदि गवाह मौखिक रूप से संवाद करने में असमर्थ है, तो न्यायालय बयान दर्ज करने में दुभाषिया या विशेष प्रशिक्षक की सहायता लेगा, और ऐसे बयान की वीडियोग्राफी की जाएगी।
नया कानून
IEA §119
साक्षी का मौखिक रुप से संसूचित करने में असमर्थ होना
ऐसा कोई साक्षी, जो बोलने में असमर्थ है , ऐसी किसी अन्य रीति में, जिससे वह उसे बोधगम्य बना सकता है जैसे कि लिखकर या संकेत चिन्हों द्वारा, अपना साक्ष्य दे सकेगा; किन्तु ऐसा लेखन लिखित रुप में होना चाहिए और खुले न्यायालय में प्रकट संकेत चिन्ह तथा इस पअकार दिया गया साक्ष्य मौखिक साक्ष्य माना जाएगा :
परन्तु यदि साक्षी मौखिक रुप से संसूचित करने में असमर्थ है तो न्यायालय कथन अभिलिखित करने में किसी द्विभाषिए या विशेष प्रबोधक की सहायता लेगा और ऐसे कथन की वीडियो फिल्म तैयार की जाएगी ।
पूरा पढ़ें: IEA §119परन्तु यदि साक्षी मौखिक रुप से संसूचित करने में असमर्थ है तो न्यायालय कथन अभिलिखित करने में किसी द्विभाषिए या विशेष प्रबोधक की सहायता लेगा और ऐसे कथन की वीडियो फिल्म तैयार की जाएगी ।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
