पाठ लगभग अपरिवर्तित है
BNSS धारा 499 अब CrPC धारा 453 है
अभियुक्त के पास से प्राप्त धन का भुगतान निर्दोष खरीदार को किया गया।
पुराना कानून
BNSS §499
अभियुक्त के पास से प्राप्त धन का भुगतान निर्दोष खरीदार को किया गया।
जब किसी व्यक्ति को किसी ऐसे अपराध के लिए दोषी ठहराया जाता है जिसमें चोरी या चोरी की संपत्ति प्राप्त करना शामिल है या इसके बराबर है, और यह सिद्ध हो जाता है कि किसी अन्य व्यक्ति ने उससे चोरी की संपत्ति यह जाने बिना या यह मानने का कोई कारण न होते हुए कि वह चोरी की थी, खरीदी थी, और उसकी गिरफ्तारी पर दोषी व्यक्ति के कब्जे से कोई धन जब्त किया गया है, तो न्यायालय, ऐसे खरीदार के आवेदन पर और चोरी की संपत्ति को उसके कब्जे के हकदार व्यक्ति को वापस सौंपने पर, आदेश दे सकता है कि ऐसे धन में से खरीदार द्वारा भुगतान की गई कीमत से अधिक राशि ऐसे आदेश की तारीख से छह महीने के भीतर उसे सौंप दी जाए।
पूरा पढ़ें: BNSS §499नया कानून
CrPC §453
धारा 453. अभियुक्त पर पाए गए धन में से निर्दोष क्रेता को संदाय
453. अभियुक्त पर पाए गए धन में से निर्दोष क्रेता को संदाय
जब कोई व्यक्ति किसी ऐसे अपराध के लिए दोषसिद्ध किया जाता है, जिसके अंतर्गत चोरी या चुराई हुई संपत्ति प्राप्त करना है या जो उसकी कोटि में आता है, और यह साबित हो जाता है कि किसी अन्य व्यक्ति ने वह चुराई हुई संपत्ति उससे यह जाने बिना या यह विश्वास करने का कारण हुए बिना कि वह चुराई हुई थी, खरीदी थी, तथा यह कि उसकी गिरफ्तारी पर दोषसिद्ध व्यक्ति के कब्जे से कोई धन लिया गया है, तब न्यायालय, ऐसे क्रेता के आवेदन पर और चुराई हुई संपत्ति के, उसके कब्जे के हकदार व्यक्ति को, प्रत्यास्थापन पर, यह आदेश दे सकेगा कि ऐसे धन में से ऐसी रकम, जो ऐसे क्रेता द्वारा दी गई कीमत से अधिक न हो, उसे परिदत्त कर दी जाए।
पूरा पढ़ें: CrPC §453जब कोई व्यक्ति किसी ऐसे अपराध के लिए दोषसिद्ध किया जाता है, जिसके अंतर्गत चोरी या चुराई हुई संपत्ति प्राप्त करना है या जो उसकी कोटि में आता है, और यह साबित हो जाता है कि किसी अन्य व्यक्ति ने वह चुराई हुई संपत्ति उससे यह जाने बिना या यह विश्वास करने का कारण हुए बिना कि वह चुराई हुई थी, खरीदी थी, तथा यह कि उसकी गिरफ्तारी पर दोषसिद्ध व्यक्ति के कब्जे से कोई धन लिया गया है, तब न्यायालय, ऐसे क्रेता के आवेदन पर और चुराई हुई संपत्ति के, उसके कब्जे के हकदार व्यक्ति को, प्रत्यास्थापन पर, यह आदेश दे सकेगा कि ऐसे धन में से ऐसी रकम, जो ऐसे क्रेता द्वारा दी गई कीमत से अधिक न हो, उसे परिदत्त कर दी जाए।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
