पुराना कानून
BNSS §289
अध्याय का अनुप्रयोग।
(1) यह अध्याय ऐसे अभियुक्त के संबंध में लागू होगा जिसके विरुद्ध—
(क) पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी द्वारा धारा 193 के तहत रिपोर्ट भेजी गई है जिसमें यह आरोप लगाया गया है कि उसके द्वारा ऐसा अपराध किया गया प्रतीत होता है जो उस अपराध से इतर है जिसके लिए उस समय लागू कानून के तहत मृत्युदंड या आजीवन कारावास या सात वर्ष से अधिक की अवधि के कारावास का प्रावधान है; या
(ख) किसी मजिस्ट्रेट ने शिकायत पर किसी अपराध का संज्ञान लिया है, सिवाय उस अपराध के जिसके लिए तत्कालीन कानून के तहत मृत्युदंड, आजीवन कारावास या सात वर्ष से अधिक की अवधि के कारावास का प्रावधान है, और धारा 223 के तहत शिकायतकर्ता और गवाहों की जांच करने के बाद, धारा 227 के तहत प्रक्रिया जारी की है।
लेकिन यह नियम उन मामलों में लागू नहीं होता जहां ऐसा अपराध देश की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को प्रभावित करता हो या किसी महिला या बच्चे के खिलाफ किया गया हो।
(2) उपधारा (1) के प्रयोजनों के लिए, केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा, उस समय लागू कानून के अंतर्गत उन अपराधों का निर्धारण करेगी जो देश की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को प्रभावित करने वाले अपराध होंगे।
पूरा पढ़ें: BNSS §289(क) पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी द्वारा धारा 193 के तहत रिपोर्ट भेजी गई है जिसमें यह आरोप लगाया गया है कि उसके द्वारा ऐसा अपराध किया गया प्रतीत होता है जो उस अपराध से इतर है जिसके लिए उस समय लागू कानून के तहत मृत्युदंड या आजीवन कारावास या सात वर्ष से अधिक की अवधि के कारावास का प्रावधान है; या
(ख) किसी मजिस्ट्रेट ने शिकायत पर किसी अपराध का संज्ञान लिया है, सिवाय उस अपराध के जिसके लिए तत्कालीन कानून के तहत मृत्युदंड, आजीवन कारावास या सात वर्ष से अधिक की अवधि के कारावास का प्रावधान है, और धारा 223 के तहत शिकायतकर्ता और गवाहों की जांच करने के बाद, धारा 227 के तहत प्रक्रिया जारी की है।
लेकिन यह नियम उन मामलों में लागू नहीं होता जहां ऐसा अपराध देश की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को प्रभावित करता हो या किसी महिला या बच्चे के खिलाफ किया गया हो।
(2) उपधारा (1) के प्रयोजनों के लिए, केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा, उस समय लागू कानून के अंतर्गत उन अपराधों का निर्धारण करेगी जो देश की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को प्रभावित करने वाले अपराध होंगे।
नया कानून
CrPC §265A
धारा 265A. अध्याय का लागू होना
265A. अध्याय का लागू होना
(1) यह अध्याय ऐसे अभियुक्त के संबंध में लागू होगा जिसके विरुद्ध—
(क) पुलिस थाने के भारसाधक अधिकारी द्वारा धारा 173 के अधीन यह अभिकथन करते हुए रिपोर्ट भेजी गई है कि उसके द्वारा ऐसा अपराध किया गया प्रतीत होता है जो ऐसा अपराध नहीं है जिसके लिए तत्समय प्रवृत्त विधि के अधीन मृत्यु या आजीवन कारावास या सात वर्ष से अधिक की अवधि के कारावास का दंड उपबंधित है; या
(ख) मजिस्ट्रेट ने परिवाद पर ऐसे अपराध का, जो ऐसा अपराध नहीं है जिसके लिए तत्समय प्रवृत्त विधि के अधीन मृत्यु या आजीवन कारावास या सात वर्ष से अधिक की अवधि के कारावास का दंड उपबंधित है, संज्ञान किया है तथा धारा 200 के अधीन परिवादी और साक्षियों की परीक्षा करने के पश्चात् धारा 204 के अधीन आदेशिका जारी की है,
किंतु यह वहां लागू नहीं होगा जहां ऐसा अपराध देश की सामाजिक-आर्थिक दशा पर प्रभाव डालता है अथवा किसी स्त्री के या चौदह वर्ष से कम आयु के किसी बालक के विरुद्ध किया गया है।
(2) उपधारा (1) के प्रयोजनों के लिए, केंद्रीय सरकार, अधिसूचना द्वारा, तत्समय प्रवृत्त विधि के अधीन उन अपराधों का अवधारण करेगी जो देश की सामाजिक-आर्थिक दशा पर प्रभाव डालने वाले अपराध होंगे।
पूरा पढ़ें: CrPC §265A(1) यह अध्याय ऐसे अभियुक्त के संबंध में लागू होगा जिसके विरुद्ध—
(क) पुलिस थाने के भारसाधक अधिकारी द्वारा धारा 173 के अधीन यह अभिकथन करते हुए रिपोर्ट भेजी गई है कि उसके द्वारा ऐसा अपराध किया गया प्रतीत होता है जो ऐसा अपराध नहीं है जिसके लिए तत्समय प्रवृत्त विधि के अधीन मृत्यु या आजीवन कारावास या सात वर्ष से अधिक की अवधि के कारावास का दंड उपबंधित है; या
(ख) मजिस्ट्रेट ने परिवाद पर ऐसे अपराध का, जो ऐसा अपराध नहीं है जिसके लिए तत्समय प्रवृत्त विधि के अधीन मृत्यु या आजीवन कारावास या सात वर्ष से अधिक की अवधि के कारावास का दंड उपबंधित है, संज्ञान किया है तथा धारा 200 के अधीन परिवादी और साक्षियों की परीक्षा करने के पश्चात् धारा 204 के अधीन आदेशिका जारी की है,
किंतु यह वहां लागू नहीं होगा जहां ऐसा अपराध देश की सामाजिक-आर्थिक दशा पर प्रभाव डालता है अथवा किसी स्त्री के या चौदह वर्ष से कम आयु के किसी बालक के विरुद्ध किया गया है।
(2) उपधारा (1) के प्रयोजनों के लिए, केंद्रीय सरकार, अधिसूचना द्वारा, तत्समय प्रवृत्त विधि के अधीन उन अपराधों का अवधारण करेगी जो देश की सामाजिक-आर्थिक दशा पर प्रभाव डालने वाले अपराध होंगे।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
