पाठ लगभग अपरिवर्तित है
BNSS धारा 389 अब CrPC धारा 350 है
समन का पालन न करने पर गवाह को दंडित करने की संक्षिप्त प्रक्रिया।
पुराना कानून
BNSS §389
समन का पालन न करने पर गवाह को दंडित करने की संक्षिप्त प्रक्रिया।
(1) यदि किसी गवाह को आपराधिक न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने के लिए बुलाया जाता है और वह समन के अनुपालन में किसी निश्चित स्थान और समय पर उपस्थित होने के लिए विधिवत बाध्य है, तथा बिना किसी उचित कारण के उस स्थान या समय पर उपस्थित होने में लापरवाही करता है या इनकार करता है, या उस स्थान से प्रस्थान करने के वैध समय से पहले प्रस्थान कर देता है जहाँ उसे उपस्थित होना है, और जिस न्यायालय के समक्ष गवाह को उपस्थित होना है, वह संतुष्ट है कि न्याय के हित में ऐसे गवाह का संक्षिप्त रूप से विचारण करना उचित है, तो न्यायालय अपराध का संज्ञान ले सकता है और अपराधी को इस धारा के अंतर्गत दंडित न किए जाने का कारण बताने का अवसर देने के बाद, उसे पाँच सौ रुपये से अधिक का जुर्माना नहीं लगा सकता है।
(2) ऐसे प्रत्येक मामले में न्यायालय यथासंभव संक्षिप्त सुनवाई के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करेगा।
पूरा पढ़ें: BNSS §389(2) ऐसे प्रत्येक मामले में न्यायालय यथासंभव संक्षिप्त सुनवाई के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करेगा।
नया कानून
CrPC §350
धारा 350. समन के आज्ञापालन में साक्षी के उपस्थित न होने पर दंड के लिए संक्षिप्त प्रक्रिया
350. समन के आज्ञापालन में साक्षी के उपस्थित न होने पर दंड के लिए संक्षिप्त प्रक्रिया
(1) यदि कोई साक्षी, जिसे किसी दंड न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने के लिए समन किया गया है और जो समन के आज्ञापालन में किसी निश्चित स्थान और समय पर उपस्थित होने के लिए विधित: आबद्ध है, न्यायोचित प्रतिहेतु के बिना उस स्थान या उस समय पर उपस्थित होने में उपेक्षा करता है या इनकार करता है, या उस स्थान से, जहां उसे उपस्थित होना है, उस समय से पूर्व चला जाता है जब उसका जाना विधिपूर्ण है, और वह न्यायालय, जिसके समक्ष साक्षी को उपस्थित होना है, इस बात से समाधान हो जाता है कि न्याय के हित में यह समीचीन है कि ऐसे साक्षी का संक्षिप्त रूप से विचारण किया जाए, तो न्यायालय उस अपराध का संज्ञान कर सकेगा और अपराधी को यह कारण दर्शित करने का अवसर देने के पश्चात् कि उसे इस धारा के अधीन दंडित क्यों न किया जाए, उसे एक सौ रुपये से अनधिक जुर्माने का दंडादेश दे सकेगा।
(2) प्रत्येक ऐसे मामले में न्यायालय, जहां तक साध्य हो, संक्षिप्त विचारणों के लिए विहित प्रक्रिया का अनुसरण करेगा।
पूरा पढ़ें: CrPC §350(1) यदि कोई साक्षी, जिसे किसी दंड न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने के लिए समन किया गया है और जो समन के आज्ञापालन में किसी निश्चित स्थान और समय पर उपस्थित होने के लिए विधित: आबद्ध है, न्यायोचित प्रतिहेतु के बिना उस स्थान या उस समय पर उपस्थित होने में उपेक्षा करता है या इनकार करता है, या उस स्थान से, जहां उसे उपस्थित होना है, उस समय से पूर्व चला जाता है जब उसका जाना विधिपूर्ण है, और वह न्यायालय, जिसके समक्ष साक्षी को उपस्थित होना है, इस बात से समाधान हो जाता है कि न्याय के हित में यह समीचीन है कि ऐसे साक्षी का संक्षिप्त रूप से विचारण किया जाए, तो न्यायालय उस अपराध का संज्ञान कर सकेगा और अपराधी को यह कारण दर्शित करने का अवसर देने के पश्चात् कि उसे इस धारा के अधीन दंडित क्यों न किया जाए, उसे एक सौ रुपये से अनधिक जुर्माने का दंडादेश दे सकेगा।
(2) प्रत्येक ऐसे मामले में न्यायालय, जहां तक साध्य हो, संक्षिप्त विचारणों के लिए विहित प्रक्रिया का अनुसरण करेगा।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
